शुक्रवार, सितंबर 25, 2009

जनसम्पर्क अधिकारी श्री अनिल कुमार वशिष्ठ का विदाई समारोह सम्पन्न

जनसम्पर्क अधिकारी श्री अनिल कुमार वशिष्ठ का विदाई समारोह सम्पन्न

भिण्ड 23 सितम्बर 2009

      जिला जनसम्पर्क अधिकारी श्री अनिल कुमार वशिष्ठ को पत्रकार समूह द्वारा सर्किट हाउस में भावभीनी विदाई देने का कार्यक्रम रखा गया कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार सांसद प्रतिनिधि श्री अजय शर्मा द्वारा किया एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रधान संपादक संजय की आंख ने की। इस मौके पर संचालन कार्य को गति देते हुये श्री शर्मा द्वारा सभी समाचार पत्रों के पत्रकारों द्वारा विदाई सम्बन्धित उद्गार प्रस्तुत किए गये। विशेष रूप से चौथी दुनिया के ब्यूरों प्रमुख श्री मुकेश मिश्रा द्वारा इस कार्यक्रम में अहम भूमिका अदा की गई।

      श्री मिश्रा द्वारा जनसम्पर्क अधिकारी के कार्य व्यवहारिता, दक्षता एवं कर्त्वयता का सटीक उदाहरण प्रस्तुत कर श्री वशिष्ठ को नैतिक एवंर् कत्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में सराहा गया। विदाई समारोह में उपस्थित पत्रकारो द्वारा उत्कृष्ट कण्ठ से श्री वशिष्ठ के कार्य व्यवहार की प्रशंसा की। अध्यक्षता करते हुये श्री एसएस सिकरवार ने अपने उदबोधन में कहा कि श्री अनिल कुमार वशिष्ठ की कार्य शैली व्यक्तित्व एवं कृतित्व के दोनो ही धारा है। समाज एवं पत्रकार जगत के लिए निर्णित रही जो एक याददास्त रहेगी। प्रमुख रूप से उदबोधन में श्री मायाराम मिश्रा ने कहा कि श्री वशिष्ठ जी का स्थानांतरण भले ही हो गया हो लेकिन वो हमेशा पत्रकारों के दिलों में रहेगें। अन्य उदबोधन देने वालों में श्री गुणाकेश पाराशर, श्री किशोर शर्मा, श्री सुभाष त्रिपाठी, श्री मनोज कटारे, श्री अशोक सिंह भदौरिया एडवोकेट, श्री भारत सिंह रावत, श्री विकास जोशी, श्री गणेश भारद्वाज, श्री प्रवीण परिहार, श्री सोरभ शर्मा, श्री अजय शर्मा, श्री संतोष शर्मा, श्री अनिल भारद्वाज, श्री मनोज श्रीवास, श्री बबलू शर्मा, श्री रामेन्द्र सिंह चौहान, जनसम्पर्क विभाग के बडे बाबू श्री रघुवीर सिंह, श्री अंगद सिंह पाल, श्री सुदामा प्रसाद, श्री विनोद यादव, श्री रमेश सिंह भदौरिया, श्री रामदीन जाटव, श्री बडेलाल ओझा आदि शामिल थे।

 

गुरुवार, सितंबर 24, 2009

नकली घी, खोआ का उत्पादन व विक्रय धारा 144 के तहत प्रतिबंधित

नकली घी, खोआ का उत्पादन व विक्रय धारा 144 के तहत प्रतिबंधित

भिण्ड 23 सितम्बर 2009

      कलेक्टर श्री सुहेल अली द्वारा नकली घी, मिलावटी खोआ एवं मिठाईयाँ अन्य दुग्ध उत्पादन बनाने तथा विक्रय किया जाना दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रतिबंधित कर दिया गया है।

      श्री अली ने कहा कि वर्तमान में नवदुर्गा, दशहरा एवं दीपावली आदि बडे त्यौहारों का माह चल रहा है इस समय आम जनता के बीच खोवा, घी एवं अन्य दुग्ध पदार्थो से निर्मित मिठाईयों का उपयोग एवं खपत काफी मात्रा में बड़ जाती है इनका सेवन सभी आयु एवं वर्गो के लोग करते है। जिला दण्डाधिकारी भिण्ड में रूप में मेरे संज्ञान में आम/नागरिकों द्वारा सीधे, कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के माध्यम से तथा दूरभाष पर समय समय पर प्राप्त गुप्त सूचनाओं से यह बात आई है कि कतिपय मिलावट खोर, असामाजिक तत्वों द्वारा घी, खोवा एवं अन्य दुग्ध उत्पादों की ज्यादा खतप होने के कारण बडी मात्रा में मिलावटी एवं नकली उत्पाद अवैध रूप से बनाकर बाजार में खपाने का प्रयास किया जा रहा है। इन नकली/ मिलावटी उत्पादों से भिण्ड जिले के नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर आसन्न खतरा उत्पन्न हो गया है जिसका तत्काल निवारण किया जाना आवश्यक है। इस आसन्न खतरे से भिण्ड जिले के नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा हेतु जिले में दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के लागू कर दी गई है। जिसके तहत भिण्ड जिले की सीमा के अन्दर किसी भी व्यक्ति द्वारा नकली व मिलावटी घी, खोवा एवं मिठाईयां अन्य दुग्ध, उत्पाद ना तो बनाये जाने और ना ही उनका विक्रय किया जाये।

जिला दण्डाधिकारी द्वारा तथा उनके द्वारा अधिकृत कार्यपालिक दण्डाधिकारी तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों द्वारा किसी भी स्थल पर नकली व मिलावटी घी, खोवा एवं अन्य दुग्ध उत्पाद बनने एवं विक्रय होने की सूचना पर उसका निरीक्षण किया जा सकता है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के सक्षम प्राधिकारी द्वारा ऐसी सामग्री का सैप्पल लिया जा सकता तथा यदि निरीक्षण में प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि किसी प्रकार का नकली व मिलावटी, घी, खोवा एवं मिठाईयों अन्य दुग्ध उत्पाद बनाया जा रहा है अथवा विक्रय किया जा रहा है तो उसे तत्काल प्रभाव से जप्त किया जा सकेगा। यह आदेश जप्त सामग्री का निष्पादन खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के सक्षम प्राधिकारी द्वारा लिये गये सैम्पल की प्रयोग शाला रिपोर्ट में सामग्री नकली एवं मिलावटी पाई जाती है तो ऐसी सामग्री का विनष्टीकरण कर अन्य वैधानिक प्रावधानों के अन्तर्गत दोषी व्यक्ति के विरूद्व कार्यवाही की जावेगी तथा इस आदेश के उल्लघंन स्वरूप पुलिस द्वारा भी नियमानुसार पृथक से कार्यवाही की जावेगी। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान यदि ऐसे कोई संस्थान जिसमें नकली व मिलावटी की सूचना प्राप्त हुई हो तो वह निरीक्षण के समय बंद पाया जाये और सत्यसमय स्थल पर मौजूद व्यक्तियों तथा पास पडोस के निवासियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर यदि इस बात की युक्तियुक्त संभावना प्रतीत हो कि उस स्थल पर नकली व मिलावटी घी, खोवा एवं अन्य दुग्ध उत्पाद का विक्रय चलता रहा है तो ऐसे स्थल को सील्ड किया जावेगा तथा संस्था के संचालक/ स्वामी के मिलने पर संस्थान को खुलवाकर उसका निरीक्षण कर कार्यवाही की जा सकेगी। उपरोक्तानुसार आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होगा तथा आदेश दिनांक से 23 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगा।

 

सोमवार, सितंबर 21, 2009

हरित क्रांति की दिशा में पावर टिलर (मिनी ट्रेक्टर) का अभियान बना शहडोल के आदिवासी काश्तकारों के लिए वरदान

हरित क्रांति की दिशा में पावर टिलर (मिनी ट्रेक्टर) का अभियान बना शहडोल के आदिवासी काश्तकारों के लिए वरदान

 

जे.पी. धौलपुरिया, उपसंचालक, जनसम्‍पर्क कार्यालय, शहडोल म.प्र.

 

 शहडोल 20 सितम्बर 2009/ताबड़तोड़ पावरटिलर (मिनी टे्रक्टर) वितरण करने के कृषि विभाग के कदम से शहडोल के गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले आदिवासियों की काश्तकारी में चमक लौट आई है और उनके लिए यह वरदान साबित हुए हैं। उनकी आर्थिक एवं सामाजिक हैसियत में सुधार आया है। इस बदलाव की मिसाल बने हैं शहडोल जिले के दूरवर्ती और पिछड़े गांवों के 60 स्व-सहायता समूहों के 639 गरीब आदिवासी काश्तकार, जिनने पावर टिलर की मदद से तथा अपनी मेहनत और लगन से अपनी फसल का उत्पादन दो गुना कर लिया है।

 

       राज्य सरकार ने तकनीकी दक्षता वाले पावर टिलर देकर हताश गरीब आदिवासी काश्तकारों को नई रोशनी दी है। इसे अपने खेतों में चलाकर आदिवासी काश्तकार बिना किसी लागत के अपने खेतों की जुताई और फसलों की मचाई कर सकते हैं। पावर टिलर का खेतों में प्रचलन बढ़ने से निश्चित रूप से आदिवासी काश्तकार समूहों का कारोबार बढ़ा है। इन काश्तकारों के समूहों में जैसिंहनगर के खुशरबा के एक ज्वालामुखी स्व-सहायता समूह के आठ काश्तकार सदस्यों के 30 एकड खेतों में जुताई होती है । समूह के अध्यक्ष श्री मानसिंह बताते हैं कि पहले बैलों से चार एकड़ में जुताई करने पर पन्द्रह-बीस दिन का समय लग जाता था । पर अब पावर टिलर से एक ही दिन में जुताई हो जाती है। साथ ही दूसराें के खेतों में जुताई करने और खाद, मिट्टी, ईटों की ढुलाई करने से अतिरिक्त आमदनी भी हो जाती है।

 

       खेतों में जुताई और मचाई करने तथा काश्तकारों की बेहतरी के लिए कृषि लागत व समय बचाने के साथ पावर टिलर अन्य तरीकों से कमाई का उपयुक्त माध्यम भी बन रहे हैं। इससे इन काश्तकारों के खेतों की माटी गुलजार हो गई है। आमतौर पर साधनाें के अभाव में गरीब काश्तकार बैलों से ही खेतों में जुताई करते थे। असिंचित क्षेत्र में सिर्फ एक ही फसल ले पाते थे। इस एक फसल में भी उत्पादन कम होने से जो मिला उसी से काम चलाना पड़ता था। गुजरबसर के लिए उन्हें दूसरों के यहां दिहाड़ी मजदूरी करनी पड़ती थी । जिले के छत्तीसगढ़ की सीमा पर बसे गांव बरगवां के पन्द्रह सदस्यीय सिंह वाहिनी स्व-सहायता समूह के अध्यक्ष  बिहारी पाव बताते है कि पहले बैलों से खेतों में जुताई करने से उतना उत्पादन नहीं हो पाता था । लिहाजा दूसराें के यहां मजदूरी करके आजीविका चलानी पड़ती थी । अब पावर टिलर से खेतों में उत्पादन दो गुना हो जाने से आय बढ़ गई है। पावर टिलर का अन्य कार्यो में भी उपयोग होने से आमदनी बढ़ गई है। उन्हें अब दूसरों के यहां मजदूरी करने नहीं जाना पड़ता।

 

       गरीब आदिवासी काश्तकारों की बेहतरी के लिए जिले में 60 स्व-सहायता समूहों के 639 काश्तकारों को 95.28 लाख रूपये के अनुदान पर 60 नग पावरटिलर अब तक दिए जा चुके हैं। इनके साथ ट्राली, कैजव्हील, सीडड्रिल आदि भी दिए गए हैं। इससे इनने स्वयं की 1752 एकड़ भूमि पर जुताई कर आमदनी बढ़ाई है। ये अन्य काश्तकारो की करीब 1800 एकड़ भूमि पर भी जुताई कर कमाई कर रहे हैं। जब ये बैलों से जुताई करते थे तो खाद, बीज आदि की समय पर व्यवस्था नहीं कर पाते थे । साथ ही खेतों की जुताई, मताई (मचाई) कार्य समय पर तथा अच्छे तरीके से नहीं कर पाने के कारण बोआई व रोपाई कार्य में भी प्राय: देरी हो जाया करती थी, जिससे गरीब आदिवासी काश्तकार अधिकतम मात्र तीन-चार क्विं0 प्रति एकड़ धान का औसत उत्पादन ही ले पाते थे । पर अब यही उत्पादन बढ़कर छ:-सात क्विं0 प्रति एकड़ हो गया है। धान की उपज भी बढ़कर दो गुनी हो गई ह,ै जिससे उन्हें चार-पांच हजार रूपये प्रति एकड़ अतिरिक्त आय अर्जित हो रही है। जिनके यहां सिंचाई के साधन है, वे अब दो फसलें ले रहे हैं। ये 60 स्व-सहायता समूहों के 639 काश्तकारों द्वारा 1752 एकड़ जमीन पर धान की खेती करके उन्हें 25 से 30 लाख रूपये की अतिरिक्त आय होने से उनके जीवन में खुशहाली आ गई है । हरित क्रांति के संवाहक बने हुए पावरटिलर की उपयोगिता के बार में शहडोल के उपसंचालक कृषि श्री के.एम. टेकाम कहते हैं कि पावरटिलर के इस्तेमाल से गरीब आदिवासी काश्तकारों की माली हालत में सुधार हो रहा है। वे अब अच्छी खेती कर रहे हैं और दूसरों के यहां किराए पर पावर टिलर देकर भी आमदनी कर रहे हैं। और भी जरूरतमंद गरीब आदिवासी काश्तकारों को अनुदान पर पावरटिलर मुहैया कराए जाएगें ।

 

शुक्रवार, सितंबर 18, 2009

दुर्घटना में मृत मजदूर के परिजनों को मिलेगा एक लाख रूपये का मुआवजा

दुर्घटना में मृत मजदूर के परिजनों को मिलेगा एक लाख रूपये का मुआवजा (विश्वकर्मा जयन्ती – 17 सितम्बर)

श्रम राज्य मंत्री श्री करण सिंह वर्मा की घोषणा

 

Bhopal:Thursday, September 17, 2009

 

मध्यप्रदेश में अब दुर्घटना के कारण मरने वाले किसी भी क्षेत्र के मजदूर के परिजनों को एक लाख रूपये का मुआवजा दिया जाएगा। अभी तक केवल निर्माण श्रमिकों के परिजनों को ही दुर्घटना में मृत्यु होने पर एक लाख रूपये की सहायता राशि दी जाती है।

·                     दुर्घटना में मृत श्रमिकों के परिजनों को मिलेगा 1 लाख रूपये का मुआवजा

·                     अभी तक केवल निर्माण श्रमिकों के परिजनों को मिलती थी यह राशि

·                     श्रम मंत्री की श्रमिकों से अधिकाधिक पंजीयन की अपील

·                     पंजीयन से मिलता है कल्याणकारी योजनाओं का लाभ

·                     श्रम मंत्री द्वारा कार्यक्रम में सहायता राशि के चेक वितरित

·                     सहायता प्रसूति, विवाह, मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत दी गई

श्रम एवं राजस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री करण सिंह वर्मा ने उक्त घोषणा आज यहां विश्वकर्मा जयंती पर श्रमिकों के लिए आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में दी। श्रम राज्य मंत्री ने इस अवसर पर श्रमिकों को प्रसूति सहायता योजना, विवाह सहायता योजना और मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत सहायता राशि के चेक भी वितरित किए। कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त रूप से म.प्र. श्रम कल्याण मण्डल और मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा किया गया।

श्रम राज्य मंत्री श्री वर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि जिस तरह भगवान ब्रह्मा के पुत्र विश्वकर्मा ने सृष्टि, लंका नगरी, द्वारिका नगरी आदि की रचना की वैसे ही श्रमिक देश और प्रदेश के निर्माण का आधार हैं। श्री वर्मा ने श्रमिकों से अपील की कि वे हर हाल में अपना पंजीयन सुनिश्चित करायें ताकि उन्हें शासन द्वारा मजदूरों के लिए विवाह, शिक्षा, दुर्घटना, प्रसूति, उपचार आदि के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। श्री वर्मा ने मजदूरों से छोटा परिवार रखने की भी गुजारिश की ताकि वे अपने बच्चों की बेहरत परवरिश कर उन्हें खुशहाल नागरिक बना सकें। श्री वर्मा ने श्रम विभाग के अधिकारियों को गांव-गांव में शिविर लगाकर अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीयन करने के निर्देश दिए।

 

गुरुवार, सितंबर 17, 2009

स्कूलों में पितृ मोक्ष अमावस्या के अलावा दशहरा-दीपावली पर ग्यारह दिन अवकाश रहेगा, साल भर केअवकाश घोषित

स्कूलों में पितृ मोक्ष अमावस्या के अलावा दशहरा-दीपावली पर ग्यारह दिन अवकाश रहेगा

Bhopal:Wednesday, September 16, 2009

मध्यप्रदेश में राज्य सरकार की पहल पर इस साल सर्वपितृमोक्ष अमावस्या, दशहरा और दीपावली के अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के अधीनस्थ संस्थाओं में बारह दिन का अवकाश रहेगा। राज्य सरकार ने यह निर्णय चालू शिक्षा सत्र के अप्रैल माह से शुरू होने के एवज में किया है। इस वर्ष अप्रैल माह में सभी स्कूल प्रारंभ हो गये थे। ग्रीष्मावकाश के बाद पुन: एक जुलाई से स्कूल प्रारंभ हुए, तब से स्कूलों में नियमित रूप से पढ़ाई जारी है। स्कूलों में अवकाश की घोषणा पूर्व में स्कूल शिक्षा मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस भी कर चुकी है। शासन द्वारा इस संबंध में गत माह आदेश भी जारी किये जा चुके हैं।

शासन के आदेश के मुताबिक सर्वपितृमोक्ष अमावस्या पर 18 सितम्बर को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। साथ ही 26 सितम्बर से 30 सितम्बर तक पांच दिन का दशहरा अवकाश तथा 14 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक 6 दिन का दीपावली अवकाश भी घोषित किया गया है। सभी शासकीय स्कूलों में 25 दिसम्बर से 27 दिसम्बर तक तीन दिन का शीतकालीन अवकाश रहेगा।

इस प्रकार शिक्षकों के लिए एक मई 2010 से 23 जून 2010 तक 54 दिवसों का ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। वहीं एक मई 2010 से 30 जून 2010 तक का 61 दिवसों का ग्रीष्मकालीन अवकाश विद्यार्थियों के लिए रहेगा। पचमढ़ी में शिक्षकों का 48 दिवसीय ग्रीष्मकालीन अवकाश 9 जुलाई से 25 अगस्त तक रहेगा। विद्यार्थियों के लिए यह अवकाश एक जुलाई से 30 अगस्त तक का रहेगा, जिसकी अवधि 61 दिन की होगी।

उल्लेखनीय है कि चालू शिक्षा सत्र में इस साल अप्रेल से स्कूल प्रारंभ हो गये थे। बाद में ग्रीष्मावकाश के बाद जुलाई में पुन: स्कूल प्रारंभ हुए, जहां पहले दिन से ही पढ़ाई की विधिवत शुरूआत हो गई थी।

 

 

कब रहेगा अवकाश

 सर्वपितृमोक्ष अमावस्या

 18 सितम्बर 2009

 दशहरा अवकाश

 26 सितम्बर से 30 सितम्बर

 दीपावली अवकाश

 14 अक्टूबर से 19 अक्टूबर

 शीतकालीन अवकाश

 25 दिसम्बर से 27 दिसम्बर

 ग्रीष्मकालीन अवकाश

 1 मई 2010 से 23 जून 2010 (54 दिवस) शिक्षकों के लिए 1 मई से 30 जून तक (61 दिवस) विद्यार्थियों के लिए

 ग्रीष्मकालीन अवकाश(पमचढ़ी हेतु)

 9 जुलाई से 25 अगस्त (48 दिवस) शिक्षकों के लिए 1 जुलाई से 30 अगस्त (61 दिवस) विद्यार्थियों के लिए

 

बुधवार, सितंबर 16, 2009

ग्रामीण पेयजल आपूर्ति - सफलताएं और पहल

ग्रामीण पेयजल आपूर्ति - सफलताएं और पहल

भारत सरकार केन्द्र द्वारा प्रायोजित त्वरित ग्रामीण जल आपूर्ति कार्यक्रम के अंतर्गत सभी राज्यों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है, 01.04.2009 से इस कार्यक्रम का नाम अब राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम रखा गया है । इस कार्यक्रम में कई घटक हैं, जिनपर पहली अप्रैल 2009 से अमल शुरू किया जाएगा ।

भौतिक प्रगति

       भारत-निर्माण अवधि के दौरान जिन 55,067 बस्तियों को यह सुविधा मुहैया नहीं कराई जा सकी थीं और जो लगभग 3.31 लाख बस्तियां इससे से वंचित रह गयी थीं, उन्हें पेय जल सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी और 2.17 लाख बस्तियों की जल गुणवत्ता समस्या को दूर किया जाना है । 55,067 बस्तियों में से 54,430 बस्तियों में समस्या हल की जा सकी है । जहां पेय जल के टिकाऊ स्रोतों का अभाव है, वहां 2011 तक पेय जल सुविधा मुहैया कराने का प्रस्ताव है ।

वित्तीय प्रगति

       ग्रामीण जल आपूर्ति के लिए भारत निर्माण के अंतर्गत अनुमान लगाया गया है कि 4 वर्षों के दौरान 25,300 करोड़ रुपये केन्द्रीय सहायता की जरूरत पड़ेगी । वर्ष 2005-06 में 4098 करोड़ रुपये, 2006-07 में 4560 करोड़ रुपये और 2007-08 में 6441.69 करोड़ रुपये का उपयोग किया गया । वर्ष 2008-09 मे ग्रामीण पेयजल के लिए 7300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया । इसमें से 7276.29 करोड़ रुपये (99.68 प्रतिशत) का 31 मार्च, 2009 तक उपयोग कर लिया गया है । वर्ष 2009-10 के दौरान 2377.07 करोड़ रुपये की रकम जारी की गई थी, जबकि अप्रैल 2009 के दौरान बजट में 8000 करोड़ रुपये का आबंटन निर्धारित किया गया था ।

 

दक्षिण-पश्चिम मानसून की धीमी प्रगति के कारण पेयजल की आकस्मिक योजनाएं

योजना

       मानसून  में देरी को देखते हुए जून में ही राज्यों से कह दिया गया कि वे अपने-अपने राज्यों में पेयजल की स्थिति की समीक्षा कर लें । योजना में अल्पकालिक और दीर्घकालिक- दोनों ही प्रकार के उपायों को शामिल किया जाए । पानी की कमी वाले राज्यों का विवरण तथा पानी के लाने-लेजाने के ब्यौरे भी दिए जाएं जैसे यदि सड़क या रेलगाड़ी का इस्तेमाल किया जाता हो तो उसका भी ब्यौरा दें । विभाग ने राज्यों के ग्रामीण जल आपूर्ति के प्रभारी सचिवों की 1 जुलाई, 2009 को बैठक भी बुलाई, जिसमें स्थिति से निबटने के बारे में उनकी तैयारियों के संबंध मे विचार-विमर्श किया गया । क्षेत्रीय अधिकारियों को मनोनीत किया गया जो विशेष समस्याओं पर गौर करें । वे केन्द्रीय टीम के भाग के रूप मे राज्यों का दौरा भी कर रहे हैं । राज्यों से कहा गया है कि वे चलाई जा रही योजनाओं को जल्दी पूरा करने के बारे में आवश्यक कदम उठायें । जिसके परिणामस्वरूप लोगों को तत्काल राहत मिले । पीने के पानी, टैंकों और जलाशयों में इकट्ठा करके रखा जाए । नरेगा की पानी की अन्य योजनाओं में उपयोग किया जाए ।

       विभाग को स्थिति पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए । भारत सरकार के स्तर पर ग्रामीण जल आपूर्ति के लिए 5 प्रतिशत वार्षिक आबंटन किया जाना चाहिए । इस धनराशि से ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति प्रणाली की मरम्मत और रख-रखाव तथा अन्य आवश्यक कार्यों को पूरा किया जाना चाहिए । पेयजल कार्यक्रम के अमल के लिए नई नीति पर अमल किया जाना चाहिए । राष्ट्रीय ग्रामीण पेय जल कार्यक्रम (एनआरडीडब्ल्यूपी) का लक्ष्य है ग्रामीण क्षेत्र के हर व्यक्ति को पीने, खाना बनाने और अन्य घरेलू उपयोगों के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध कराना । 1972 से चलाये जा रहे त्वरित ग्रामीण जल आपूर्ति कार्यक्रम पर अमल के साथ-साथ उनके लिए जल आपूर्ति प्रणाली की सक्षम व्यवस्था तैयार की जानी चाहिए ।

 

ग्रामीण जल आपूर्ति कार्यक्रम की निगरानी

       ग्रामीण जल आपूर्ति कार्यक्रम के संबंध मे सभी तरह की जानकारी ऑन लाइन उपलब्ध है । इसके लिए इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट इन्फार्मेशन सिस्टम पर सार्वजनिक उपयोग की हर संभव सहायता उपलब्ध है ।

 

पेयजल कार्यक्रम को पंचायतों को सौंपने के मामले में प्रोत्साहन

       एनआरडीडब्ल्यूपी कार्यक्रम के तहत कोष आबंटन के लिए संशोधित तरीका लागू किया गया है और ग्रामीण जनसंख्या प्रबंधन तथा ग्रामीण पेयजल आपूर्ति कार्यक्रम जैसी स्कीमों के तहत जल आपूर्ति कार्यक्रमों को लागू रखने पर जोर दिया जाता है ।

 

       पानी की गुणवत्ता जांच के लिए तहसील (सब डिवीजन) स्तर पर सहयोग की व्यवस्था की जा रही है जहां भूमिगत जल की रासायिनक जांच कराई जाती है । जिन इलाकों मे पानी में शंखिया और पऊलोराइड आदि मिले रहते हैं, वहां के पानी की जांच करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है ताकि लोगों को स्वच्छ जल उपलब्ध हो सके ।

 

मंगलवार, सितंबर 15, 2009

एकता कपूर ने बालाजी टेलीफिल्‍म्‍स के नये प्रोजेक्‍ट के लिये नये चेहरे फेसबुक से चुने

एकता कपूर ने बालाजी टेलीफिल्‍म्‍स के नये प्रोजेक्‍ट के लिये नये चेहरे फेसबुक से चुने

ग्‍वालियर 15 सितम्‍बर 09 , फेसबुक पर नामी गिरामी हस्तियों में जहॉं वे पब्लिक से न केवल सीधे रूबरू होतीं हैं बल्कि कई राजनैतिक हस्तियॉ मसलन ग्‍वालियर सांसद श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया, समाजवादी पार्टी की उ.प्र. की राजनेता मीरा शुक्‍ला सहित अनेक केन्‍द्रीय मंत्री व प्रदेश सरकारों के मंत्री लोगों से बाकायदा सलाह मशविरा और राय भी ग्रहण करते हैं तथा अपने द्वारा किये जा रहे या किये गये कार्यों से भी लोगों को अवगत कराते हैं इसके साथ ही उनसे सीधे बातचीत कर उनकी समस्‍याओं और परेशानीयों का भी निदान करते हैं ।

ग्‍वालियर सांसद श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया तो प्रतिदिन लगातार ही अनेक (हजारों) लोगों से फेसबुक पर सीधे रूबरू होकर वार्ता करतीं हैं ।

अन्‍य लोकप्रिय व म‍हत्‍वपूर्ण हस्तियों में कई शीर्ष फिल्‍म सितारे भी फेसबुक पर रोजाना अभिगमन करते हैं, जिसमें ऐश्‍वर्या रॉय, रिया, एकता कपूर (बालाजी टेली फिल्‍म्स), सहित अनेक शीर्ष अभिनेता भी यहॉं लोगों के सतत सम्‍पर्क में रहते हैं ।

आज प्रसिद्ध फिल्‍म अभिनेता जीतेन्‍द्र की पुत्री एकता कपूर ने अपनी घोषणा में कहा है कि फेसबुक पर अपने मित्रों व फैन्‍स में से ही उन्‍होंने अपने आगामी प्रोजेक्‍टस के लिये नये चेहरों को चुना है और शीघ्र ही इन चयनित लोगों को बालाजी टेलीफिल्‍म्‍स का आमंत्रण पत्र मिलने जा रहा है ।

एकता कपूर जी द्वारा की गयी घोषणा हम यहॉं नीचे यथावत दे रहे हैं । जो कि हमारी फेसबुक प्रोफाइल पर एकता जी की ओर से आयी है हम एकता जी को उनके आगामी नवीन प्रोजेक्‍टस की रिकार्ड सफलता के लिये ग्‍वालियर टाइम्‍स की टीम ओर से हार्दिक शुभकामनायें व बधाई देते हैं ।

 

We've selected new faces for our new project & I am very glad to tell that most of them are from my face book friends n fans. Now my company is going to contact these selected persons very soon on contact details provided by them. -  एकता कपूर   

वायुसेना के तकनीकी पदों पर भर्ती के लिए रैली

वायुसेना के तकनीकी पदों पर भर्ती के लिए रैली

 

Bhopal:Monday, September 14, 2009

 

भारतीय वायु सेना द्वारा रीवा में 17 सितम्बर से 22 सितम्बर 2009 तक भर्ती रैली का आयोजन किया जा रहा है। यह भर्ती दो समूहों- ग्रुप 'X' और ग्रुप 'Y' के तहत की जाएगी। ग्रुप 'X' में तकनीकी ट्रेडों के लिए और ग्रुप 'Y' में ऑटो तकनीशियन, ग्राउण्ड ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर और भारतीय वायु सेना (पुलिस) पदों के लिए भर्ती की जाएगी। श्योपुर, मुरैना, भिण्ड,ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, रीवा, सिंगरौली, सीधी एवं सतना के अविवाहित पुरुष इस भर्ती रैली में भाग ले सकते हैं। अभ्यर्थी की जन्मतिथि एक जुलाई, 1983 एवं 30 सितम्बर 1992 के मध्य होनी चाहिए।

रीवा के वायुसेना मैदान, चिरहुला में सुबह 7 बजे से आयोजित इस रैली में ग्रुप 'X' के तहत न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ 10 + 2 की परीक्षा पास उम्मीदवार शासन द्वारा मान्यता प्राप्त किसी पॉलिटेक्निक संस्था से इंजीनियरिंग जैसे कि मेकेनिकल इंजीनियरिंग रिंग, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, कम्प्यूटर साइंस, इंस्ट्रूमेन्टेशन तक्नालॉजी या सूचना प्रौद्योगिकी में 3 साल का डिप्लोमा प्राप्त उम्मीदवार भाग ले सकेंगे। इसी तरह ग्रुप 'Y' के तहत 10+2 या समकक्ष व्यावसायिक परीक्षा में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक होने आवश्यक हैं। भर्ती रैली के दौरान वायुसेना के अधिकारी, पायलट और नेवीगेटर पदों के लिए कोई भर्ती नहीं की जाएगी।

 

 

तिथि

गतिविधियां

पात्र जिले

 18 सितम्बर, 2009

लिखित परीक्षा एवं शारीरिक फिटनेस परीक्षा (पीएफटी) ग्रुप 'X' (तकनीकी) के लिए

श्योपुर, मुरैना, भिण्ड, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, रीवा, सिंगरौली, सीधी और सतना।

 

 

 

 

 18 सितम्बर, 2009

लिखित एवं शारीरिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों का साक्षात्कार एवं मेडिकल टेस्ट

 19 सितम्बर, 2009

ग्रुप 'Y' के अभ्यर्थियों की लिखित एवं शारीरिक फिटनेस परीक्षा

 20 सितम्बर, 2009

ग्रुप 'Y' के 19 सितम्बर की परीक्षाओं में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का साक्षात्कार एवं मेडिकल टेस्ट

 21 एवं 22 सितम्बर, 2009

आरक्षित दिवस