बुधवार, नवंबर 05, 2008

पीठासीन अधिकारी व मतदान अधिकारियों का प्रशिक्षण

पीठासीन अधिकारी व मतदान अधिकारियों का प्रशिक्षण

मतदान से पूर्व मॉक पोल कराना अनिवार्य

भिण्ड 4 नवम्बर 2008

       मतदान प्रारंभ कराने से पूर्व प्रत्येक मतदान केन्द्र पर माँक पोल (प्रदर्शन-मतदान) कराया जाना अनिवार्य है तभी मतदान प्रक्रिया की वैधानिका मान्य की जावेगी। यह निर्देश कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री सुहेल अली ने जिला मुख्यालय पर विधानसभा क्षैत्र भिण्ड और अटेर के पीठासीन अधिकारी व मतदान अधिकारी क्रमांक एक के प्रशिक्षण के दौरान दिए। प्रशिक्षण कार्यक्रम दो पालियों में एमजेएस डाइट, नगर पालिका परिषद तथा शाउमावि विद्यालय क्रमांक एक में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में एडीएम एवं उपजिला निर्वाचन अधिकारी श्री आरपी भारती सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

       कलेक्टर श्री अली  ने कहा कि मतदान प्रक्रिया एक संवेदन शील प्रक्रिया है। किसी मतदान कर्मी की छोटी सी लापरवाही के कारण संपूर्ण मतदान प्रक्रिया दूषित होने की संभावना बनी रहती है। इसलिए प्रत्येक मतदान कर्मी अपने स्तर दायित्वों का निर्वाहन गंभीरता के साथ करें। किसी भी प्रकार की शंका के विषय में उसका समाधान वरिष्ठ अधिकारियों या अपने प्रशिक्षकों से आवश्यक रूप से करावे।

       उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मतदान केन्द्र पर सुबह 8 बजे मतदान प्रक्रिया प्रारंभ होने से पूर्व, एजेण्टों के समक्ष मौक पाल (प्रदर्शन मतदान) आवश्श्यक रूप से कराया जावेगा, जिसका उद्देश्य मशीन की कार्य प्रणाली और वैधता के विषय में एजेन्ड को बताया है इसके साथ ही प्रत्येक पीठासीन अधिकारी को मौक पाल से सम्बन्धित प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा।

 

       उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री भारती ने कहा कि निर्वाचन कार्य में अनेक उम्मीदवारों में से किसी एक को चुनना होता है, इलेक्ट्रोनिक मतदान मशीन एक विश्वसनीय पद्वति है।इलेक्ट्रोनिक मतदान मशीन में मुख्यत: दो यूनिट है क-कन्ट्रोल यूनिट और ख- बैलटिंग यूनिट, जिसमे कन्ट्रोल यूनिट के साथ जोडने के लिए एक केबल लगा होता है एक बैलटिंग यूनिट 16 उम्मीदवारों तक के लिये प्रयुक्त हो सकता है। आपस में जुडे हुये चार बैलटिंग यूनिट 64 उम्मीदवारों तक के लिये एक कन्ट्रोल यूनिट से प्रयोग में लाए जा सकते है। इलेक्ट्रोनिक मतदान मशीन में आधुनिक मॉइक्रोकम्प्यूटर और अन्य लार्ज स्केन इंटीग्रेशन (एलएसआई) चिप इस्तेमाल होते है तथा यह एक विशेष बैटरी से चलती है यह टैम्पर ग्रूफ है अर्थात इसमें छेडछाड की संभावना नही है,यह त्रुटि रहित तथा आसानी से चलने वाली मशीन है। इसे सरलता से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है एक बार रिकार्ड होने के बाद मतदान संबंधी सूचना मशीन की स्मृति में बनी रहती है, चाहे उसमें से बैटरी क्यो न निकाल ली जाए। यह मशीन भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अनुमोदित डिजाइन के अनुसार इलेक्ट्रोनिक कापेरिशन आफ इण्डिया लिमिटेड और भारत इलेक्ट्रोनिक लिमिटेड द्वारा निर्मित की गई है। यह मशीन भारत निर्वाचन आयोग के मार्गदर्शन में भारतीय निर्वाचनों में प्राप्त हुए पर्याप्त अनुभव के आधार पर ओर व्यापक परीक्षण के बाद तैयार की गई है।

       मास्टर ट्रेनर डा कश्यप ने अधिकारियों को बेलीटिंग एवं कन्ट्रोल यूनिट के विषय में विस्तार से समझाइस दी उन्होंने बताया कि बेलटिंग यूनिट मशीन का वह यूनिट है जिसे मतदाता मतदान करता है। यह आयताकार वक्स के रूप में होता है एक से दूसरे को जोडने वाली केबिल, रेडी लैम्प, स्लाइड स्विच पैनल, सोलह उम्मीदवारों के बटन, सोलह उम्मीदवारों के लैम्प, और पारदर्शी एक्रेलिक शीट बैलट पेपर स्क्रीन के अंन्तर्गत निर्वाचन लडने वाले उम्मीदवारों की क्रम संख्या, नाम और निर्वाचन प्रतीकों वाले मतपत्र को डालने की व्यवस्था, एक दूसरे को जोडने वाली केबिल एक सुरक्षित चपटी केबिल होती है, जिसका एक सिरा स्थायी रूप से बैलटिंग यूनिट के साथ लगा हुआ होता है इसका दूसरे सिरा नियन्त्रण यूनिट के साथ जोडने के लिए हुड के साथ कनेक्टर से लगा होता है। रेडी लैम्प बैलटिंग यूनिट के सबसे ऊपर बायी ओर होता है जब पीठासीन अधिकारी नियन्त्रण यूनिट पर बैलट बटन को दबाता है तो यह लैम्प हरा रंग देता है ताकि मतदाता अपना मत रिकार्ड कर सके मतदाता द्वारा अपना मत रिकार्ड कर लेने के बाद यह बन्द हो जाता है। स्लाइड स्विच पैनल सबसे ऊपर दायी ओर होती है बैलटिंग यूनिट के भीतर के स्लाइड स्विच को अंक एक, दो, तीन, या चार स्थितियों में से एक में सेट करने के लिये चलाया जा सकता है, जब केवल एक बैलटिंग यूनिट का प्रयोग करना हो तो स्विच को एक में सेट  करें।  यूनिट की  पारदर्शी  खिडकी  के माध्यम से स्विच की स्थिति दिखाई जाती है यदि दूसरे बैलटिंग यूनिट का प्रयोग किया जाना है तो उस यूनिट के स्विच को उस यूनिट की खिडकी से अंक दो दिखने के लिये चलाया जाता है और इसीप्रकार आगे भी चलाया जाता है। मतदाता अपनी पसंद के उम्मीदवार के नाम और प्रतीक के सामने उम्मीदवार के बटन को दबाकर अपना मत रिकार्ड करता है जब बटन को दबाया जाता है तो उस बटन के बाई तरफ का लैम्प उम्मीदवार का लैम्प लाल रंग दर्शाता है और इसप्रकार मतदाता की पसन्द रिकार्ड हो जाती है।    

 

       कन्ट्रोल यूनिट के संबंध में बताया कि यह यूनिट मतदान की प्रक्रिया को नियंत्रित करती है यह पीठासीन अधिकारी या प्रथम अधिकारी द्वारा संचालित की जाती है। कन्ट्रोल यूनिट में चार खण्ड होते है प्रदर्शन खण्ड दूसरा उम्मीदवार सेट खण्ड, तीसरा बेलेट खण्ड,परिणाम खण्ड होते है। उन्होंनें बताया कि      प्रदर्शन खण्ड में ऑन और बिजी दो लैम्प होते है और दो प्रदर्शन पैनल होते है। उम्मीदवार सेट खण्ड में एक बैटरी कम्पार्टमेन्ट और एक कैड सेट बटन कम्पार्टमेंट होता है इस भाग में एक कबर होता है जो बाये से दाहिनी ओर खुलता है बाये हाथ की सिटकिनी को दबाकर इसका कबर खोलने पर दो कम्पार्टमेंन्ट दिखायी देते है कैड सेट खण्ड के बाये और बैटरी कम्पार्टमेट होता है जो बैटरी को लगाने के लिए होता है कैंड सेट कम्पार्टमेंन्ट का दाया भाग एक फ्लाप द्वारा कबर किया जाता है जो बाये से दाये तरफ खुलता है और इसे थ्रेड सील द्वारा सील किया जा सकता है। इस खण्ड में एक लाल कैड सेट बटन स्थित है उम्मीदवार खण्ड को थ्रेड सील से बन्द या सील किया जा सकता है। परिणाम खण्ड के कबर के बाये हाथ की ओर एक दीर्घवृत्ताकार छिद्र होता है जिससे क्लोज बटन दिखायी देता है परिणाम खण्ड के बाये तरफ एक काला क्लोज बटन होता है दाहिना खण्ड वास्तव में इसका भीतरी कम्पार्टमेंट है जिसका अपना दरवाजा होता है। भीतर कम्पार्टमेंट के दरवाजे में से दीर्घवृत्ताकार छिद्र होते है जिससे रिजल्ट एक और रिजल्ट दूसरा चिन्हित बटन दिखायी देते है भीतरी दरवाजे को रिजल्ट एक एवं रिजल्ट दो बटनों के ऊपर के दो छिद्रों से अंगूठा ओर उंगली डालकर और फिर भीतर की सिटकिनियों को अन्दर की ओर हल्के से साथ साथ दबाकर खोला जा सकता है किसी भी स्थिति में भीतर के दरवाजे को उपर्युक्त वर्णित तरीके से सिटकिनी को खोले बिना जोर लगाकर नही खोलना चाहिए ताकि इस अत्यंत महत्वपूर्ण भाग को किसी प्रकार की क्षति न पहुंच सके। बैलट खण्ड में दो बटन होते है एक ग्रे रंग का टोटल बटन और एक बडा नीला बैलट बटन। होता है। उन्होंने बताया कि वोटिग मशीन में वार वार बीप आने का मतलब है मशीन में तकनीकि खराबी है, मशीन के सभी कनेक्शन पुन: चेक करने के बाद ही मतदान प्रारंभ करावे।

 

रैली, जुलूस कलेक्ट्रेट परिसर से 500 मीटर दूर रखने के निर्देश

रैली, जुलूस कलेक्ट्रेट परिसर से 500 मीटर दूर रखने के निर्देश

भिण्ड 4 नवम्बर 2008

       जुलूस,रैली व आमसभाएें कलेक्ट्रेट परिसर से 500 मीटर तक की दूरी तक सीमित रखने के निर्देश कलेक्टर श्री सुहेल अली द्वारा जारी किये है।

       एसडीएम भिण्ड श्री डीआर कुर्रे से प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सभी उम्मीदवारों को निर्देश दिए गये है कि शहर में रैली या आमसभा का आयोजन अनुमति प्राप्त करने के बाद ही किया जावे। इसके साथ ही धारा-144 क के आदेश का पालन किया जावे, कलेक्ट्रोरेट परिसर से 500 मीटर की दूरी तक सभा आयोजित की जावे। माईक 10 डेसीबल से अधिक बजाने की पाबंदी रहेगी, बाउण्ड्रीवाल के अन्दर प्रत्याशी तथा चार समर्थक नामांकन दाखिल करने हेतु प्रवेश करेंगे।संम्पूर्ण कार्यक्रम शांति पूर्वक सम्पन्न करेने के निर्देश भी दिए गये है।

 

भिण्‍ड जिले में बल्नरेबिलिटी मेपिंग की कार्रवाई प्रारंभ “मतदाता रहे बैखोफ”

भिण्‍ड जिले में बल्नरेबिलिटी मेपिंग की कार्रवाई प्रारंभ "मतदाता रहे बैखोफ"

निर्वाचन आयोग ने ग्राम बार मांगी असामाजिक तत्वों की जानकारी

भिण्ड 4 नवम्बर 2008

        प्रत्येक मतदान केन्द्र पर कि सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किये जाये, जिससे मतदाता बेखोफ होकर मतदान कर सकें। आयोग के दिशा निर्देशानुसार पर हर गांव व मजरे टोले की वल्नरेबिलिटी मेपिंग कर व क्रिटिकल मतदान केन्द्रों को चिन्हित करने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। यह काम वास्तविक तथ्यों के आधार पर हो, जिससे चिन्हित क्षेत्रों में सुरक्षा के माकूल बंदोबस्त किये जा सकें और आयोग की मंशा के अनुरूप स्वतंत्र, निष्पक्ष व शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव सम्पन्न हो सकें। यह निर्देश जिले भर के राजस्व व पुलिस अधिकारियों को कलेक्टर श्री अली ने बैठक में दिये गये । बैठक में एडीएम, एसडीएम, अनुविभागीय दण्डाधिकारी,तहसीलदार व नायब तहसीलदार तथा थाना प्रभारी मौजूद थे।

       जिले के हर गांव मजरे टोले की वल्टरेबिलटी मेपिंग करने के लिये जिला कलेक्टर सुहेल अली ने पुलिस थाना स्तर पर सोर्स लेबल दल गठित किये है यह दल एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व जिला थाना प्रभारियों को शामिल कर बनाये गये है। इन दलों को 10 नवम्बर तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने की हिदायत दी गई है। उन्होंनें बताया कि बल्नरेबिलिटी मेपिंग के तहत ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित करना है जहां बलपूर्व मतदाताओं को मतदान से वंचित करने की संभावना हो। मसलन जातिगत विद्वेष, साम्प्रदायिकता, आपराधिक प्रवृति के व किसी बाहुबली व्यक्ति द्वारा डराना धमकाना, सामुदायिक प्रतिद्वंदता तथा स्थानीय परिस्थिति जैसे जंन्य कारण जैसे डकैतों के प्रभाव आदि से मतदाता को मताधिकार से वंचित करने का अंदेशा हो। कलेक्टर ने कहा कि वल्नरेबिलिटी मेपिंग में उक्त सभी कारण एवं रसूखदार व आपराधिक प्रवृति के व्यक्तियों के नाम स्पष्टत: उल्लेखित किये जाये। उन्होंने सोर्स दलों को अपना अभिमत देने के भी निर्देश दिये है। बैठक में कलेक्टर ने क्रिटिकल मतदान केन्द्रों की प्रवृति पर भी प्रकाश डाला।

श्री अली ने कहा कि इस बार वल्नरेबिलिटी मेपिंग, मोकपोल व क्रिटिकल मतदान केन्द्र आदि के आधार पर माइक्रो ऑब्जर्बर की मतदान केन्द्रों पर तैनाती की जायेगी जो सीधे निर्वाचन प्रेक्षक को रिपोर्ट करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधात्मक आदेशों का सख्ती से पालन कराये उन्होंने बारंटो की तामीली व अपराधियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई त्वरित गति से करने पर जोर दिया और कहा कि मतदाताओं में सकारात्मक संदेश पहुंचे, इसके लिये राजस्व व पुलिस अधिकारी मतदान केन्द्रों का संयुक्त भ्रमण करें। उन्होंने जिलाबदर, एनएसए शस्त्र जमा करने की कार्रवाई पर खास ध्यान देने के निर्देश दिये।

उन्होंने बताया कि 5 नवम्बर को सोर्सलेवल टीमों का प्रशिक्षण दिया जावेगा, 8 नवम्बर को सोर्सलेवल टीम के सदस्यों द्वारा स्वयं शहरी और ग्रामीण क्षैत्रों का भ्रमण किया जावेगा, जहॉ बल्नरबिलिटी पाई जाने की संभावना है 10 नवम्बर को संपूर्ण जानकारी रिटर्निग आफीसर को प्रस्तुत करेगें। इसीक्रम में 12 नवम्बर को प्रत्येक रिटर्निग आफीसर प्रत्येक मतदान केन्द्र के संबंध में सोर्सलेवल टीम द्वारा दी गई बल्नरबिलिटी मेंपिंग के सम्बन्ध अपना अभिमत प्रस्तुत करेगें। जिला निर्वाचन अधिकारी 13 नवम्बर 2008 को प्रति वेदन मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश को उपलब्ध करायेगें। जिला निर्वाचन अधिकारी की रिर्पोट के आधार पर ही निर्वाचन आयोग द्वारा संवेदन शील मतदान की पहचान, सुरक्षा बल की तैनाती, माइक्रो अव्जर्वर की नियुक्ति जैसे विषयों पर भारत निर्वाचन आयोग एवं केन्द्रीय प्रेक्षकों द्वारा निर्णय लिया जावेगा।

मंगलवार, नवंबर 04, 2008

भिण्‍ड जिले में 19 हजार से अधिक शस्त्र जमा,शेष लायसेंस अवैध घोषित 14 हजार 121 लोगों के विरूद्व प्रतिबंधात्मक कार्रवाई

भिण्‍ड जिले में 19 हजार से अधिक शस्त्र जमा,शेष लायसेंस अवैध घोषित

14 हजार 121 लोगों के विरूद्व प्रतिबंधात्मक कार्रवाई

भिण्ड 3 नवम्बर 2008

       जिले में विधानसभा निर्वाचन प्रक्रिया के शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष रूप से सम्पन्न कराने के उद्देश्य से जिला एवं पुलिस प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से विभिन्न थानों में 19 हजार 80 से अधिक शस्त्र लायसेंस सहित जमा कराये जा चुके है तथा 14 हजार से अधिक अपराधियों के विरूद्ध प्रतिबन्‍धात्‍मक कार्यवाही की गयी है । कलेक्‍टर श्री अली ने अंतिम तिथि तक शस्‍त्र जमा न करने पर शेष सभी लायसेन्‍सों को अवैध घोषित कर लायसेन्‍स धारकों को आर्म्‍स एक्‍ट की धारा 25 /27 के तहत कार्यवाही करने के आदेश सभी थाना प्रभारीयों को दिये हैं ।

जिला पुलिस अधीक्षक श्री अभय सिंह से प्राप्‍त जानकारी के अनुसार जिले के विभिन्‍न थानों में 19 हजार 80 शस्‍त्र लायसेन्‍स जमा किये जा चुके हैं ।

 

पुलिस थाना   

 

जमा शस्त्र

 

प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के प्रकरण

सिटी कोतवाली भिण्ड

 

1599

 

2534

 

देहात कोतवाली

 

2245

 

1313

 

ऊमरी

 

169

 

651

 

नयागांव

 

222

 

194

 

रौन

 

900

 

449

 

मिहोना

 

385

 

177

 

लहार

 

1327

 

537

 

दबोह

 

580

 

571

 

असवार

 

296

 

398

 

आलमपुर

 

192

 

78

 

फूफ

 

620

 

1275

 

सुरपुरा

 

326

 

457

 

पावई

 

756

 

353

 

बरोही

 

612

 

102

 

भारौली

 

245

 

220

 

बरासों

 

480

 

393

 

मेहगांव

 

1803

 

874

 

गोरमी

 

1343

 

536

 

अमायन

 

479

 

199

 

मौ

 

1016

 

359

 

गोहद

 

1180

 

1145

 

गोहद चौक

 

539

 

205

 

एण्डोरी

 

502

 

381

 

मालनपुर

 

364

 

252

 

               उन्होंने बताया कि जिले से जारी विभिन्न लायसेंस धारकों द्वारा अपने शस्त्र वर्तमान निवासरत जिलों में जमा करने की जानकारी भी प्राप्त हो रही है। इसके अतिरिक्त शेष बचे सभी शस्त्र जिला दण्डाधिकारी द्वारा अवैध घोषित कर दिये गये है। इनके धारकों के विरूद्व शस्त्र लायसेंस सहिता की धारा 25/27 के तहत कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।