गुरुवार, जुलाई 16, 2009

मुरैना में शातिर चोरों और लुटेरो के कई गिरोह पुलिस ने दबोचे

मुरैना में शातिर चोरों और लुटेरो के कई गिरोह पुलिस ने दबोचे

 

हमें खेद है मुरैना में भारी बिजली कटौती के कारण इस समाचार के प्रकाशन में विलम्ब हुआ

·                     माल मशरूका बरामद, कबूली वारदातें, खुलेंगें और कई मामले

·                     प्रकाश इलेक्ट्रॉनिक्स, भारत जनरल स्टोर्स, जिला न्यायालय के न्यायाधीश की चोरीयों का खुलासा

·                     चेन स्नेचिंग के मामले भी खुले, माल बरामद

·                     पुरूस्कृत किये जायेंगें पुलिस कर्मी व अधिकारी

·                     सेट टॉप बाक्स, कैमरे, क्म्प्यूटर एल.सी.डी.मानीटर, भारी संख्या में बहुमूल्य कैमरों सहित भारी आभूषण और माल मशरूका पकड़ा

 

मुरैना 15/16 जुलाई 09, शहर में पिछले कुछ महीनों से सीरियल शैली में हो रही चोरी की वारदातों का खुलासा करते, मय बरामद माल मशरूका सिटी कोतवाली पुलिस और नगर पुलिस अधीक्षक की टीम ने आज दो बड़े चोर लुटेरों के गिरोह के सदस्यों को दबोच लिया !

पुलिस कण्ट्रोल रूम पर आयोजित पत्रकार वार्ता में चम्बल पुलिस महा निरीक्षक श्री एस.के. झा ने मुरैना पुलिस अधीक्षक श्री संतोष सिंह, भिण्ड पुलिस अधीक्षक डॉ.राजेन्द्र प्रसाद, मुरैना सी.एस.पी. श्री अमृत मीणा, मुरैना सिटी कोतवाली टी.आई. श्री प्रवीण अष्ठाना और उनकी पुलिस टीम की उपस्थिति में विगत कुछ समय से शहर में लगातार हो रही दोहरी तिहरी चोरीयों और चेन स्नेचिंग की वारदातों का पर्दाफाश करते हुये बरामद किये गये माल मशरूका समेत पकड़े गये गिरोह के सदस्यों को पत्रकारों से रूबरू कराते हुये बताया कि शहर मुरैना में पिछले कुछ दिनों से लगातार सीरियल चोरीयाँ हो रहीं थीं जिसमें कई चोरीयॉ ंतो दोहरी तिहरी थीं और चोर बार बार उसी जगह को पखवाड़े भर के भीतर टारगेट कर रहे थे जहाँ पहले चोरी हो जाती थी ! तथा अधिकांश ऐसी घटनायें नगर के हृदय स्थल सदर बाजार में व्यापारीयों के प्रतिष्ठानों में घटित हो रहीं थीं जिस पर व्यापारीयों में भी आक्रोश व्याप्त हो गया था ! पुलिस ने इन वारदातों को चुनौती के रूप में ग्रहण किया और गिरोह को मय माल मशरूका गिरफ्तार करने का निश्चय किया, जिस पर पुलिस के अथक परिश्रम और सूझ बूझ से सीरियल वारदाती चोर न केवल पुलिस के हाथ लग गये बल्कि काफी माल भी बरामद हो गया उम्मीद है कि इनसे और भी कई वारदातों पर से पर्दा हटेगा !

मुरैना पुलिस अधीक्षक श्री संतोष सिंह ने सारे मामले पर प्रकाश डालते हुये विस्तृत ब्यौरा पत्रकारों को देते हुये बताया कि विगत दिनांक 1 जून 2006 को रात्रि में अज्ञात बदमाशों ने शहर के हनुमान चौराहे पर स्थित प्रकाश स्टूडियो से पीछे की दीवाल में नकब लगाकर 24 कैमरे चोरी कर लिये थे जिस पर फरियादी प्रमोद कुमार की रिपोर्ट पर थाना सिटी कोतवाली मुरैना में अपराध क्रमांक 576/06 धारा 457, 380 आई.पी.सी. कायम कर विवेचना में लिया गया किन्तु माल मुलजिम पता नहीं लगने से दिसम्बर 2006 में प्रकरण में खात्मा कता किया गया ! इसके बाद विगत माह दिनांक 25 जून 2009 को रात्रि में अज्ञात बदमाशों ने प्रकाश इलेैक्ट्रॉनिक्स से ही दूकान के पीछे गंदी गली के सहारे पीछे से छत पर चढ़ कर दरवाजा तोड़ कर डी.वी.डी. प्लेयर्स, हाथघड़ी, सिम, रिचार्ज व्हाउचर्स, नकदी आदि सामान चोरी कर लिया था, इस मामले को फरियादी रामप्रकाश माहेश्वरी की रिपोर्ट से अपराध संख्या 482/09 धारा 457, 380 आई.पी.सी. कायम कर विवेचना में लिया गया, लेकिन दिनांक 10 जुलाई 09 को पुन: प्रकाश स्टूडियो एवं प्रकाश इलेक्ट्रॉनिक्स में की दुकान में छत के सहारे घुस कर पिछला दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश कर कम्प्यूटर, कैमरा एवं नकदी चोरी कर ली थी जिस पर फरियादी मोहित माहेश्वरी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अपराध संख्या 537/09 धारा 457, 380 आई.पी.सी. कायम कर विवेचना में लिया गया !

एक ही दूकान में लगातार दोहरी तिहरी चोरी होने से शहर के व्यापारीयों में आक्रोश फैल गया था और पुलिस अधीक्षक मुरैना संतोष सिंह से मुलाकात कर ज्ञापन दिया एवं 14 जुलाई को मुरैना का बाजार बन्द करवाने की चेतावनी दी गयी ! जिस पर पुलिस ने तीन दिन का समय व्यापारीयों से चोरीयाँ ट्रेस करने हेतु मांगा !

पुलिस ने मामले की चुनौती स्वीकारते हुये नगर पुलिस अधीक्षक श्री अमृत मीणा के नेतृत्व में एक त्वरित कार्यवाही टीम गठित की गयी जिसमें थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक श्री प्रवीण अष्ठाना, उप निरीक्षक श्री प्रवीण चौहान, प्रधान आरक्षकगण श्री रामसेवक, श्री इन्द्रदेव पाण्डे, लोकेन्द्र, सर्वेश, एवं विश्वनाथ को शामिल किया गया !

पुलिस के अथक परिश्रम व दिन रात की दौड़धूप एवं सूझ बूझ सक्रिय व सतर्क मुखबिर तंत्र के सहारे न केवल हालिया वारदातों को ट्रेस कर लिया बल्कि 3 साल पहले हुयी अनसुलझीं वारदातों का भी पर्दाफाश कर दिया !

वारदातों को अंजाम देने वाले बदमाश राणाप्रताप पुत्र गंभीरा बाल्मीक, सोनू उर्फ मिटटू पुत्र वीरेन्द्र बाल्मीक, सुभाष पुत्र सरमन धोबी, मनोज जैन पुत्र भगवानदास सभी निवासी मुरैना को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी किया गया सम्पूर्ण माल बरामद कर लिया गया है इस मामले में अन्य आरोपी रामअवतार पुत्र सरमन धोबी अभी फरार है जिसकी गिरफ्तार के प्रयास जारी हैं !

इन बदमाशों द्वारा तीन साल पहले जो कैमरे चोरी किये गये थे उन्हें रामेश्वर राठौर निवासी इस्लामपुरा को बेच दिये थे पुलिस ने चोरी का मशरूका क्रय करने के मामले में रामेश्वर राठौर को भी गिरफ्तार कर लिया है ! पुलिस अभी अन्य मामलों में भी बदमाशों से पूछताछ कर रही है !

मई जून माह में ही भारत जनरल स्टोर्स से लगातार दो बार चोरी की घटनायें होने पर जिसमें 25 हजार रू. का कास्मेटिक सामान चोरी किया गया था पुलिस ने पहले ही प्रकाश इलेक्ट्रॉनिक्स की चोरी में पकड़े गये मुख्य आरोपी राणाप्रताप मेहतर का भाई डिस्को पुत्र गंभीरा मेहतर, चचेरा भाई दिनेश पुत्र अल्ली मेहतर एवं गब्बर पुत्र बाबू मेहतर शामिल थे को पकड़ लिया था जो कि इस वक्त जेल में हैं ! पुलिस द्वारा उनके कब्जे से चोरी का माल पहले ही बरामद कर लिया था !

पुलिस अधीक्षक मुरैना ने हनुमान चौराहा परिसर में हुयी उपरोक्त वारदातों को सफलता पूर्वक दस्तयाब करने वाली टीम में शामिल सभी लोगों को पुरूस्कृत करने की घोषणा की है !

प्रकाश इलेक्ट्रानिक्स व स्टूडियो के मालिकों ने संतोष और खुशी जताई, माल मशरूका की पुष्टि

पत्रकारों के समक्ष तिहरी चोरी की वारदात झेलने वाले प्रकाश स्टूडियो और प्रकाश इलेक्ट्रानिक्स के मालिकों ने पुलिस द्वारा बरामद किये गये अपना माल पहचानते हुये पुष्टि की कि हाँ यह बरामद माल मशरूका एकदम सही है और हमारा ही है, उनका कहना था कि हमें संदेह था कि कहीं पुलिस ने अपनी ओर से माल रख कर नकली बरामदगी तो नहीं दिखा दी, लेकिन साा बरामद माल चेक करने के उपरान्त उन्होंने कहा कि माल सही है और उनका ही है, पुलिस ने वाकई करिश्मा कर दिखाया है , वे हतप्रभ थे कि क्या वाकई वास्तविक चोर पुलिस ने पकड़ लिये हैं , उन्होंने पत्रकारों के समक्ष ही बदमाशों के सरगना राणाप्रताप मेहतर से कुछ बारीक पूछताछ की और गोपनीय जानकारीयां अपनी दूकान के बारे में पूछीं जिसके उत्तर बदमाश सरगना राणा प्रताप ने पत्रकारों के सामने ही धड़ाधड़ सत्यनारायण की कथा की तरह सुना डाले जिसे सुनकर दूकानों के मालिक भौंचक्क रह गये और बोले चोर भी सही पकड़े गये हैं इसने जो भी बताया वही सच है ओर यह हैरत अंगेज है कि दूकान की कुछ बारीक कमजोरीयां जो सिर्फ हमें ज्ञात थीं वह सब इसे बहुत अच्छी तरह मालुम थीं और दूकान के हर गोपनीय राज को यह जानता था व पूरे प्रतिष्ठान के नक्शे से भली भांति परिचित था !

बदमाश सरगना ने उगला चोरी का किस्सा

बदमाश सरगना राणाप्रताप ने पत्रकारों व दूकानों के मालिक द्वारा दुबके व जिज्ञासायुक्त सवालों के जवाब में बताया कि प्रकाश इलेक्ट्रानिक्स एवं स्टूडियो में तीनों बार चोरी की वारदात उसी ने अपने साथियों के साथ की थी ! वारदात के बारे में जाकारी देते हुये उसने बताया कि पहले चोरी सफलता पूर्वक करने के बाद दूसरी चोरी भी उसने सफलतापूर्वक कर डाली और उसे कुछ खास प्रयास नहीं करना पड़े , लेकिन तीसरी बार की चोरी उसने बड़े इत्मीनान और बेधड़क होकर की, वह रात 12 बजे दूकान की छत पर चढ़ा जहाँ पहले से ही छत पर लोहे के एंगल व खण्डे पत्थर आदि पड़े हुये थे, उसने खण्डा पत्थर पटक कर छत की पटिया तोड़ी, फिर सीढियां तोड़कर आसानी से दूकान में दाखिल हो गया, नीचे पहुँच कर उसने केवल एक बटन दबाया और पूरे स्टूडियो की लाइट जल गयी, फिर मजे से स्टूडियो मे ंजम कर माल मशरूका बटोरी , दूकान मालिक द्वारा यह पूछे जाने पर कि दराजें कैसे उसने खोलीं, तो उसने बताया कि लोहे की एंगल्स और पत्तियों के सहारे उसने दराजें खोल कर नकदी बटोरी, उसके बाद स्टूडियो से वह इलेक्ट्रानिक्स के शॉप में प्रवेश कर गया तो दूकान मालिक ने पूछा कि कैसे इस प्रकार उसने दूसरी तरफ प्रवेश किया क्योंकि दूकान मालिक के अनुसार बीच में मजबूत दरवाजा था जो कि पुख्ता तौर पर दूसरी साइड से लॉक था , तब बदमाश सरगना ने बड़ी आसानी से कहा कि वह बहुत सरलता से बीच के दरवाजे के एक कोने को जो कि हल्का सा उखड़ा हुआ था खींच कर फाड़ कर पूरे दरवाजे को खींच दिया जिससे वह टेढ़ा होकर एक तरफ झुक गया और पूरा बेहतर रास्ता बन गया तथा इलेक्ट्रानिक्स के शो रूम कम शॉप में प्रवेश कर गया फिर वहाँ से उसने क्म्प्यूटर, एल.सी.डी. मानिटर सहित, कई बेशकीमती चीजें और नकदी उड़ाई ! दूकानदार द्वारा यह पूछे जाने पर कि इलेक्ट्रानिक्स शॉप की लाइट उसने कैसे जलाई बदमाश सरगना ने कहा कि नहीं वहाँ लाइट नहीं जलाई वहाँ तो उसने मोमबत्ती जला कर सारा काम तमाम किया, पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि कितनी देर तक तुम दूकान के भीतर रहे और यह सारा काण्ड करते रहे बदमाश सरगना ने बताया कि रात 12 बजे से करीब सुबह साढ़े तीन - पौने चार बजे तक वह दूकानों के भीतर रहकर अपने वारदाती कामों को निर्भीक व निश्चिंत होकर अंजाम देता रहा और बेखौफ होकर अपना काम करता रहा ! पत्रकारों ने जब पूछा कि इतना सामान कैसे वह लाद कर अपने साथ ले गया तो बदमाश सरगना ने बताया कि वह सारे सामान को उसी दूकान में पड़े बड़े कागज के कार्टून में बन्द कर आसानी से छत के सहारे ही उतार कर नीचे गन्दी गली में ले आया और उसे वहीं छोड़ दिया तथा बाहर आकर चालू बाजार और पुलिस की हरकत व निगहबानी भांपने यूं ही बाहर निकल कर सड़कों पर स्टेशन रोड से होते हुये सामान उठा कर ले जाने के लिये मौका तलाश करता रहा, लेकिन रास्ते में पुलिस से उसका सामना हो गया पुलिस वालों ने उससे पूछताछ भी की लेकिन उसके पास कोई सामान मशरूका न होने से पुलिस ने उसे तमाचे मार कर डॉट फटकार कर भगा दिया, और वह डर गया और स्टेशन होते हुये घर जाकर अपने गिरोह के साथियों से मिल कर माल का पता दिया, जिस पर उसके गिरोह के साथी खुला सबेरा होने से पहले ही कार्टून बन्द माल का डिब्बा उठा लाये ! बाद में पुलिस ने पतारसी के जरिये उसे पकड़ लिया ! उसने खुल कर पत्रकारों के सामने सारी सच्चाई एक कथा की मानिन्द धड़ाधड़ धाराप्रवाह सुना दी और चोरी ही नहीं बल्कि चोरीयां स्वीकार करीं ! अचानक और अजीबो गरीब प्रश्नों के उत्तर भी उसने बड़े आसानी से दे डाले जिससे सभी का समाधान हो गया कि यही वास्तविक चोर हैं ! संभावना जताई जा रही है कि इस गिरोह से और भी कई मामलों का खुलासा होगा !      

 

चैन लुटेरे और जिला अपर जज के यहाँ चोरी करने वाले पुलिस ने दबोचे

चैन लुटेरे और जिला अपर जज के यहाँ चोरी करने वाले पुलिस ने दबोचे

 

हमें खेद है मुरैना में भारी बिजली कटौती के कारण इस समाचार के प्रकाशन में विलम्ब हुआ

 

मुरैना 15/16 जुलाई 09, विगत 26 मई को रात्रि में चम्बल कालोनी स्थित पंचम अपर सत्र न्यायाधीश श्री शशिभूषण पाठक के घर से अज्ञात बदमाशों ने सोने चाँदी के आभूषण तथा अन्य घरेलू सामान सहित करीब 1 लाख रू. का माल चोरी कर लिया था जिसकी रिपोर्ट जज के स्टेनो अशोक कुमार गुप्ता द्वारा थाने पर की गयी जिस पर अपराध क्रमांक 409/09 धारा 457, 380 आई.पी.सी. कायम कर विवेचना में लिया गया !

नगर पुलिस अधीक्षक श्री अमृत मीणा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी श्री प्रवीण अष्ठाना की टीम ने सफलता पूर्वक वारदात दस्तयाब करते हुये राजू उर्फ रामप्रसाद रावत निवासी ग्राम थरा थाना जौरा, को गिरफ्तार किया है, पुलिस ने राजू रावत के कब्जे से करीब 75 हजार रू. का माल बरामद कर लिया है ! बदमाश राजू रावत का साथी सिकन्दर पुत्र शिवचरन रावत निवासी शिवपुरी इस वक्त ग्वालियर जिले के एक अन्य मामले में जेल में बन्द है जिसे प्रॉडक्शन वारण्ट पर मुरैना लाया जायेगा !

पकड़े गये चैन स्नैचर्स

दिनांक 4 जून 09 को न्यू कोर्ट के पास आम रोड पर अज्ञात बदमाशों ने मोटर साइकिल से भागते हुये श्रीमती गायत्री पत्नी श्री गोविन्द उपाध्याय निवासी देवरी के गले से सोने की चैन छीन ली थी, रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अपराध संख्या 428 / 09 धारा 392 भा00वि0 11, 13 एम.पी.डी.के. एक्ट के तहत कायम कर विवेचना में लिया गया इसी प्रकार दिनांक 10 जुलाई 09 को हाउसिंग बोर्ड कालोनी में श्रीमती रिमी पत्नी आशीष मित्तल, निवासी श्रीराम कालोनी के गले से सोने की जंजीर छीन ली थी, जिसकी रिपोर्ट थाना कोतवाली में अपराध संख्या 538/ 09 धारा 392 भा00वि0 11, 13 एम.पी.डी.के. एक्ट के तहत कायम कर विवेचना में लिया गया ! नगर पुलिस अधीक्षक श्री अमृत मीण्ाा के मार्गदर्शन में अपने सक्रिय व सतर्क मुखबिर तंत्र का इस्तेमाल करते हुये नगर निरीक्षक श्री प्रवीण अष्ठाना ने अपनी पुलिस टीम के साथ घटना में शामिल बदमाश भोला पुत्र रघुवंश सिकरवार निवासी खिरका हाल जौरी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से घटना में लूटी सोने की चैन बरामद कर ली है, भोला के अनुसार घटना में उसके साथी टिंकू परिहार निवासी न्यू हाउसिंग बोर्ड कालोनी मुरैना, मनोज जाटव निवासी बरेथा, टिंकू जाटव निवासी सुभाष नगर , सोनू अग्रवाल निवासी सब्जी मण्डी मुरैना एवं भरत तोमर निवासी नंद का पुरा शामिल हैं जो कि अभी तक फरार हैं जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारीं हैं ! चैन स्नेचर शातिर बदमाश भोला सिकरवार को पकड़ने में थाना सिविल लाइन्स पर तैनात आरक्षकगण सुनील यादव, सुदेश कुमार, एवं द्वितीय बटालियन विशेष सशस्त्र बल ग्वालियर के प्रधान आरक्षक भूषण सिंह का अहम योगदान रहा !

 

मंगलवार, जुलाई 14, 2009

मुरैना में भीषण वारिश, ठप्प हुयी बिजली सप्लाई, सारा शहर और अंचल जल मग्न

मुरैना में भीषण वारिश, ठप्प हुयी बिजली सप्लाई, सारा शहर और अंचल जल मग्न

आखिर पिघल ही गया आसमान

नरेन्‍द्र सिंह तोमर ''आनन्‍द'',

फोटो अतर सिंह डण्‍डोतिया एवं ऐश्‍वर्या सिंह

मुरैना 13 जुलाई 09, इस साल पानी न बरसने की शिकायत कर रहे लोगों को आषाढ़ का पूरा महीना तपती गर्मी के बीच में त्राहि त्राहि करते निकालना पड़ा ! कई अखबारों ने कल तक कई किसानों को सूखी चटकती जमीन पर बैठे आसमान की ओर बादलों की बाट जोहते , ताकते चित्र प्रकाशित किये थे ! तथा कई ने सूखा पड़ने की भारी संभावना व्यक्त कर दी थी और सूखाग्रस्त जिला घोषित की भी संभावनायें दर्शायी थीं !

यू तो आषाढ़ का महीना भले ही सूखा निकला हो लेकिन श्रावण मास प्रारंभ होते ही पहले ही दिन से चम्बल अंचल में वारिश ने दस्तक दे दी थी ! लेकिन हल्की फुल्की वारिश से न तो किसानों के खेतों में जोत आ पा रही थी और न तपती गर्मी की तपिश ही शान्त हो रही थी ! अज्ञैर तकरीबन सभी के चित्त गाँवों से शहरों तक भड़भड़ा रहे थे ! सबकी पेशानी पर चिन्ता की रेखायें थीं ! कलेक्टर कमिश्नर से लेकर व्यापारी और छात्र किसान पत्रकार वकील सभी वारिश की कमजोरी से भारी चिन्तित और परेशान थे !

जहाँ सबिजयों के दाम आसमान छू रहे थे और लोग अचार चटनी पर आ गये थे वहीं गरीब की अरहर यानि तुअर की दाल 80 रू. प्रति किलो पर पहुँच गयी थी !

लोगों को लग रहा था कि यही दशा रही तो जहाँ एक ओर भारी सूखा पड़ेगा और खेत खलिहान के साथ काछीयों की कछवाई चौपट हो जायेगी तथा भूख और मंहगाई कई लोगों के लिये मारक बन जायेगी !

प्रभु की दया हुयी, इन्द्र देव रीझे कि नहीं पता नहीं लेकिन भगवान आशुतोष शंकर जरूर चम्बल पर प्रसन्न हो कर कृपायमान हो गये ! सावन का पूरा महीना हिन्दूओं की ओर से भगवान शंकर, आस, आसमान, वारिश और रिश्तों को समर्पित है ! तो जहाँ सावन शुरू होते ही वारिश का पहला मौसमी खाता खुला वहीं सावन के पहले सोमवार को जब लोग भगवान भोले शंकर की आराधना अर्चना के लिये अपनी पूरी निष्ठा से जुटे और प्रात: ब्रह्म मुहूर्त से ही शि जलाभिषेक क्रियायें शुरू हुयीं तो मानो शिव के बन्द नेत्र अचानक खुल पड़े और बस जैसे बोले कि ठहरो, बूंद बूंद पानी के लिये तरसते मेरे बच्चो क्या मांग कर ढो ढो कर जल के लोटे ला रहे हो और कंजूसी से जलाभिषेक कर रहे हो, मुझे तो तृप्त होकर पूर्ण स्नान करना है भाई !

हुआ यूं कि सबेरे नियमित बिजली कटौती हुयी, सुबह 7 बजे कटी बिजली से मानो कई लोग स्नान तक नहीं कर पाये , और वापस बिजली आने का इन्तजार करते रहे (चम्बल में बिजली और पानी का अटूट रिश्ता है) और तत्पश्चात ही शिव जलाभिषेक को उद्यत हुये , बिजली भी ठीक सबेरे 10 बजे आ गयी लेकिन इसके साथ ही , प्रसन्न भगवान आशुतोष ने वारिश भी प्रारंभ कर दी, पहले लोगों को लगा कि सामान्य वर्षा होगी लेकिन कुछ ही समय बाद जब हवाओं ने रूख बदल बदल कर अलट पलट कर बादलो को पीटना पछीटना शुरू किया तो वारिश की तेज मूसलाधार लहर ने तुरन्त ही लोगों को अहसास करा दिया कि आज तो शंकर जी भारी प्रसन्न और वारिश पर विकट कुपित हैं, चम्बल के गाँवों में इस प्रकार की वारिश को गोलाधार वारिश कहते हैं !

गोलाधार यानि मूसलाधार वारिश का उलट पुलट धुंआधार निरन्तर सिलसिला लगातार दोपहर सवा 12 बजे तक चला इसके बाद जैसे खण भर के लिये वारिश ने 15 मिनिट के लिये मानो सांस ली और फिर इसके बाद फिर जो दोबारा शुरू हुयी तो लगातार ढाई बजे तक वही गोलाधार यानि मूसलाधार धुैआधार बरसता रहा !

वारिश इतनी तेज थी कि हाथ को हाथ नहीं सूझ रहा था ! और मस्ती इतनी कि क्या बूढ़ा क्या जवान कोई भी अपने आप को वारिश में डुबोने से रोक नहीं पाया और सारे के सारे कूद पड़े वारिश में खुद को डुबाने !

सारा शहर और अंचल जलमग्न

वारिश की अधिकता से शहर मुरैना मानों समुन्दर के बीच कोई टापू ज्ेसा लगने लगा ! चारों ओर सिर्फ पानी ही पानी, शहर से नाली सड़के सब गायब हो गयीं बस केवल पानी ही पानी, विशाल जलराशि के बीच पानी का सैलाब और धीरे धीरे डूबते जमीनी तल ! लगातार करीब 5 घण्टे की भीषण वारिश से शहर की सड़कों का मंजर देखने लायक और स्कूल आते जाते बच्चों, साइकिल दुपहियों का तैरते हुये निकलना सारा नजारा मानों सबको एक चुनौती दे रहा था , बोलो शिव जलाभिषेक हो रहा है कि नहीं, और सबके मुँह से बरबस ही निकला , वाह शंकर जी वाह मान गये ऐसा धुँआधार जलाभिषेक कि पूरे सावन का अभिषेक एक ही दिन में कर डाला , वह भी तरबतर !

शहर के साथ अंचल के गाँवों में भी यही आलम था, बस चारों ओर पानी ही पानी !

शहर की निचली बस्तियों में पानी धाड़ें मारता हुआ कई घरों में घुस बैठा, वही वे लोग भी अचानक मुसीबत में आ गये जहाँ नई बनीं सड़कों से स्क्थिति कुछ ऐसी हो गयी है कि सड़कें मकानों से ऊॅंची हो गयीं हैं और मकानों की दहलीज सड़कों से नीचे हो गयीं हैं , वे लोग अभी तक मजे में थें लेकिन आज की वारिश ने उनका हाल खराब कर दिया और पानी सीधा पहले ही झटके में उनके घरों में घुस बैठा ! और सडृक से ज्यादा जल स्तर उनके घरों में हो गया विशेषकर, सिंगल बस्ती, गोपालपुरा महावीर पुरा, और ओवर ब्रिज के पार अम्बाह रोड पर, रामनगर आदि इलाकों में पानी घरों में घुस गया !

आमतौर पर शहर में जल स्तर सड़कों पर ढाई से तीन साढ़े तीन फीट तक चढ़ कर प्रवाहित होता रहा !

ठीक ठाक काम करता रहा शहर का ड्रेनेज सिस्टम

यह खैर रही कि शहर का सीवर और ड्रेनेज सिस्टम ठीक ठाक काम करता रहा तथा केवल 15 मिनिट में ओवर वाटर लेवल को क्लीयर कर गायब करता रहा तथा शहर को यथावत करता रहा ! वीना भारी मुसीबत हो जाती और पिछले साल भिण्ड में हुयी स्थिति से भी कहीं बदतर हालत यहाँ हो जाती लेकिन महज 15 मिनिट में पानी गायब होते रहने से भई इतना तो कहना पड़ेगा कि आखिर प्राण बचे ! नगरपालिका इसके लिये धन्यवाद की पात्र है !

जमकर नहाये लोग

लेगों ने वारिश का जमकर लुत्फ लिया, लोग घरों से निकल कर अपनी खुली छतों और सड़को पर आकर जमकर खुल कर वारिश स्नान का आनन्द लेते रहे, युवतियां इस मामले में काफी आगे रहीं, युवक भी इससे पीछे नहीं रहे !

क्हा जाता है कि वारिश स्नान से चर्म रोग नहीं होते और घमौरियां आदि नहीं होतीं इसके साथ ही शरीर की साल भर की अन्दरूनी गर्मी समाप्त होकर सैकड़ों बीमारीयों और तकलीफों से राहत भी मिलती है ! वहीं कुछ लोग जो शिवपूजा के लिये सबेरे बिजली न होने से स्नान नहीं कर पाये थे वे भी जमकर वारिश में नहाये !

बिजली सप्लाई ठप्प रही लगातार 11 घण्टे

हालांकि वारिश के वक्त ऑंधी या तूफान जैसी कोई स्थिति नहीं थी फिर भी सतर्कता बरतते हुये बिजली महकमे ने वारिश शुरू होने के बीस मिनिट बाद से पूरे अंचल की बिजली सप्लाई पूरी तरह बन्द कर दी ! और वारिश होने के बाद तक बन्द रखी !

सबेरे 7 बजे से कटी बिजली सबेरे 10 बजे आयी तो वारिश शुरू होते ही बिजली सप्लाई फिर बन्द कर दी गयी, हालांकि निरन्तर भीषण वारिश दोपहर ढाई बजे तक चली किन्तु बिजली सप्लाई इसके बाद भी बन्द रखी गयी, उसके बाद दोपहर की नियमित कटौती 4 बजे से 6 बजे तक तय होने से अंतत: बिजली शाम 6 बजे ही वापस आयी यानि सबेरे 7 बजे से शाम 6 बजे तक बिजली सप्लाई दो छुटटी के बीच वारिश युक्त वर्किंग टाइम फंस जाने से लगातार छुटटी पर रही ! यानि 11 घण्टै लगातार बन्द रही बिजली !

हालांकि यह बिजली कटौती लोगों को मस्त सुहावने मौसम के चलते अखरी नहीं और स्नान के अभाव वालों ने वारिश स्नान करके शिव पूजा कर ली ! लेकि इस दरम्यान मीडिया और खबरिया दस्ते पूरी तरह विकलांग हो गये और भीषण वारिश के समाचार समय पर प्रकाशित नहीं हो सके !

 

सोमवार, जुलाई 13, 2009

ग्‍वालियर टाइम्‍स की सुशासन भाग-1 फिल्‍म सुपर डुपर हिट मात्र दो दिन में रिकार्ड तोड़ देखी लोगों ने फिल्‍म

ग्‍वालियर टाइम्‍स की सुशासन भाग-1 फिल्‍म सुपर डुपर हिट

मात्र दो दिन में रिकार्ड तोड़ देखी लोगों ने फिल्‍म

मुरैना/ ग्‍वालियर 13 जुलाई 09, सुशासन और अच्‍छे अधिकारीयों सजग, सतर्क एवं संवेदनशील प्रशासन को बढ़ावा देने के उद्देश्‍य से कुछ श्रेष्‍ठ आई.ए.एस. अधिकारीयों जिनकी पदस्‍थापना ग्‍वालियर चम्‍बल संभाग में पिछले कुछ वर्षों में रही है, की एक झलक पर भारत की मशहूर स्‍वयंसेवी संस्‍था नेशनल नोबल यूथ अकादमी की सहायता से प्रकाशित प्रसारित लघु फिल्‍म सुशासन भाग-1 ग्‍वालियर टाइम्‍स द्वारा इण्‍टरनेट पर वर्ल्‍ड वाइड वेब पर इण्‍टरनेट के जरिये किया गया था । इस फिल्‍म ने पिछली प्रसारित सारी फिल्‍मों के सर्वोच्‍च रिकार्ड पहले ही दिन ध्‍वस्‍त कर दिये और पिछले पॉंच साल में पिछली सारी फिल्‍मों को जितने लोगों ने कुल मिला कर देखा उसी तिगुनी संख्‍या में सुशासन भाग-1 फिल्‍म को लोगों ने फिल्‍म प्रसारण के पहले ही दिन देख डाला । और महज दो दिन के भीतर सारे रिकार्ड ध्‍वस्‍त करते हुये फिल्‍म सुपर डुपर हिट हो गयी ।

भारत में यह फिल्‍म सम्‍पूर्ण (100 फीसदी) भारत वर्ष के हर शहर कस्‍बे में, दूसरे नंबर पर 65 फीसदी यू.एस.ए. में तीसरे नंबर पर 47 फीसदी यूरोप में देखी गयी ।

यह फिल्‍म अच्‍छे प्रशासन व अच्‍छे अधिकारीयों को प्रोत्‍साहन करने की एक विशेष योजना के तहत नेशनल नोबल यूथ अकादमी एवं ग्‍वालियर टाइम्‍स द्वारा प्रसारित की गयी थी ।

लोगों द्वारा फिल्‍म पर किये गये कमेण्‍ट और प्रसारकों को भेजे अपने ई मेल संदेशों में फिल्‍म की काफी सराहना की गयी है और अनुरोध किया है कि यह अदभुत है और यह कार्य जारी रहना चाहिये, कई विदे‍शीयों ने इसका अंग्रेजी संस्‍करण मॉगा है । 

इस फिल्‍म का अंग्रेजी संस्‍करण नहीं बनाया जा सकता ऐसा वेबसाइट का कहना है । लेकिन यह सिलसिला जारी रहेगा और यह क्रम आगे बढ़ाया जायेगा, यह एक प्रयोग था जो कि बेहद सफल रहा , और हम इससे बेहद उत्‍साहित हैं । अब हम भ्रष्‍टाचार, नाकारापन और लापरवाही, अक्षमता से लड़ सकते हैं, हमें फार्मूला मिल गया है हम अच्‍छे लागों को बढ़ावा देंगें और बुरे लोगों को हतोत्‍साहित करेंगें । हमारा देश और हमारा लोकतंत्र परिपक्‍व हो, सशक्‍त हो, उसकी कमजोरीयां दूर हों यही हमारा लक्ष्‍य और प्रयास है । लोगों ने भारी संख्‍या में इसकी अगली कडि़यां मॉंगीं हैं ।    

फिल्‍म के हिटस करोड़ों की संख्‍या पार कर गये हैं । पूरी विस्‍तृत रिपोर्ट के डाटा अभी उपलब्‍ध नहीं हैं ।

 

शनिवार, जुलाई 11, 2009

ग्‍वालियर चम्‍बल के श्रेष्‍ठ आई.ए.एस. अधिकारीयों पर फिल्‍म सुशासन भाग-1

किस्‍सा ए मुरैना: पत्रकार बनना है तो लाओ दो हजार, सरकार उवाच ......

किस्‍सा ए मुरैना: पत्रकार बनना है तो लाओ दो हजार, सरकार उवाच ......

मुरैना डायरी (वर्ष 1999 से प्रकाशित)

नरेन्‍द्र सिंह तोमर ''आनन्‍द''

(लेखक अनेक पुरूस्‍कारों व सम्‍मानों से सम्‍मानित प्रख्‍यात समाजसेवी, साहित्‍यकार, पत्रकार एवं क्रिमिनल लॉयर व इन्‍वेस्‍टीगेटर है )

आज फिर एक बार मुरैना डायरी का अंक आपके सामने है, एक लम्‍बा अर्सा हुआ यह स्‍तम्‍भ प्रकाशित नहीं हो पा रहा था । पर थोड़ी रूकावट के बाद सही फिर आपके सामने आया ।

मोगाम्‍बो खुश हुआ

हमारे मुरैना में एक मोगाम्‍बो हैं, काफी फेमस हैं और एक अर्सा पहले अखबारों की हाकरी किया करते थे आजकल बड़े साहब के मुँह लगे है, मुँह क्‍या लगे हैं यूं कहिये कि छाती पान लगा है । अब लोग उन्‍हें साहब का दलाल कहते हैं तो भई ये तो गलत बात है , सरासर गलत । अकेले बेचारे मोगाम्‍बो को ही काहे बदनाम करते फिरते हो , साहब के छाती पान तो शहर में, जिले में गली गली में आवारा कुत्‍तों के मानिन्‍द ब्‍याये पड़े हैं ।

मोगाम्‍बो जो भी हो बड़ा दयालु है, काम करवा ही देता है , पक्‍के में करवा देता है अब थोड़ा बहुत तो हर जगह ही खर्च होता है, कुछ साहब पर कुछ साहब के बीवी बच्‍चों पर , कुछ खुद पर कुछ खुद के बीवी बच्‍चों पर अब सब एडजस्‍ट तो करना ही पड़ेगा न । मोगाम्‍बो चाहे जिसे पत्रकार बना देता है चाहे जिसे पत्रकार से बेलदार बना देता है । एक किस्‍सा गौर फरमाईये ।  

एक बेलदार एक मकान पर बेलदारी कर रहा था, मोगाम्‍बो भाई वहॉं घूमते घामते पहुँच गये, मोगाम्‍बो भाई ने पहली नजर में ही भॉंप लिया कि शिकार मुकम्‍मल और वजनदार है । मोगाम्‍बो भाई बेलदार से बोले काहे कित्‍ता कमा लेते हो रोजाना, बेलदार बोला कि साब हमारी रेट सबको मालुम है लेकिन काम मिलता रहे इसकी कोई गारण्‍टी नहीं, जब काम नहीं मिलता तब दिक्‍कत हो जाती है ।

मोगाम्‍बो भाई बोले कि चल बीड़ी पिला , बेलदार ने बीड़ी सुलगाई कश के साथ बाते आगे बढ़ाते मोगाम्‍बो बोला कि बोल कुछ इन्‍तजाम करवाऊं क्‍या, बेलदार ने गदगद स्‍वर में कहा कि का साब का करवाओगे ।

मोगाम्‍बो भाई बोला कि ऐसा कर कब तक ये मजदूरी फजदूरी करता फिरेगा, नरेगा की रोजगार गारण्‍टी में फंस गया तो निबट जायेगा, कम रेट और कमीशन कटा के मजदूरी के नाम पर ढेढ़स पावेगा, और मजदूरी नहीं करेगा तो गरीबी रेखा से भी नाम कटा बैठेगा, तू ऐसा कर कि पत्रकार बन जा ।

मोगाम्‍बो की बात सुन कर बेलदार चौंका और बोला कि साहब जे का होता है । मोगाम्‍बो ने उसे ईगर फुल देखा तो बोला कि अबे तेरे को नहीं पता कि जे का होता है, साला पत्रकार तो बहुत बड़ी तोप होता है , हरेक में डण्‍डा डाल देता है ।

बेलदार उत्‍सुक होता हुआ बोला कि बनवाय देओ साब, कैसें बनेंगे, का तरीका है ।

मोगाम्‍बो बोला कि अरे कुछ नहीं दो हजार जमा कर सो लोकल नीला पर्चा, हरा पर्चा , हवाबाण टाइम्‍स किसी से भी लिखवा लेंगें कि तू उनका पत्रकार है , फिर दो हजार और लगेंगे सो अधिमान्‍यता के कागज बनवा दूंगा, तीन हजार उसके बाद दे दीओ तो अधिमान्‍यता दिलवा दूंगा बस फिर तो तेरे जलवे ही जलवे हैं ।

बेलदार जो अब तक टांग पसार कर जमीन पर बैठा था , फुर्ती से उकड़ू होता हुआ बोला पत्रकार बन के अधिमान्‍यता मिले पर का फायदा होगा ।

मोगाम्‍बो ने जलती आग में थोड़ा घी और उड़ेला बोला कि बेटा साल में 20 हजार तो आर्थिक सहायता, बस और रेल का कंसेशन पास, घर वालों की दवा दारू और इलाज सब मुफ्त, इसके संग हर वी.आई.पी. के कार्यक्रम में अगाड़ी वाली कुर्सी पक्‍की, नहीं तो वैसे साला भीड़ में धक्‍के खाता फिरेगा और मंत्री, नेता, अफसर के दरसन भी नहीं पावेगा । पुलिस भी सैल्‍यूट मारे तो बात करना ।

बेलदार की ऑखें चौड़ी हो गयीं और हैरत से बोला ऐं इत्‍ते फायदा बाप रे बाप मैं अभी तक कहॉं गढ्ढे में पड़ा पशुयुग में जी रहा था , प्रभु प्रभु कहॉं थे आप अभी तक , धन्‍य हैं आप प्रभु धन्‍य हैं आप । मोगाम्‍बो बोला तो फिर निकाल फटाफट दो हजार और खुलवा देता हूँ तेरा पत्रकारिता का अकाउंट ।

बेचारे बेलदार ने अपने पड़ौसियों से कर्जा लिया और मोगाम्‍बो को दो हजार थमा कर पत्रकार बनने के सपने में बेलदारी छोड़ कर आजकल घर आराम फरमा रहा है ।

बेलदार को पत्रकार और पत्रकार को बेलदार बना देने के हुनर में माहिर मोगाम्‍बो का कारनामा हमारे सामने तब आया जब म.प्र. के पूर्व मुख्‍यमंत्री बाबूलाल गौर के मुरैना आगमन को मीडिया ने प्रकाशित करने से बहिष्‍कार कर दिया और मीडिया के कुछ मोगाम्‍बो के पालतूओं को छोड़ किसी ने कार्यक्रम को तवज्‍जुह नहीं दी, भाई हम भी बहिष्‍कार कर आये थे (बढि़या श्‍लोक और पुराण सुना आये थे, अफसर कुर्सी टेबलों के पीछे दुबकते फिर रहे थे)   इसलिये ग्‍वालियर टाइम्‍स ने बाबूलाल गौर का समाचार प्रकाशित नहीं किया था, हमें काफी ई मेल पाठकों ने इस सम्‍बन्‍ध में भेजे थे आशा है उन्‍हें जवाब मिल गया होगा । बाबूलाल गौर हमारे अतिशय प्रिय और हमारी नजर में अर्जुन सिंह के पश्‍चात सर्वाधिक सफल मंत्री व मुख्‍यमंत्री रहे हैं , उनका म.प्र. का मुख्‍यमंत्रित्‍व काल स्‍वर्णिम रहा है, हम गौर साहब से भी इस सम्‍बन्‍ध में क्षमा मांगना चाहेंगें कि हमारे प्रिय व आदरणीय होते हुये भी हम भरे दिल से न चाहकर भी मोगाम्‍बो के कारण अपने प्रिय मंत्री का समाचार प्रकाशित करने का बहिष्‍कार करना पड़ा । 

जेंगरे और पिल्‍ले

मुरैना में जेंगरा और पिल्‍ला बड़े लोकप्रिय हैं । दरअसल जेंगरा गाय के छोटे मगर कमजोर बछड़े को कहते हैं और पिल्‍ला कुत्‍ते के बच्‍चे को कहते हैं । लेकिन हमारी डायरी के इस भाग में जिन जेंगरो और पिल्‍लों की बात हम यहॉं कर रहे हैं वे न तो गाय के बछेरे हैं, और न कुत्‍ते के पिल्‍ले बल्कि जाने माने मुरैना के नामवर इंसानात हैं और कभी बाकायदा आदमी थे मगर कहते हैं न कि वक्‍त ने गालिब कुत्‍ता कर दिया , सो कुछ ऐसी ही कहानी शहर के मशहूर इन पालतू और दलाल जेंगरों और पिल्‍लों की है ।

 

...............क्रमश: अगले अंक में जारी

पर्यावरण सुधार हेतु जिला व जनपद पंचायत समितियॉ गठित

पर्यावरण सुधार हेतु जिला व जनपद पंचायत समितियॉ गठित

भिण्ड 10 जुलाई 2009

       पर्यावरण सुधार व प्रदूषण के जिला एवं जनपद स्तरीय लोक जागरण समितियों का गठन किया गया है।

       मुख्य कार्यपालन अधिकारी अधिकारी जिला पंचायत श्री छोटे सिंह से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला स्तरीय समिति, जिले के प्रभारी मंत्री अध्यक्ष, स्थानीय सांसद सदस्य, स्थानीय विधायक गण समस्त सदस्य, अध्यक्ष जिला पंचायत सदस्य, महापौन/अध्यक्ष, नगरपालिका सदस्य, जिला कलेक्टर सदस्य, सरपंच प्रभारी मंत्री द्वारा नामांकित दो सदस्य, पार्षद प्रभारी मंत्री द्वारा नामांकित दो सदस्य, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सदस्य-सचिव, निर्मल ग्रामों में से प्रतिनिधि प्रभारी मंत्री द्वारा नामांकित एक सदस्य, वन,शिक्षा, योजना एवं सांख्यिकी, खनिज, उद्योग, कृषि, उद्यानिकी, जनसम्पर्क, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी,जल संसाधन, अनुसूचित जाति, एवं जनजाति, ऊर्जा, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, पशु चिकित्सा, महिला एवं बाल विकास, नगरीय प्रशासन एवं विकास, विभागों के जिला स्तरीय अधिकारीगण सदस्य, .प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय, उपक्षेत्रीय अधिकारी सदस्य, नगर तथा ग्राम निवेश संचालनालय के स्थानीय अधिकारी सदस्य, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि प्रभारी मंत्री द्वारा नामांकित दो सदस्य, प्रेस एवं मीडिया से संबंधित प्रतिनिधि प्रभारी मंत्री द्वारा नामांकित एक सदस्य, एनजीसी,ईको क्लब के जिला मास्टर ट्रेनर्स, नोडल अधिकारी सदस्य, जन अभियान परिषद के स्थानीय प्रतिनिधि सदस्य,

       जनपद स्तरयी समिति में अध्यक्ष जनपद पंचायत अध्यक्ष, अनुविभागीय अधिकारी सिविल सदस्य, अध्यक्ष, नगरपालिका क्षेत्र में पडने वाले समस्त नगरीय निकाय सदस्य, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद सदस्य सचिव, सरपंच अथवा ग्राम पंचायत प्रतिनिधि प्रभारी मंत्री द्वारा नामांकित दो सदस्य, पार्षद प्रभारी मंत्री द्वारा नामांकित दो सदस्य, निर्मल ग्राम के प्रतिनिधि एक सदस्य, वन, शिक्षा, योजना एवं सांख्यिकी, खनिज, उद्योग, कृषि, उद्यानिकी, जनसम्पर्क, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जल संसाधन, अनुसूचित जाति एवं जनजाति, ऊर्जा, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, पशु चिकित्सा, महिला एवं बाल विकास, नगरीय प्रशासन एवं विकास, विभागों के जनपद स्तरीय प्रतिनिधि सदस्य, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी सदस्य, स्वयं सेवी संस्था के प्रतिनिधि प्रभारी मंत्री द्वारा नामांकित दो सदस्य, प्रेस एवं मीडिया से संबंधित प्रतिनिधि प्रभारी मंत्री द्वारा नामांकित एक सदस्य, जन अभियान परिषद के ब्लॉक स्तरीय प्रतिनिधि सदस्य बनाया गया है।

 

कलेक्टर 15 जुलाई से जनपद स्तर पर योजनाओं की समीक्षा करेगें

कलेक्टर 15 जुलाई से जनपद स्तर पर योजनाओं की समीक्षा करेगें

भिण्ड 10 जुलाई 2009

       कलेक्टर श्री के.सी.जैन द्वारा शासकीय योजनाओं की जमीनी हकीकत से रूबरू होने के लिए 15 जुलाई से 20 जुलाई तक जनपद स्तर पर समीक्षा की जावेगी।

       मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री छोटेसिंह से प्राप्त जानकारी के अनुसार कलेक्टर श्री जैन द्वारा 15 जुलाई से जनपद स्तर पर विकास योजनाओं की मसीक्षा की जावेगी। उन्होंने कहा कि विकास खण्ड मुख्यालय पर ग्रामीण विकास विभाग के समस्त योजनाऐ, स्कूल चलें हम, एनआरईजीएस के पूर्ण/ कार्य, मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम, जिला शिक्षा केन्द्र द्वारा निर्मित अधूरे निर्माण कार्य एवं अन्य योजनाओं से अपूर्ण निर्माण कार्यो की समीक्षा की जावेगी। जिसमें जनपद/बीआरसी/बीईओ/ ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के समस्त कर्मचारी/ अधिकारी, सरपंच, पंचायत सचिव, पटवारी, पंचायत समन्वयक, नोडल अधिकारी परख लीड/ लिंक सोसायटियों के प्रबंधक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेगें।

       कलेक्टर द्वारा 15 जुलाई को प्रात:10 बजे जनपद पंचायत मेहगांव तथा 12 बजे से जनपद पंचायत गोहद मौ, 17 जुलाई को प्रात:10 बजे से जनपद पंचायत भिण्ड तथा दोपहर 12 बजे से जनपद पंचायत अटेर में तथा 20 जुलाई को प्रात:10 बजे से जनपद रौन तथा दोपहर 12 बजे से जनपद पंचायत लहार में योजनाओं की समीक्षा की जावेगी।

 

सामान्य वर्ग के निर्धन छात्रों को छात्रवृत्ति योजना का लाभ दिया जावे-कलेक्टर श्री जैन

सामान्य वर्ग के निर्धन छात्रों को छात्रवृत्ति योजना का लाभ दिया जावे-कलेक्टर श्री जैन

भिण्ड 10 जुलाई 2009

       कलेक्टर श्री के.सी.जैन ने निर्देश दिए है कि सामान्य निर्धन वर्ग के छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति योजना का अधिकाधिक लाभ प्रदान किया जावे। उन्होंने इस योजना का अधिकाधिक प्रचार प्रसार करने के निर्देश शिक्षाधिकारी व डीपीसी को दिए है। छात्रवृत्ति योजना के आवेदन 30 अगस्त संस्थाओं में जमा कराये जावेगें।

       श्री जैन ने कहा कि राज्य सरकार ने सामान्य वर्ग के निर्धन छात्र छात्राओं को माध्यमिक शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित करने हेतु निर्धन छात्रवृत्ति योजना वर्ष 2007-08 से लागू की है। योजना के तहत शासकीय शालाओं में अध्ययनरत 6 से 8 वीं कक्षा के नियमित छात्र छात्राओं को, जिनके परिवार की वार्षिक आय रूपये 54000/- से कम है, को निर्धन छात्रवृत्ति बालिकाओं हेतु रूपये 300/- वार्षिक तथा बालकों हेतु रूपये 200/- बार्षिक देने का प्रावधान किया है।

       उन्होंने निर्देश दिए है कि छात्रवृत्ति के लिये संबंधित विद्यार्थी द्वारा निर्धारित प्रारूप में आवेदन किया जावे। आवेदन का प्रपत्र शाला द्वारा विद्यार्थियों को नि:शुल्क उपलब्ध कराया जावे। आवेदन के साथ समक्ष अधिकारी का आय प्रमाण पत्र लगाना होगा बीपीएल सूची में नाम होने का प्रमाण पत्र दिये जाने पर आय प्रमाण पत्र आवश्यक नही होगा। वेतन भोगी अधिकारी/कर्मचारी अभिभावकों के लिये आहरण संवितरण अधिकारी का आय प्रमाण पत्र मान्य किया जावे। संबंधित विद्यार्थी द्वारा आवेदन शाला प्रमुख के पास प्रतिवर्ष 30 अगस्त तक जमा किए जा सकेगें। शाला के शिक्षक द्वारा 30 अगस्त तक पात्र विद्यार्थियों का फार्म भरवांकर, फार्म एवं संकलित जानकारी जनशिक्षक को 5 सितम्बर तक उपलब्ध कराई जाएगी।यह जानकारी संबंधित जनशिक्षक द्वारा 10 सितम्बर तक विकास खण्ड स्त्रोत केन्द्र समन्वयक को उपलब्ध कराई जाएगी। विकास खण्ड स्रोत केन्द्र समन्वयक द्वारा जानकारी संकलित कर संकलित जानकारी 15 सितम्बर तक जिला शिक्षा केन्द्र को एवं जिला शिक्षा केन्द्र द्वारा 20 सितम्बर तक संकलित जानकारी राज्य शिक्षा केन्द्र को उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य स्तर से छात्रवृत्ति की राशि अनुमान के आधार पर जिले को जून 2009 में उपलब्ध कराई जाएगी। जिले द्वारा पालक शिक्षक संघ के खाते में गत वर्ष प्रदाय छात्र वृत्ति के आधार पर आवश्यक राशि जुलाई 2009 में प्रदान की जाएगी। अतिरिक्त राशि की आवश्यकता होने पर जिला स्तर से 20 सितम्बर तक राज्य स्तर पर मांग प्रेषित की जाएगी जिसके आधार पर जिले को 30 सितम्बर तक अतिरिक्त राशि प्रदान की जाएगी। जिसे 5 अक्टूबर तक संबंधित पालक शिक्षक संघ के खाते में प्रदान करने का दायित्व जिला परियोजना समन्वयक का होगा। पालक शिक्षक संघ द्वारा पात्र विद्यार्थियों को 31 अक्टूबर तक छात्रवृत्ति का वितरण एक मुश्त किया जाएगा। वितरण कार्यक्रम समारोह पूर्वक किया जाएगा तथा इसमें ग्राम के जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों बच्चों के माता पिता को आमंत्रित किया जाएगा। वितरण करने वाले अधिकारी को छात्रवृत्ति भुगतान के पश्चात जिन व्यक्तियों के सामने भुगतान किया गया हो  उनसे  वितरण  पत्रक  पर प्रमाणित करा लेना आवश्यक है कि छात्रवृत्ति पूर्ण वितरित की गई है। छात्रवृत्ति प्रदान करते वक्त यह देखा जाएगा कि संबंधित विद्यार्थी की प्रतिमाह तक कम से कम 75 प्रतिशत दिवस शासकीय अवकाश घटाकर शाला में उपस्थिति रही हो। अन्यथा 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति पर छात्रवृत्ति प्रदान नही की जाएगी तथा संबंधित विद्यार्थी की राशि जिला शिक्षा केन्द्र को वापस की जाएगी। यदि फार्म भरने के बाद छात्रवृत्ति वितरण के पूर्व कोई छात्र शाला छोड देता है तो उसकी राशि भी जिला शिक्षा केन्द्र को वापस की जाएगी। यदि छात्रवृत्ति स्वीकृति के बाद किसी स्तर पर यह सिद्व पाया जाता है कि वह छात्रवृत्ति हेतु पात्र नही था तो छात्रवृत्ति स्वीकृत आदेश निरस्त कर दिया जाएगा और दी गई छात्रवृत्ति की धनराशि बसूल की जाएगी। छात्रवृत्ति स्वीकृत करने का अधिकार संबंधित शाला के प्रधान अध्यापक/ प्रभारी प्रधान अध्यापक को होगा। छात्रवृत्ति की पात्रता विद्यार्थी को वर्ष में अधिकतम केवल 10 माह के लिऐ अकादमिक सत्र के लिए होगी। यदि विद्यार्थी द्वारा 30 जुलाई के बाद प्रवेश लिया जाता है तो अकादमिक सत्र की अवधि के अनुपात में राशि स्वीकृत की जाएगी। शासकीय आवासीय विद्यालय यथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, बालिका छात्रावास इत्यादि में रहने वाले सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान नही की जाएगी।

 

ग्‍वालियर चम्‍बल के श्रेष्‍ठ आई.ए.एस. अधिकारीयों पर फिल्‍म

 

ग्‍वालियर चम्‍बल के श्रेष्‍ठ आई.ए.एस. अधिकारी पर एक बानगी की फिल्‍म जारी

ग्‍वालियर टाइम्‍स ने मशहूर स्‍वयंसेवी संस्‍था नेशनल नोबलयूथ अकादमी के सहयोग से ग्‍वालियर चम्‍बल के श्रेष्‍ठ आई. ए. एस. अधिकारीयों और सुशासन भाग- 1 के नाम से फिल्‍म जारी की है जो नीचे है -