मंगलवार, मई 08, 2012

ग्वालियर चम्‍बल में चुनावी करवट की दस्तक, रामदेव के साथ शिवराज की चुनावी हुंकार - नरेन्द्र सिंह तोमर ‘’आनंद’’

ग्वालियर चम्‍बल में चुनावी करवट की दस्तक, रामदेव के साथ शिवराज की चुनावी हुंकार
मुरैना डायरी
नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनंद''
औने पौने अद्धे पौये पूरे और सवाये नेता और पत्रकार  
चम्‍बल में नेताओं की ओर पत्रकारों की कमी नहीं है तमाम अद्धे पौये औने पौने पूरे सवाये नेता और पत्रकार चम्बल में भरे पड़े हैं , जैसे जैसे चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं वैसे वैसे नेताओं की वर्दियां कलफ खाने और रंग में आने लगी हैं तो पत्रकारों के गुणा भाग भी  लगने लगे हैं कि किस पार्टी या प्रत्याशी की डेस्क कौन संभालेगा किससे कितना लेना वसूलना है वगैरह वगैरह ।
म.प्र. के पिछले विधानसभा चुनावों में जमकर कमा चुके कई अखबारों के पत्रकार अंचल के संभावित पार्टी प्रत्याशियों पर नजरे गड़ाये बैठे हैं और जिस साइज का जो पत्रकार है वह उसी साइज के नेता से अपनी सेटिंग अभी से बिठालने में लगा है
चम्बल के 70 फीसदी पत्रकार जो नेताओं, प्रशासन और सरकार की दलाली में लंबे समय से मशगूल हैं अब आहिस्ते आहिस्ते अन्य पार्टियों के नेताओं को भी भाई साहब कह कर पुकारने लगे हैं और उनकी चमचागिरी में लंबलेट होने लगे हैं
चम्बल के नेता पूरी पार्टी को अपने आकाओं नेताओं को और उनके नाम बेचकर खाने में जहॉं सिद्धहस्त रहे हैं तो पत्रकार भी कम नहीं पड़ते वे अपने अखबार या मीडिया चैनल और मालिक या मैनेजिंग टीम के टारगेट के नाम पर अपनी इज्जत आबरू नाम प्रतिष्ठा सब बेचते आये हैं
ग्वालियर चम्बल में भाजपा का सफाया होने की नौबत
भिण्ड मुरेना श्योपुर दतिया क्षेत्र में भाजपा के सितारे डगमगाते हुये कशमकश में हैं और जमीनी तौर पर जहॉं भाजपा का सूपड़ा साफ होने की नौबत आन पहुँची है वहीं कांग्रेस भी इन्हीं क्षेत्रों में कमजोर और खस्ताहाल है
रोचक बात यह है कि ग्वालियर चम्बल क्षेत्र में कांग्रेस को सिंधिया महल में गिरवी रखा हुआ केवल जनता ही नहीं बल्कि खुद कांग्रेसी भी मानते हैं और इसी ऊहापोह में कांग्रेस के एकक्षत्र गढ़ ग्वालियर चम्बल में कांग्रेस का पराभव होकर यही क्षेत्र भाजपा का गढ़ बन गया
भाजपा से जनता बुरी तरह खफा है , सन 2008 के विधानसभा चुनावों के वक्त भी जनता भाजपा से खफा थी और पूरी तरह से म.प्र. की सत्ता बदलने के मूड में थी मगर ऐन चुनाव के वक्त करिश्मा ये हुआ कि ग्वालियर चम्बल अंचल ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में कांग्रेस ने टिकिट गलत बांट दिये और भाजपा ने टिकिट सही बांट दिये परिणाम बदल गये और कांग्रेस की जगह भाजपा सत्ता में वापस जा बैठी , कांग्रेसी नेता जहॉं अपने अपने वजूद और मुख्यमंत्री बनने के लिये एक दूसरे को या संभावित मुख्यमंत्रियों को ही नुकसान पहुँचाने में लगे रहे वहीं खुद के प्रत्याशी को छोड़ दूसरे नेता के प्रत्याशी को हरवाने में लगे रहे वहीं भाजपा इन दोषो से मुक्त रह कर सत्ता में वापस जा बैठी और जनता की सत्ता परिवर्तन की इस तेज अभिलाषा पर दोनो ही दलों ने भाजपा और कांग्रेस ने ही पानी फेर दिया
अब फिर से सन 2013 के विधानसभा चुनावों में जनता की भी नजर विधानसभा चुनावों में होने वाले पार्टी प्रत्याशियों पर जा टिकी है और सारी शतरंज की बाजी अब केवल प्रत्याशियों पर ही टिक कर रह गई है
कांग्रेस में प्रदेशव्यापी परिवर्तन और चुनाव प्रत्याशियों के चयन की कवायद
सुनने में आ रहा है कि म.प्र. कांग्रेस में बहुत जल्द प्रदेश व्यापी परिवर्तन होने जा रहा है , म.प्र. के प्रभारी वी.के. हरिप्रसद को भी हटा कर नया प्रभारी किसी चौधरी को लया जा रहा है , कांग्रेस में गुटबंदी पर लगाम कसने के लिहाज से और भी तमाम जिलाध्यक्षों व जिला कार्यकारणीयों में बदलाव सहित प्रदेश कमेटी तक में बदलाव किये जाने की मंसूबे कांग्रेस बना चुकी है
इसके अतिरिक्त अंदर ही अंदर कांग्रेस ने अपने प्रत्याशीयों विशेषकर प्रबल जीत की संभावना वाले प्रत्याशियों का चयन शुरू कर दिया है , जैसी कि खबर है करीब 25 या 30 प्रतिशत कांग्रेस प्रत्याशियों का पहली नजर में फौरी प्रभावी दमदार व जीत के प्रबल आसार वाले प्रत्याशी कांग्रेस चयन कर चुकी है , मुरैना जिला में करीब तीन प्रत्याशी कांग्रेस चयन कर चुकी है जो कि कुल 6 विधानसभा सीटों में से आधे हैं
भिण्ड जिला में भी कांग्रेस तीन प्रत्याशी लगभग तय कर चुकी है , यही हाल अन्‍य जिलों में कांग्रेस के प्रत्याशी चयन का है
अबकी बार कांग्रेस विधानसभा चुनावों में कोई कोर कसर रखने के मूड में नजर नहीं आ रही , कांग्रेस की तैयारियों से लग रहा है कि कांग्रेस प्रत्याशियों की पहली सूची इसी साल सितंबर से नवम्बर के बीच आ जायेगी ।
भाजपा के लिये भिण्ड मुरैना और ग्वालियर संसदीय सीटों पर खतरा
लगभग पूरी तरह खलनायक बन चुके भारतीय जनता पार्टी के वर्तमान लोकसभा सांसदों भिण्ड से अशोक अर्गल ओर मुरैना से नरेन्द्र सिंह तोमर तथा ग्वालियर से यशोधरा राजे सिंधिया के खिलाफ जमीनी तौर पर जनाक्रोशा, विद्रोह और बगावत के सुर फूटने लगे हैं , कोई शक नहीं कि कांग्रेस ने अगर इनकी टक्कर में अपने सही प्रत्याशी उतार दिये तो कंग्रेस की फतह इन तीनों पर बेहद आसन होगी
शिवराज ने रामदेव के साथ सन 2013 का चुनावी बिगुल फूंका
मुरैना में रामदेव की यात्रा के दौरान शिवराज ने वहॉं पहुँच कर न केवल रामदेव की तारीफ में तमाम कशीदे बांच दिये बल्कि सन 2013 में होने वाले म.प्र. विधानसभा चुनावों के लिये चुनावी बिगुल भी फूंक दिया
बाबा रामदेव मुरैना में उस समय हास्यास्पद स्थित में आ गये जब उन्होंने कहा कि डाकू अब चम्बल के जंगलों से निकल कर संसद में जा बैठे हैं
उल्लेखनीय है कि पिछले 25 – 30 बरस से भिण्ड और मुरैना में भाजपा के ही सांसद हैं और वर्तमान में भी दोनों ही सांसद भाजपा के ही हैं
भिण्ड से भाजपा सांसद मभिण्ड से पहले मुरैना रिजर्व सीट पर 20 – 25 साल सांसद रह चुके हैं और भिण्ड में अशोक अर्गल से पहले भिण्ड जनरल सीट पर भाजपा के ही रामलखन सिंह कुशवाह पंद्रह बीस साल सांसद रहे , परिसीमन के बाद भिण्ड सीट अनुसूचित जाति जनजाति के लिये आरक्षित हो गयी और मुरैना में आरक्षण समाप्त होकर मुरैना सीट सामान्य हो गयी , अशोक अर्गल भिण्ड रिजर्व सीट पर चले गये और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर पहले राज्यसभा सदस्य के रूप में सांसद रहे और मुरैना जनरल सीट पर पहले ही चुनाव में लोकसभा सदस्य के रूप में संसद पहुँचे ।
बाबा रामदेव के बयान के मुताबिक भाजपा के भिण्ड मुरैना के सभी भाजपा सांसद चम्‍बल के जंगल छोड़ कर संसद में जा बैठे हैं
निसंदेह रामदेव का दांव मुरैना में रामदेव के इस बयान के बाद एकदम उल्टा पड़ गया है, वैसे भी राजपूत बाहुल्य चंबल क्षेत्र में रामदेव से राजपूत पहले से ही ख्‍फा थे और रामदेव की चंबल के राजपूताने में जमकर खिल्ली उड़ाई जा रही थी  
चम्बल में बिजली कटौती का सिरदर्द बढ़ा
शिवराज सरकार जब से आई है हांलांकि बिजली सप्लाइ के मामले में तब से शुरू से ही फेल चल रही है , लेकिन भीषण गर्मी के इन दिनों में चम्बल में बिजली कटौती बढ़ा कर अब संभागीय मुख्यालयों पर करीब 16 – 17 घंटे की बिजली कटौती चालू कर दी गयी है जिसमें रात्रिकालीन 4 घंटे की बिजली कटौती भी शामिल है  तमाशा यह है कि आधे शहर में यह बिजली कटोती 16 – 17 धंटे तक की है तो बकाया आधे शहर में केवल यह 10 घंटे की है , जहॉं नई हाईटेंशन लाइनें बिछा कर बिजली मीटर चालू कर दिये गये हैं वहॉं अधिक बिजली कटौती है और जहॉं पुराने सीधे कंटिया डालकर बिजली चोरी करने वाले ओपन तार है वहॉं बिजली कटौती कम है     

मंगलवार, फ़रवरी 14, 2012

हम कहाँ थे,हम कहाँ जा रहे हैं - रजनी छाबड़ा


हम कहाँ थे,हम कहाँ जा रहे हैं

रजनी छाबड़ा
सुहाग के जोड़े,कुमकुम सने पग और
मेहँदी रचे हाथों से सजी संवरी दुल्हनिया
घोड़े पर सवार,सेहरे से सजे,
शाही शान से आते  दुल्हे  राजा
क्या ख्वाबों की बात हो जायेंगे
औत चटक,जनक जननी के जज़्बात जायेंगे
 
अपने जिगर के टुकड़े को
निगाहों से दूर बसने देना
क्या उन्हें मनमानी का परमिट दे गया
और अभिभावक क्या
उनका जीवन साथी सुझाने में
इतने अक्षम हो गए कि
नयी पौध द्वारा,वैवाहिक जीवन से पहले ही
खुद को आजमाना ज़रूरी हो गया
 
रिश्ते न हुए,
हो गयी मिठाई
चख लौ,भायी तो भायी
वरना  ठुकराई
आदम और हव्वा की
वर्जित फल खाने की  
 कहानी का दोहरान
आधुनिक पीड़ी चढ़ती जायेगी
दिशाहीनता की एक और सोपान
 
मृगतृष्णा सी तलाश
भटकन की राह दिखती है
तन मन की बेताबी बडाती  है
जीवंत  विश्वास,संस्कार और परम्पराएँ
क्यों न हम यही आजमाई राह अपनाये
 
कानून की कलम से लिखा
लिव इन का फैसला
सर पर सवार होने  न पाए
भारतीयता का परिवेश बदलने न पाए
हम भारतीय हैं,भारतीय रहेंगे
तपस्वनी धरा का यही औचित्य
सारी दुनिया को दिखलायें
 








शुक्रवार, फ़रवरी 10, 2012

भाजपा के मुरैना सांसद एवं राष्ट्रीय महामंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर का क्षत्रिय महासभा ने चुनावों में विरोध की चेतावनी दी

भाजपा के मुरैना सांसद एवं राष्ट्रीय महामंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर का क्षत्रिय महासभा ने चुनावों में विरोध की चेतावनी दी
ए.बी.वी.पी नेता विमल तोमर की कथित हत्या से क्षुब्ध है क्षत्रिय महासभा
ग्वालियर / मुरैना 10 फरवरी 12 , कल तक भाजपा नेता और मुरैना सांसद नरेन्द्र सिंह तोमर का साथ दे रहा और नरेन्द्र सिंह तोमर को पहले विधायक और फिर सांसद बनवाने वाला ग्वालियर चम्बल का क्षत्रिय समाज अब भाजपा नेता के खिलाफ मुखर विरोध में खड़ा हो गया है,  क्षत्रियों का एक प्रमुख संगठन अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के सुर बदल गये हैं और ग्वालियर चम्बल के क्षत्रिय राजपूतों ने नरेन्द्र सिंह तोमर का म.प्र. में होने वाले सन 2013 के चुनावों में खुलकर विरोध करने की घोषणा कर दी है महासभा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार  अखिल भारतीय क्षत्रिय  महासभा के  मीडिया प्रभारी रामराज सिंह राजावत ने बताया कि  विमल तोमर जी के मृत्यु को लेकर  भाजपा के राष्ट्रिय महासचिव नरेन्द्र सिंह  तोमर को  एक   चेतावनी पत्र देगी  यदि आपने  विमल तोमर जी कि म्रत्यु  के कारणों के  सी  बी  आई  जांच नहीं  करायी  तो हम आपका  2013  के चुनावों में विरोध करेगे  क्योकि  विमल तोमर जी  क्षत्रिय  सामाज के  एक  ऊर्जावान कार्यकर्ता थे और  उन जैसा  व्यक्ति  आत्महत्या  कर ही नहीं सकता हैं  इसके  अलावा  हमें  संदेह हैं कि उनकी गर्दन पर जो  निसान हैं  वो गर्दन  के नीछे  के हिस्से में हैं  मतलब साफ़ हैं  कि उनकी हत्या हुई हैं  इसके लिए हम सी बी आई  जांच के मांग करते  हैं 

बुधवार, नवंबर 23, 2011

मुरैना जिला अभिभाषक संघ का निर्वाचन संपन्न , हरी सिंह सिकरवार फिर बने अध्यक्ष, नई कार्यकारणी गठित

मुरैना जिला अभिभाषक संघ का निर्वाचन संपन्न , हरी सिंह सिकरवार फिर बने अध्यक्ष, नई कार्यकारणी गठित

मुरैना 23 नवम्बर 2011 , आज यहॉं जिला न्यायालय मुरैना में संपन्न जिला अभिभाषक संघ (District Bar Association- Morena) के चुनावों में बेहद कड़ी स्पर्धा में हरी सिंह सिकरवार पुन: तीसरी बार अध्यक्ष निर्वाचित हो गये हैं , इसके साथ ही पूरी कार्यकारणी का नव निर्वाचन हुआ है विजयी प्रत्याशीयों की सूची इस प्रकार है - हरी सिंह सिकरवार एडवोकेट - अध्‍यक्ष (तीसरी बार) , रामभरोसी पचोरी एडवोकेट- उपाध्यक्ष, महेन्द्र कुमार अग्रवाल एडवोकेट- सचिव, प्रदीप जैन एडवोकेट- कोषाध्यक्ष, दीपक बाबू शुक्ला एडवोकेट- सह सचिव, राजेन्द्र गुप्ता एडवोकेट- लाइब्रेरियन .... ग्वालि‍यर टाइम्स परि‍वार सभी विजयी प्रत्याशियों को हार्दिक बधाई देता है
 


गुरुवार, नवंबर 17, 2011

ग्वालियर चम्‍बल में चुनावों की जोशगर्मी शुरू, कांग्रेस का खिसका मजबूत खंब और बसपा ने लपका

ग्वालियर चम्‍बल में चुनावों की जोशगर्मी शुरू, कांग्रेस का खिसका मजबूत खंब और बसपा ने लपका
मुरैना डायरी
नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनंद''
 
भाजपा में सवैया खिवैया और चौथाईये पौने का खेल
ग्वालियर के आनंद नगर में हुये कांग्रेस भाजपा संग्राम के ही बहाने सही राजनीति के समीकरण और कांग्रेस भाजपा के अगले विधानसभा चुनावों में रणनीतिक खुलासों पर तो खुल कर बहस शुरू हो ही गयी है , तकरीबन परिदृश्य साफ सा हो गया है कि म.प्र. और विशेषकर ग्वालियर चम्बल संभाग में क्या राजनीतिक खेल होना है । ग्वालियर चम्बल संभाग जहॉं सवर्ण बाहुल्य क्षेत्र हैं तो वहीं चम्बल संभाग विशुद्ध राजपूत क्षेत्र है ।
ग्वालियर चम्बल की राजनीति की राजधानी और राजनीति का केन्द्र इस समय मुरैना लोकसभा और मुरैना जिला की दिमनी विधानसभा सीटों में समाहित है जहॉं से भाजपा के दिग्गज और धुरंधर नेता नरेन्द्र सिंह तोमर इस राजनीति कर रहे हैं , इस समय ग्वालियर चम्बल की राजनीति की यह राजधानी नरेन्द्र सिंह तोमर के पूरी तरह कब्जे में हैं जहॉं नरेन्द्र सिंह तोमर इस समय भाजपा के मुरैना से खुद सांसद हैं और उनके अंधे अनुयायी शिवमंगल सिंह तोमर दिमनी विधानसभा से भाजपा विधायक हैं ।
चूंकि अम्बाह विधानसभा, दिमनी विधानसभा और गोहद विधानसभा तीनों ही तोमर राजपूत बाहुल्य क्षेत्र हैं वहीं मुरेना लोकसभा पूरी तरह राजपूत बाहुल्य क्षेत्र और उसमें भी तोमर राजपूतों की बाहुल्यता के चलते नरेन्द्र सिंह तोमर एक पुख्ता जमीन पर जड़ें टिका कर राष्ट्रीय राजनीति में टिके हुये हैं ।
नरेन्द्र सिंह तोमर का भाजपा के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा से गुणा भाग ठीक ठाक नहीं जम पा रहा यह बात तो काफी समय से लोग जानते हैं किन्तु ग्वालियर की आनंद नगर की घटना के बाद यह बात खुलकर सामने आ गयी और कानाफूसी के दौर चालू हो ही गये। जहॉं प्रभात झा नरेन्द्र सिंह तोमर के धुर विरोधियों को आगे बढ़ाने में लगे हुये हैं वहीं नरेन्द्र सिंह तोमर के समर्थकों को साथ ही दरकिनार भी कर रहे हैं ।
ग्वालियर चम्बल में ठाकुरवाद ब्राह्मणवाद लंबे समय से एक गहरा जहरीला दंश रहा है जो अब भाजपा में खुल कर नजर आने लगा है ।
लगभग यह साफ है कि अगले चुनावों में प्रभात झा के रहते नरेन्द्र सिंह तोमर की इच्छा के मुताबिक भाजपा का टिकिट वितरण नहीं होगा । और अंचल में नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा बिछायी गयी राजनीतिक बिसात को प्रभात झा पूरी तरह पलट देने की तैयारी में है ।
दूसरी ओर कांग्रेस की असल हालत भी ग्वालियर काण्ड के बहाने खुल कर सामने आ गयी है, चूंकि कांग्रेस ने ग्वालियर चम्बल अंचल पूरी तरह ज्योतिरादित्य सिंधिया के हवाले कर रखा है और सिंधिया पिछड़े वर्ग की राजनीति तक ही सीमित हैं ऐसी सूरत में यदि केवल प्रद्युम्न सिंह तोमर को छोड़ दिया जाये तो सिंधिया के पास पूरे ग्वालियर चम्बल अंचल में केवल शून्य शेष बचता है । प्रद्युम्न सिंह तोमर भी तोमर होने के कारण चुनाव जीते यह बात किसी से छिपी नहीं है वहीं प्रद्युम्न की जीत में नरेन्द्र सिंह तोमर का भी बहुत बड़ा योगदान होने का आरोप भाजपा के अन्य नेता जयभान सिंह पवैया द्वारा लगाया जाता रहा है ।
कांग्रेस के अय धड़े अर्जुन सिंह और दिग्विजय सिंह गुट इस समय पूरी चम्बल में शांत और निष्क्रिय हैं , ग्वालियर घटनाक्रम के बाद भी अर्जुन सिंह और दिग्विजय सिंह गुट के नेताओं का न तो कोई बयान जारी हुआ और न आंदोलन में ही कहीं नजर आये जिसका मतलब व संदेश एकदम साफ है कि ग्वालियर चम्बल की राजनीति का ध्रुव अगले चुनावों में भी नरेन्द्र सिंह तोमर के ही आसपास केन्द्रित रहेगा और ग्वालियर चम्बल क्षेत्र नरेन्द्र सिंह तोमर की ही बिछायी गयी बिसात के तहत राजनीति में अपनी भूमिका अदा करेगा ।
खिसक गया कांग्रेस का मजबूत स्तंभ , लपक लिया बसपा ने
कांग्रेस के कद्दावर और दमदार राजपूत नेता निरंजन सिंह सिकरवार अभी चंद रोज पहले बसपा का एक बड़ा सम्मेलन करा कर बसपा में शामिल हो गये हैं । निरंजन सिंह सिकरवार मुरैना जिला की सुमावली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम खांड़ोली के रहने वाले हैं । जाहिर है कि बसपा के सुमावली विधानसभा से अगले प्रत्याशी निरंजन सिंह सिकरवार ही होंगें । सुमावली विधानसभा में गुर्जर राजपूत व काछी कुशवाहा और ब्राह्मण समाज के लोगों का बाहुल्य व जातीय संतुलन है, यहॉं से वर्तमान में ऐदल सिंह कंसाना कांग्रेस से विधायक हैं । सुनने में आया है कि ऐदल सिंह कंसाना अगला चुनाव सुमावली से लड़ने के इच्छुक नहीं हैं और वे मुरैना विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं , मुरैना विधानसभा में इस समय परशुराम मुदगल बसपा से विधायक हैं , वहीं भाजपा से पूर्व मंत्री रूस्तम सिंह दोबारा लड़ने के इच्छुक हैं !
तय होने लगे दिमनी पर भी राजनीतिक समीकरण
अंदर से छनकर आ रही खबरों के मुमाबिक दिमनी विधानसभा पर अगले विधानसभा चुनावों में अपना प्रत्याशी बदलने जा रही है , गुपचुप चल रहे अंदरूनी सर्वे और रिपोर्टो में दिमनी विधानसभा पर भाजपा अरूण सिंह तोमर और रविन्द्र सिंह तोमर को प्रत्याशी बनाने और उनकी विजय की संभावनायें टटोल रही है ।
कांग्रेस का जारी है गोपनीय सर्वे, बदल सकते है मध्यप्रदेश कांग्रेस के पदाधकिारी
ग्वालियर चम्बल अंचल में राहुल गांधी के अति गोपनीय व खास निर्देशों पर कांग्रेस का अति गोपनीय व खास सर्वे बहुत ही उच्च स्तर के लोगों द्वारा पिछले 20 -25 दिन से जारी है । ग्वालियर अंचल की छन कर आयी कुछ गुप्त रिपोर्टो के मुताबिक कांग्रेस की सूबे में हालत बहुत खस्ता होने की चौंकाने वाली जानकारी उभर रही है वहीं चम्बल अंचल में कांग्रेस की उपस्थित या प्रभाव तकरीबन शून्य बनकर उभर रहा है फिलवक्त सर्वे जारी है सो अधिक तो कुछ नहीं कहा जा सकता लेकिन यह जाहिर है कि जो चौंकाने वाली रिपोर्टें निकल उभर कर सामने आती जा रहीं हैं उससे कांग्रेस आला कमान सन्नाटे में हैं और इस सर्वे के बाद संभव है कि कांग्रेस में बहुत बड़ा फेरबदल हो और ग्वालियर चम्बल क्षेत्र सिंधिया से छीन लिया जाये या मध्‍यप्रदेश कांग्रेस में ही बहुत बड़ा फेरबदल किया जाये । हालांकि अभी कुछ कहना जल्दबाजी ही है । 
 

शनिवार, नवंबर 12, 2011

कांग्रेस प्रदेश प्रतिनिधि मनोज पाल सिंह ने दिया लोकायुक्त को म.प्र. के खनिज घोटाले पर शिकायती शपथ पत्र, मामला दर्ज करने की मांग

विशेष प्रतिनिधि, भोपाल जिला पंचायत मुरैना के सदस्य तथा कांग्रेस के प्रदेश प्रतिनिधि मनोज पाल सिंह ने लोकायुक्त में शपथ पत्र प्रस्तुत कर जबलपुर जिले की सीहोरा तहसील के ग्राम झींटी में मंत्रियों तथा अधिकारियों की मिली भगत से लगभग 600 करोड़ रुपए के अवैध उत्खनन का आरोप लगाया है और पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मानक अग्रवाल की ओर से इस मामले को न्यायालय भी ले जाया गया है और कांग्रेस नेताओं ने श्यामला हिल्स थाने जाकर इसे लेकर एफआईआर दर्ज कराने की भी कोशिश की थी। पुलिस ने कांग्रेस को सूचित किया है कि यह पुलिस के अहस्तक्षेप योग्य मामला है। मनोज पाल सिंह ने लोकायुक्त को की गई शिकायत में आरोप लगाया है कि ग्राम झींटी में जिन चार कंपनियों मेसर्स पेसिफिक एक्सपोर्ट कंपनी कटनी, नरसिंह माइंस कटनी, मायाराम सिंह ग्वालियर और निवेदन भारद्वाज को खनिज का दोहन करने के लिए लौह अयस्क की खदानें स्वीकृत की गई, उसमें नियमों का पालन नहीं किया गया और आंख मूंद कर कार्यवाही की गई। इसके बाद अवैध उत्खनन की शिकायत सांसद उदय प्रताप सिंह, विधायक आरिफ अकील तथा उपनेता प्रतिपक्ष विधानसभा चौधरी राकेश सिंह द्वारा की गई। इन शिकायतों की जांच के लिए एसके मंडल कार्यपालक संचालक के नेतृत्व में जांच दल गठित किया गया, जिसने जांच में शिकायत सही पाई गई। मौके पर अवैध उत्खनन तथा आदिवासियों की जमीन का उपयोग होना जांच दल द्वारा प्रमाणित किया गया। शिकायत में कहा गया है कि पट्टा अवैधानिक तरीके से देने, अवैध उत्खनन प्रमाणित होने तथा इसमें अधिकारियों की सांठगांठ साबित होने के बाद भी सरकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। मनोज पाल सिंह ने लोकायुक्त से दस्तावेजों का अवलोकन कर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध उनके द्वारा किए गए भ्रष्टाचार एवं अवैध कृत्यों के लिए कानूनी कार्रवाई की मांग की है। स्कूलों में सुनाया गया प्रधानमंत्री का पत्र भोपाल। प्रदेश की सभी शासकीय शालाओं में शुक्रवार को प्रधानमंत्री का पत्र सुनाया गया। शिक्षा के हक नाम से जारी पत्र में बच्चों को शिक्षा के अधिकार के संबंध में बताया गया है। पत्र में कहा गया है कि शिक्षा का अधिकार कानून बन चुका है। शिक्षा पाने का सभी बच्चों का कानूनी अधिकार है।


शुक्रवार, नवंबर 11, 2011

उ.प्र. चुनाव के पहले हो सकता है चम्बल प्रदेश का गठन : चौबे

उ.प्र. चुनाव के पहले हो सकता है चम्बल प्रदेश का गठन : चौबे
चम्बल घाटी की जनता तैयार रहे प्रदेश गठन के लिए
राष्ट्रीय हनुमान सेना पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पृथक चम्बल प्रदेश गठन की मांग के संयोजक नरसिंह कुमार चौबे ने कहा है कि पृथक चम्बल प्रदेश की मांग एक ऐसी जनकल्याणकारी लौ में परिवर्तित हो गई है कि चम्बलांचल के निवासियों में आत्मविश्वास का एक ऐसा अनौखा प्रकाश भर गया है जो अपने आपमें एक मिशाल है, आज के परिवेश में चम्बल की वादियों में रहने वाले लोग उस उक्त का बड़ी बेसब्री से इंजतार कर रहें हैं। ऐसा लगता है कि उनकी व्याकुल और उत्साहित नजरें प्रदेश गठन को पूर्ण होने को देखने के लिए बैचेन हैं। जनता हमसे हर जगह केवल एक ही बात पूछ रही हे कि उनके पृथक चम्बल प्रदेश गठन में अब क्या देरी है।  विकास का सूरज कब चमकेगा यहां के तमाम संसाधनों का उपयोग इनके विकास में होगा, मन में भाईचार और प्यार की अनुभूति होगी। लोगों के दिल खुशियों से लबरेज होंगे तथा पूरे क्षेत्र में कहीं भी बन्दूकों की भूमिका नहीं होगी। उन्होंने कहा है कि ऐसा लगता है कि उ.प्र. के आगामी चुनाव के पहले हो सकता है पृथक प्रदेश का गठन, चम्बल घाटी की जनता तैयार रहे पृथक प्रदेश गठन के के लिए।
चौबे ने यह विचार पृथक चम्बल प्रदेश गठन की मांग के समर्थन में चलाए जा रहे चम्बल रथ यात्रा हस्ताक्षर अभियान के दौरान नगर एवं देहात में जनसमुदायों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि चम्बल घाटी विकास से कोसों दूर, उ.प्र. लखनऊ से, म.प्र. भोपाल से, राजस्थान जयपुर से बिहड़ी बाहुल्य सीमा वर्ती ऐसे जिले हैं, जो कि तीन-तीन प्रदेशों में बंटे होने के कारण राय और केन्द्र सरकार की लाखों, करोड़ों, अरबों की जन कल्याणकारी योजनाएं आती रहीं है, औ्रर सीमावर्ती जिले होने के कारण दम तोड़ती रहीं, जिसमें न उस पार के लोगों को कोई लाभ मिला और न ही इस पार के लोगों को, इसलिए म.प्र. मालवा से चली चम्बल चम्बलांचल में हुई कलंकित।
चौबे ने कहा है कि पृथक चम्बल प्रदेश की ऐसी जनकल्याणी मांग है, चम्बलांचल में पृथक प्रदेश गठन से ही होगा विकास। अभी तक एक प्रदेश को विभाजन करके प्रदेश गठन होते रहें हैं। चाहे छत्तीसगढ़ हो या उत्तराखण्ड, झारखण्ड हो या तेलंगाना या विदर्भ की मांग चल रही हो। यह सभी एक ही राय के टुकड़े होकर पृथक प्रदेश गठन होते रहे हैं। पृथक चम्बल प्रदेश गठन की मांग एक ऐसी जन कल्याणकारी मांग है जिसमें सीमावर्ती 21 जिलों को मिलाकर पृथक प्रदेश गठन की मांग की गई है। जिसमें उ.प्र. से आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरा, इटावा, औरैया, जालौन, झांसी तथा ललितपुर, म.प्र. से गुना, शिवपुरी, अशोक नगर, दतिया, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर और भिण्ड, राजिस्थान से धौलपुर, सवाई माधौपुर, कोटा, बारा, झालावाद, पृथक चम्बल प्रदेश में सम्मलित किए गए हैं।
 चौबे ने संबोधित करते हुए कहा कि हस्ताक्षर अभियान से कोई भी वंचित नहीं रहेगा। राष्ट्रीय हनुमान सेना पार्टी द्वारा चम्बलांचल की समस्याओं एवं निदान के मुख्य बिन्दुओं को लेकर राष्ट्रीय हनुमान सेना पार्टी 27 दिसम्बर 1999 से पृथक चम्बल प्रदेश गठन एवं पचनदा बांध के निर्माण की मांग के समर्थन में चम्बल रथ यात्रा, हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। अब केन्द्र सरकार ने 25 अक्टूबर 1983 की पचनदा परियोजना को अब 60 करोड़ रुपए देकर मांग को मान लिया है। अब पृथक चम्बल प्रदेश गठन की मांग के समर्थन में चम्बल रथ यात्रा हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है, एक करोड़ हस्ताक्षर का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें 60 लाख हस्ताक्षर हो चुके हैं शेष 40 लाख हस्ताक्षर पूर्ण होने पर दिल्ली जाकर महामहिम राष्ट्रपति महोदय को ज्ञापन दिया जाएगा। चम्बलांचल की जनता तैयार रहे, इस अभियान की कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है, हस्ताक्षर अभियान को सफल बनाने के लिए प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को आगे आना होगा।

रविवार, अक्टूबर 30, 2011

गर्व से कहो ''तुम'' हिन्दू हो .....नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द''

गर्व से कहो तुम हिन्दू हो ........
नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द''
 
राजा वह जो न्याय करे, धर्म वह जो धारण हो, कर्म वह जो कारण हो, गुण वह जो त्रयगुणातीतो हो, राजपूत राजा देव अवतार होता है उसमें देव अंश रहता है, समदर्शिता उसका प्रधान लक्षण है जो समदर्शी नहीं वह प्रभु भक्त नहीं, प्रभु का प्रधान गुण है धर्म की रक्षा, धर्म मगर कौनसा ? क्या हिन्दू धर्म ... किस शास्त्र में वर्णित है शब्द हिन्दू या हिन्दू धर्म ? किस गंथ या शास्त्र या किस राजा ने घोषित किया है एक समुदाय को हिन्दू ? जब हमारा राज्य था महाभारत पर , दिल्ली पर तब तक तो तुम कोई भी नहीं थे हिन्दू .... तुर्क आये मुगल आये उन्होंनें तुम्हारा हिन्दू ... तुम्हें कहा गुलाम और दास ... सारी गुलामी और दासत्व को एक नाम दे दिया हिन्दू .... और तुमने उसे सीने से चिपका लिया , गौरवान्वित होकर एक गुलाम तमगा हिन्दू शब्द पाकर ... कहते हो सबसे कि ''गर्व से कहो हम हिन्दू है'' ... अपनी मुगल और तुर्क गुलामी व दासता का बड़े गौरव से प्रचार करते हो ... जब अपने कुल के न हो सके तुम, अपनी खुद की मॉं के न हो सके, अपने वंश और अपने राजा के न हुये तो मातृभूमि के कैसे हो सकते हो .... जाओ विचार करो ... हम थे दिल्ली के राजा ... भारत के राजा .. महाभारत के राजा ... दिल्ली और आजाद भारत के आखरी हिन्दू राजा और राजवंश ... हमने तो नहीं दिया ये ''हिन्दू'' नाम तुम्हें .... उल्टे जो तुम्हारे भाई बंधु वंश व मातृभूमि के लोग जबरन धर्म परिवर्तन करा मुसलमान बना दिये उन्हीं अपने भाईयों को आज गालियां देते हो , उनकी बहिन बेटियों की आबरू लूटते हो , कत्ल कर देते हो ... धिक्कार है ... अपने ही लहू को नहीं पहचानते ... फिर गर्व से ये और कहते हो मातृभूमि ... किसकी नहीं है ये मातृभूमि .... क्या यही है श्रीकृष्ण और अर्जुन का बनाया हुआ महाभारत जहॉं दो तिहाई विश्व , और भूभाग ही नहीं , संस्कृति, सभ्यता और भाषाओं , जातियों, समुदायों को मिला कर एक कर दिया था, हर भारत भरतवंशी श्रीकृष्‍ण , अर्जुन और पांडव के वंशज के लिये समूची धरा ही मातृभूमि है और वसुधैव कुटुम्बकम इस वंश का सूत्र है .... ध्यान रहे यह सम्पूर्ण धरा मातृभूमि है ... धर्म के जो चार चरण हैं उन्हें भुला कैसे दिया तुमने ... चार प्रकार के धर्मों का वर्णन है उसे भुला कैसे दिया तुमने ... धर्म जन्म से नहीं प्राप्त होता .. धारण किया जाता है उसे भुला कैसे दिया तुमने ... आज के राजाओं का भी पूर्ण वर्णन शास्त्रों और ग्रंथों में है ... मगर अफसोस ... शास्त्रों और ग्रंथों का इन एक भी अर्जी फर्जी नेताओं / आज के राजाओं को ज्ञान नहीं है ... अगर भूले से भी एक बार भी शास्त्र या ग्रंथ पढ़ लेंगें तो ये खुद को हिन्दू कहना तत्काल उसी वक्त से बंद कर देंगें और संपूर्ण धरा इनकी मातृभूमि और समचा विश्व इनका साम्राज्य और पुन: महाभारत की स्थापना एवं भारत का समूचे विश्व पर एकक्षत्र निष्कंटक राज्य होगा ...