गुरुवार, जुलाई 09, 2009

भिण्‍ड में प्रशासन की चुस्‍ती से हड़कम्‍प: कलेक्टर द्वारा 6 कार्यालय और 5 विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण

भिण्‍ड में प्रशासन की चुस्‍ती से हड़कम्‍प: कलेक्टर  द्वारा 6 कार्यालय और 5 विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण

45 कर्मचारीयों का एक दिन का वेतन काटने, 2 कर्मचारी निलंबित करने के निर्देश दि, ग्राम पुर में मिट्टी के तेल का भण्डार सील

भिण्ड 8 जुलाई 2009

       कलेक्टर श्री के.सी.जैन ने आज फिर कार्यालयों में देरी से आने वाले के विरूद्व आकस्मिक निरीक्षण अभियान जारी रखते हुये 6 कार्यालयों तथा 5 विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। कार्यालयों में अनुपस्थित 45 कर्मचारियों को अनुपस्थित घोषित कर एक-एक दिन का वेतन रोकने तथा कार्यालय प्रमुखों में अनुशासन होने  रूप कारण बताओं सूचना पत्र जारी करने, व स्कूल चलों अभियान में रूचि न लेने वाले दो गुरूजियों निलंबित करने व एक सुपरवाईजर  की वेतन वृद्वि रोकने के निर्देश दिये है। उन्होंने ग्राम पुर में मिट्टी के तेल के भडार गृह को भी सील करवा दिया है। कलेक्टर द्वारा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में की गई कार्रवाई के दौरान एसडीएम भिण्ड श्री डीआर कुर्रे, डीपीसी श्री पीएस चौहान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

       कलेक्टर श्री जैन ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा भी कार्यालयों में लेट लतीफी पर लगाम करसने के निर्देश दिए गये है। इसके साथ ही प्रत्येक शासकीय कर्मी का दायित्व है कि वह समय पर कार्यालय में उपस्थित हो तथा अपने दायित्वों का निस्पादन करें। उन्होंने कहा कि जिले में लेतलतीफ आने वालों के विरूद्व अभियान जारी रखा जावेगा। सभी एसडीएम को निर्देश दिए है कि अनुभाग स्तर भी कार्रवाई सुनिश्चित की जावे। उन्होंने आज प्रात:10.40 बजे उप संचालक कृषि, सहायक संचालक मत्स्योद्योग, श्रम पदाधिकारी, भूजल सरंक्षण कार्यालय तथा कन्या महाविद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सभी कार्यालयों में उपस्थित नगण्य पाये जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कृषि विभाग में 23 श्रम पदाधिकारी में 4, भू सरंक्षण कार्यालय 6 मत्स्य पालन विभाग में 4 तथा कन्या महाविद्यालय में  2 रोजगार कार्यालय के तीन कर्मचारियों को अनुपस्थित कर एक-एक दिन का वेतन काटने तथा कार्यालय प्रमुखों को भी  पर्यवेक्षण कार्य में लापरवाही के कारण नोटिस दिए गये है। उन्होंने कन्या महाविद्यालय की दशा पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की तथा शीघ्र कक्षाएें प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।

       श्री जैन ने स्कूल चलों अभियान के तहत भिण्ड शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनी हकीकत को जानने का प्रयास भी किया। उन्होंने भिण्ड शहर के शासकीय प्राथमिक विद्यालय काटनजीन तथा शासकीय माध्यमिक विद्यालय पुरानी बस्ती का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने काटनजीन विद्यालय में अनुपस्थित अतिथि शिक्षक कु.अंजली शर्मा की सेवा समाप्त करने तथा पुरानी बस्ती विद्यालय में उपस्थित दो शिक्षकाओं कु सुशमा गुप्ता तथा पुष्पा जादौन कोर् कत्तव्य से लापरवाही के कारण एक-एक वेतन वृद्वि रोकने के निर्देश दिए।

       उन्होंने शासकीय बालक प्राथमिक विद्यालय तथा कन्या प्राथमिक विद्यालय पुर का निरीक्षण भी किया। विद्यालय में बच्चों को प्रदान किये जा रहे मध्यान्ह भोजन की प्रक्रिया पर नाराजगी व्यक्त की तथा प्राध्यापक को चेतावनी की भविष्य में बच्चों को उत्तम गुणवत्ता का तथा वर्तन में खाना खिलाया जावे। शासन द्वारा प्रत्येक विद्यालय को वर्तन मुहैया करा दिए गये है। श्री जैन ने सेवा  सहकारी समिति पुर का निरीक्षण किया तथा ग्रामीणों से मिट्टी का तेल और खाद्यान्न वितरण की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मिट्टी के तेल का भण्डार टेंक को भी सीलकर नायब तहसीलदार श्री बाजपेयी को स्वयं के समक्ष तेल वितरण कराने के निर्देश भी दिए है। ग्राम पुर स्थित तीन आंगनबाडी केन्द्रों को भी निरीक्षण किया। आंगनबाडी केन्द्रों की अव्यवस्थाओं के कारण उन्होंने सरपंच श्री नरसिंह को रोजगार गारंटी योजना के अन्तर्गत शेष बचे जॉव कार्ड तुरंत वितरित कराने के निर्देश भी दिए।

       इसके उपरांत श्री जैन ने ग्राम एेंतहार स्थित प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला और हाईस्कूल का निरीक्षण किया। ग्राम में शाला त्यागी और अप्रेवेशी बच्चों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से सामाजिक सुरक्षा पेंशन वृद्वावस्था पेंशन, आंगनबाडी केन्द्र, बटांकन, नामांतरण प्रकरणों की स्थिति की जानकारी भी प्राप्त की।

       कलेक्टर श्री जैन ने एसडीएम लहार के प्रस्ताव पर स्कूल चलों अभियान में रूची न लेने वाले शिक्षा गारंटी केन्द्र चाँदा के गुरूजी श्री लालूराम व श्रीमती पानकुंवर को निलंबित करने के निर्देश भी दिए है

 

 

कलेक्टर ने ली बच्चों की क्लास, शिवम् को दिया 100 नगद पुरूस्कार

कलेक्टर ने ली बच्चों की क्लास, शिवम् को दिया 100 नगद पुरूस्कार

भिण्ड 8 जुलाई 2009

       शासकीय माध्यमिक विद्यालय पुरानी बस्ती के बच्चों की क्लास कलेक्टर श्री के.सी.जैन ने ली तथा कक्षा तीन के छात्र शिवम् द्वारा सही पहाड़े सुनाने पर एक सौ रूपये का नगद पुरूष्कार प्रदान किया। उन्होंने एक ही कक्ष में पहली से पॉचवी तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने पर प्रधानाध्यापक को डांट प्लाई।

       श्री जैन ने कहा कि शिक्षक विद्यालयों ने समय पास न करें वह बच्चों को गुणवत्ता परक शिक्षा प्रदान करने का प्रयास करें । उन्होंने कहा कि विद्यालयों की कार्य प्रणाली में कसावट लाने की आवश्यकता है। श्री जैन स्वयं प्राथमिक विद्यालय की कक्षा में बैठकर बच्चों से उनकी पढाई लिखाई के विषय में चर्चा की।

       उन्होंने कक्षा तीन के छात्र को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 100 नगद पुरस्कार भी प्रदान किया।

 

विधानसभा कार्य में लापरवाही पर लिपिक व भृत्य निलंबित

विधानसभा कार्य में लापरवाही पर लिपिक व भृत्य निलंबित

भिण्ड 8 जुलाई 2009

       विधानसभा प्रश्नों के जबाव से संबंधित डाक में लेतलाली बरतने वाले स्वास्थ्य विभाग के एक लिपिक तथा एक भृत्य को कलेक्टर श्री के.सी.जैन द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

       श्री जैन ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान सभी विभाग सर्तक रहकर कार्य करें तथा विधानसभा प्रश्नों का जबाव तत्परता और तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत करें। उन्होंने विधानसभा ध्यानार्कषण का जबाव भेजने मे लापरवाही बरतने वाले एक लिपिक श्री शैलेन्द्र बाजपेयी, तथा भृत्य श्री शिवकुमार गोयल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

 

कलेक्टर द्वारा 81 लाख 85 हजार का गवन के आरोपी 17 समिति प्रबंधक को निलंबित कर एफ.आई.आर के निर्देश

कलेक्टर द्वारा 81 लाख 85 हजार का गवन के आरोपी 17 समिति प्रबंधक को निलंबित कर एफ.आई.आर के निर्देश

भिण्ड 8 जुलाई 2009

       कलेक्टर श्री के.सी.जैन ने सहकारी साख समितियों के माध्यम से अमानत में खयानत करने वाले 17 समिति प्रबंधकों को निलंबित कर उनके खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश महाप्रबंधक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक को दिए है। इन समिति प्रबंधकों पर 81 लाख 85 हजार 628 रूपये की राशि गवन का आरोप है। इसके साथ ही कलेक्टर ने आगजनी के कारण बंद पडी बैंक अकोड़ा एवं दबोह शाखा को पुन: प्रारंभ कराने के निर्देश भी दिए है। श्री जैन ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुये स्व रामवरन तिवारी के पुत्र सतीश तिवारी को तुरंत अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करने के निर्देश  भी दिए है।

       श्री जैन ने कहा कि सहकारी साख समितियों के माध्यम से समाज के कमजोर और गरीब वर्ग के व्यक्तियों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली का संचालन किया जा रहा है। इनके माध्यम से खाद्यान्न और रासायनिक खाद्य का वितरण किया जाता है लेकिन कुछ समिति प्रबंधकों द्वारा राशि संग्रहित करने के बाद बैंक के खातों में जमा नही कराई गई है जिसके कारण सहकारी बैंक की आर्थिक स्थिति पर भी विपरीत प्रभाव पड रहा है।

       श्री जैन ने एसे सभी 17 समिति प्रबंधक श्री राकेश श्रीवास्तव जिन पर संस्था खरिका व मोतीपुरा का 5 लाख 52 हजार, किन्नोठा का एक लाख 70 हजार, टेहनगुर का 2 लाख 50 हजार, पुलावली 25 हजार 110, अमायन का 2 लाख 52 हजार 640, चुटावली का 35 हजार 500, पिपहाडी का 58 हजार 808 रूपये, समिति प्रबंधक श्रीलाल राठौर गोरमी का 14 लाख 50 हजार 972, श्री राजेन्द्र प्रसाद शुक्ला समिति प्रबंधक दबोहा 1 लाख 97 हजार 198, दीनपुरा 1 लाख 61 हजार 841, श्री रामदास सिंह जाटव समिति प्रबंधक सुनारपुरा 51 हजार 51, श्री रमेश कुमार इन्दौरिया समिति प्रबंधक गाता 92 हजार 936,श्री कालूराम शर्मा समिति प्रबंधक पचेरा 1 लाख 62 हजार 126, श्री रामजीलाल शर्मा समिति प्रबंधक परा 35 हजार 767, अटेर 2 लाख 66हजार 883, श्री योगेन्द्र सिंह जादौन समिति प्रबंधक प्रतापपुरा 95 हजार 431, श्रीराम पण्डा समिति प्रबंधक खडेर 95 हजार 264, गिरगांव 81 हजार 140, चम्हेडी 80 हजार 366, अकलोनी 2 लाख 99 हजार 923, छीमका 26 हजार 188, श्री रमेश पवैया समिति प्रबधंक दुल्हागन 2 लाख 8 हजार 681, खेरिया सिंध 37 हजार 734, भारौली खुर्द एक लाख 82 हजार 745, श्री कमलेश कुमार श्रीवास्तव पर्य.लहरौली 2 लाख 95 हजार, टेहनगुर 9 लाख, ऊमरी 58 हजार, मेहगांव 3 लाख 75 हजार 900, श्री तेजसिंह शाक्य पर्य.गोहरा/ सोनी 99 हजार 149, श्री चन्द्रपाल सिंह भदौरिया समिति प्रबंधक ऊमरी एक लाख 15 हजार, पुलावली एक लाख 48 हजार, श्री दिलीप सिंह कुशवाह समिति प्रबंधक किन्नोठा 6 लाख 77 हजार, श्री अश्वनी गोतम समिति प्रबंधक खरिका 25 हजार 882, शुक्लपुरा एक लाख 39 हजार 976, नावली वृन्द्रावन 2 लाख 85 हजार 638, राजेन्द्र टाईगर समिति प्रबंधक शुक्लपुरा 35 हजार 68, भीमपुरा 65 हजार 675, रमा 70 हजार 966, श्री पुष्पेन्द्र सिंह सिकरवार समिति प्रबंधक लहचूरा 11 हजार 137, अमायन 1 लाख 43 हजार 212, टीकरी कला एक लाख 31 हजार 817 राशि बकाया होने के कारण इन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिये।

 

बुधवार, जुलाई 08, 2009

पुलिस के बाद अब कलेक्टर भी करें जनसुनवाई : समाधान ऑन लाइन में मुख्यमंत्री के निर्देश

पुलिस के बाद अब कलेक्टर भी करें जनसुनवाई : समाधान ऑन लाइन में मुख्यमंत्री के निर्देश

ग्वालियर 7 जुलाई 09। पुलिस महकमे की भांति जिला कलेक्टर सहित विभिन्न विभागों के खण्ड स्तर से लेकर जिला कार्यालय प्रमुख तक हर मंगलवार को जनसुनवाई करेंगे। इस आशय के निर्देश मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज समाधान ऑन लाइन कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर्स को दिये। मुख्यमंत्री ने समाधान ऑन लाइन में करीबन एक दर्जन जिला कलेक्टर्स से सीधी बात कर विभिन्न आवेदन कर्ताओं की समस्याओं का समाधान कराया। मुख्यमंत्री ने ग्वालियर संभाग के भी दो प्रकरणों का आज निराकरण कराया।

       मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने समाधान ऑन लाइन में कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अत: सभी जिला कलेक्टर्स सुव्यवस्थित ढंग से जनसुनवाई करायें, जिससे आमजनों को रोजमर्रा की समस्या के समाधान के लिये इधर उधर भटकना न पड़े और न ही आवेदन लेकर प्रतीक्षा करनी पड़े। उन्होंने हर मंगलवार को प्रात: 11 बजे से एक बजे तक जिला कलेक्टर समेत सभी विभागों के खण्ड व जिला कार्यालय प्रमुखों को अपने अपने कार्यालयों में जनसुनवाई करने की हिदायत दी। मुख्यमंत्री ने जनसुनवाई कार्यक्रम के बारे में गांव स्तर पर पटवारी, कोटवार व पंचायत सचिव आदि के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश भी दिये।

समाधान ऑन लाइन से संभाग के दो आवेदनकर्ता लाभान्वित

       शिवपुरी जिले की ग्राम रन्नौद की निवासी कुमारी दीपाली मिश्रा को भी अब गांव की बेटी योजना का लाभ मिलेगा। दीपाली मिश्रा ने मुख्यमंत्री को आवेदन प्रस्तुत कर इस योजना का लाभ दिलाने की मांग की थी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज समाधान ऑन लाइन में दीपाली मिश्रा की यह मुराद पूरी कर दी। गौरतलब है कि दीपाली मिश्रा ने हायर सेकण्ड्री परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद ग्वालियर में के आर जी. महाविद्यालय में प्रवेश लिया। उसका कहना था, पात्रता होने के बावजूद उसे गांव की बेटी योजना का लाभ नहीं दिया गया है। आज समाधान ऑन लाइन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ग्वालियर जिला कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी व शिवपुरी जिला कलेक्टर श्री मनीष श्रीवास्तव से सीधी बात कर इस समस्या का समाधान कराया। ग्वालियर कलेक्टर ने मुख्यमंत्री को बताया इस छात्रा ने के. आर जी. महाविद्यालय से स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है।  इसलिये विशेष प्रकरण मानकर उच्च शिक्षा विभाग से उसे योजना के तहत आर्थिक सहायत मंजूर कराई गई है। कलेक्टर ने जानकारी दी कि महाविद्यालय की तत्कालीन प्राचार्या डॉ. आशा माथुर के अनुसार छात्रा ने योजना का लाभ लेने के लिये आवेदन ही नहीं किया था। जबकि शिवपुरी कलेक्टर के अनुसार छात्रा को योजना का लाभ दिलाने के लिये तत्समय सक्षम कार्यालय द्वारा प्रमाण पत्र आदि जारी किये गये थे। मुख्यमंत्री ने इस प्रकरण में हुए विलंब की जांच तीन दिवस में कराने के निर्देश ग्वालियर जिला कलेक्टर को दिये हैं। ग्वालियर कलेक्टर ने अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा को यह जांच पूर्ण कर तत्काल प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने समाधान ऑन लाइन में आज संभाग के शिवपुरी जिले के एक किसान को कृषक जीवन कल्याण योजना का लाभ दिलाया। उन्होंने इस प्रकरण में देरी की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिये शिवपुरी जिला कलेक्टर को निर्देश दिये हैं। शिवपुरी कलेक्टर ने जानकारी दी है कि इस प्रकरण में विलंब के लिये दोषी कृषि विभाग के एक लिपिक को निलंबित कर दिया गया है और वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच की कार्रवाई की जा रही है।

 

अल्प वर्षा को ध्यान में रखकर खरीफ कार्यक्रम में बदलाव के निर्देश

       मुख्य सचिव श्री राकेश साहनी ने समाधान ऑन लाइन में ग्वालियर और चंबल संभाग सहित अल्प वर्षा वाले अन्य संभागों के आयुक्त व जिला कलेक्टर से कहा कि वे वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखकर खरीफ कार्यक्रम में बदलाव करें। उन्होंने निर्देश दिये कि संबंधित कमिश्नर और जिला कलेक्टर कृषि अमले के माध्यम से खाद व बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करायें। उन्होंने खासकर उन इलाकों पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया जहां बोनी होने के बाद बारिश नहीं हुई है।

ग्वालियर संभाग के आयुक्त डॉ. कोमल सिंह ने  इस मौके पर जानकारी दी कि संभाग में अल्प वर्षा की वजह से उत्पन्न हुई स्थिति पर गहरी नजर रखी जा रही है। संभाग के सभी जिलों में इस स्थिति को ध्यान में रखकर कन्टिजेंसी खरीफ प्लान तैयार कराये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि संभाग में तिल के बीज की और आवश्यकता होगी। संभागायुक्त ने जानकारी दी कि संभाग में लगभग 20 प्रतिशत खरीफ रकबे में बोनी हुई है और लगभग 70 प्रतिशत बीज अंकुरित हुये हैं। बोनी के बाद वर्षा न होने से विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। उन्होने बताया कि संभाग के सभी जिलों के 40 प्रतिशत हैण्डपंपों के जल स्तर नीचे चले जाने से बंद हो गये हैं तथा गुना जिले में भूमिगत जल का स्तर तीन मीटर से भी नीचे चला गया है।

 

पुलिस महानिदेशक ने ग्‍वालियर में जनसुनवाई में सुनी 64 फरियादें : जनसुनवाई सामुदायिक पुलिसिंग का महत्वपूर्ण कदम- एस.के.राउत

पुलिस महानिदेशक ने ग्‍वालियर में जनसुनवाई में सुनी 64 फरियादें : जनसुनवाई सामुदायिक पुलिसिंग का महत्वपूर्ण कदम- एस.के.राउत

ग्वालियर 7 जुलाई 09। पुलिस और जनता के बीच संवाद कायम करके ही अपराध पर नियंत्रण पा सकते हैं। उक्त आशय के विचार प्रदेश के पुलिस महानिदेशक श्री एस के. राउत ने आज यहाँ पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में जनसुनवाई के उपरांत व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई सामुदायिक पुलिसिंग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। नागरिक थाना स्तर से लेकर वरिष्ठतम पुलिस अधिकारी तक से मुलाकात करते हैं। जिससे पुलिस के प्रति झिझक और भय समाप्त होता है साथ ही प्रकरणों के निराकरण में तेजी आती है और अपराधों पर भी प्रभावी नियंत्रण में सहायता मिलती है ।

      आज पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय ग्वालियर में जनसुनवाई के दौरान पुलिस महानिदेशक श्री राउत ने 64 फरियादियों की फरियाद सुनी तथा यथासंभव निराकरणार्थ सम्बन्धित पुलिस अधिकारियों को हिदायतें भी दी। जनसुनवाई के दौरान पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर जोन श्री अरविन्द कुमार, पुलिस उप महानिरीक्षक श्री एस एम. अफजल, पुलिस अधीक्षक श्री ए. साँई मनोहर सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकगण व संबंधित पुलिस अधिकारी भी उपस्थित थे।

      उल्लेखनीय है कि आज जनसुनवाई वाला तीसरा मंगलवार था व स्वयं प्रदेश के पुलिस बल के सदर सुनवाई कर रहे थे इसलिये फरियादियों ने भी अपना दर्द उड़ेल कर रख दिया। किसी ने मोबाइल फोन पर धमकी भरा एस एम एस. दिखाया तथा किसी ने अपनी पुत्री को जला देने का मामला सामने रखते हुए उसकी हत्या का सन्देह व्यक्त किया। कुछ अरसा पूर्व तिघरा जलाशय में मिले मृत युवक के परिवार वालों ने भी अपने बच्चे की हत्या किये जाने का सन्देह व्यक्त करते हुए जांच का निवेदन किया। पुलिस महानिदेशक महोदय ने दोनों प्रकरणों में गम्भीर अनुसंधान की हिदायत दी। कृष्णा कालोनी वासी एक महिला ने ढाई माह से लापता अपने पति की तलाश करने तथा उसक विरूध्द गबन का प्रकरण कायम कर परेशान किये जाने की शिकायत की । पुलिस महानिदेशक ने पुलिस अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता से कार्यवाही करने की हिदायत दी । 

      जनसुनवाई में दो प्रतिनिधि मण्डलों ने हाल ही में हुए एक एनकाउण्टर पर सवाल उठाते हुए कार्यवाही की मांग की। पुलिस महानिदेशक महोदय ने जांच करवाने का आश्वासन दिया। फरियादियों ने मकान/ जमीन के झगड़े, अपराधिक प्रकरणों में लम्बित गिरफ्तारियां, अनुसंधान की कमी, झूठे प्रकरण कायम करने के मामले, गुमशुदा की तलाश सम्बन्धी अनुरोध, दस्यु प्रभावित क्षेत्र में पुलिस चौकी की मांग और गुण्डों द्वारा वसूली तथा सम्पत्ति पर कब्जे आदि की शिकायतें कर निराकरण का आग्रह किया। कुछ मामलों में पुलिस कर्मियों की भी शिकायतें सामने आयी जिन पर त्वरित कार्यवाही के महानिदेशक महोदय ने संबंधितों को निर्देश दिये।

      पुलिस महानिदेशक श्री एस.के. राउत ने कहा कि पुलिस का काम बहुत पेचीदा तथा चुनौतीपूर्ण होता है । समाज में अपराध पर नियंत्रण पाने के लिये जहां हमारे प्रदेश में  प्रशिक्षित इन्टेलिजन्स फोर्स है वहीं जन-सहयोग भी अपराधों को कम करने के लिये बहुत जरूरी है । उन्होनें कहा कि जनसुनवाई में ऐसी बहुत सी बातें सामने आती हैं, जिनकी तरफ सामान्य कार्य करते हुये ध्यान भी नहीं जाता । उन्होंने प्रदेश में मुख्यमंत्री की पहल पर प्रारंभ इस जनसुनवाई कार्यक्रम को बहुत उपयोगी निरूपित किया ।

 

मंगलवार, जुलाई 07, 2009

गुरूपर्व पूर्णिमा पर विशेष : अपनी पूजा करवायें वे प्रभु को क्या पहचानें

गुरूपर्व पूर्णिमा पर विशेष : अपनी पूजा करवायें वे प्रभु को क्या पहचानें

नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द''

हालांकि कल या परसों तक जब तक यह आलेख अखबारों में प्रकाशित होगा तब तक गुरूपर्व निकल चुका होगा ! मेरी इच्छा हुयी कि अबकी बार इस महान गुरू पूर्णिमा पर अपने विचार और अनुभव आपके बीच बॉटू !

मनोज कुमार की पुरानी फिल्म सन्यासी का एक प्रसिध्द गीत है, स्व. मुकेश एवं लता जी ने इसे गाया है - इसे जरूर सुना जाना चाहिये -

गीत में काम की पंक्तियां है- ये साधु के वेष में पापी रोज पाखण्ड रचायें, दिन में डाके डाले पापी रात में कतल करायें, सच बोले सन्यासी इनका कभी न हो कल्यान ...ये है गीता का ज्ञान

वेद शास्त्रों की भाषा को ये ढोंगी क्या जानें, अपनी पूजा करवायें ये प्रभु को क्या पहचानें .....ये है गीता का ज्ञान

यू तो गुरू महिमा अनन्त है और गुरू एक ऐसी कड़ी एक ऐसा सहारा होता है जो अपने शिष्य को कैसी भी मंझधार में फंसने पर येन केन प्रकारेण पार लगाता है, और इस दरम्यान अगर स्वयं साक्षात ईश्वर से भी उसका टकराव हो जाये तो सीधी टक्कर लेकर स्वयं की बलि भी देकर अपने शिष्य की रक्षा करता है !

गुरू बनना बेहद कठिन है, आजकल तो लगभग नामुमकिन है ! गुरू हजार मायावी बंधनों में बंधा है, गुरू लाखों कामनाओं की पतंग उड़ाता रहता है, गुरू मार्केटिंग की ख्वाहिश से ऐसे शिष्य तलाशता है कि जल्दी से जल्दी ख्यातनाम हो जाये और धनवान शिष्यों का मेला उसके पास टूट पड़े ! गुरू बनना वाकई कठिन हो गया है, फर्जी ढकोसले बाज मार्केटियर्स - ब्राण्ड नेम आज बाजार में अपार हैं लेकिन गुरू कोई नहीं दिखता !

भगवान श्रीकृष्ण, श्री गणेश, भगवान शंकर और प्रभु विष्णु, भगवान ब्रह्मा जी की चरण पादुकाओं का पूजन या अभीष्ट देव, देवता या देवी की पूजा या उनका पादुका वन्दन गुरू पर्व पर मुझे श्रेष्ठ जान पड़ता है !

आजकल गुरू की जगह पाखण्डी अधिक मिलते हैं ! जिन्हें न शास्त्रों का ही ज्ञान है, न शास्त्रों आदेशों से सुभिज्ञ हैं न गुरू शिष्य परम्परा से वाकिफ हैं और न संस्कार प्रणाली से परिचित ही ! मेरा आशय व संकेत किसी व्यक्ति विशेष के प्रति कतई नहीं हैं ! लेकिन मैं आपको अपना अनुभव सुनाता हूँ !

कई वर्ष पहले बचपन से ही मुझे ईश्वर और ईश्वरीय चमत्कारों से साक्षात्कार की गहन तमन्ना रही और मैंने अपने जीवन का हर पल कुछ न कुछ पाने में गुजारा ! मैंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से लेकर एल.एल.बी. और एम.एस.सी. भौतिक शास्त्र तक की पढ़ाई लिखाई की और यह भी खास बात है कि मैं सदा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण रहा, कई बार टॉपर रहा ! मुझे कुछ रिसर्च और अनुसंधान अन्वेषण करने का भी अवसर प्राप्त हुआ ! पर इस सबके बीच जो खास बात है वह यह कि मुझे गाँव में वक्त गुजारने का अधिक मौका मिला है और मेरी पहली पसन्द ग्रामीण जीवन है ! अपने गाँव में जब भी छुटिटयां बिताने या अन्य किसी अवसर पर जाता तो छुटटी बीतने के भी बाद एकाध दो महीने गॉव में बिता ही देता था ! सो मुझे हल जोतने और गाय भैंस जैसे प्शु चराने का खूब आनन्द मिला ! गहरे डाँग बेहड़ जंगल, चरवाई, नदी मछण्ड मुझे नापने का खूब अवसर मिला !

जंगलों और बेहड़ों में आप थोड़ा गहरे घुस जायेंगें तो आपको कई अनुपम व अदभुत प्राकृतिक दृश्य देखने को मिलेंगें ! कई बार अनेक साधु, तांत्रिक, और विचित्र वेशभूषा वाले जादूगर, टोनागर, तो अनेक बार बागी, बदमाश या अपहरण करके लड़कियां बेचने वाले गिरोह के गिरोह मिल जायेंगें ! मुझे तकरीबन सभी प्रकार के लोगों से मिलने का सौभाग्य मिला है, खैर अब तो काफी वक्त हुआ जंगलों बेहड़ों में जाना नहीं हुआ, लेकिन जंगलों में बेहड़ों में काफी रहस्य छिपे पड़े हैं ! मैंने हजारों (शायद लाखों साल) पुरानी कई विशाल शिला प्रतिमायें बीच घने घनघोर जंगलों में यूं ही बिखरी पड़ी देंखीं हैं !

राजस्थान में करौली माचलपुर की एक लम्बी चौड़ी डाँग है, जहाँ प्रकृति के रहस्यमय खजानों का अदभुत व विपुल भण्डार है ! बहुत बरस हुये तब मैंने इन्हें अपनी ऑंखों से देखा ! गुप्त गुफाओं में कई मंदिर, बीच जंगली खारों में विशाल प्रतिमाये ंतो कई सूनसान वीराने मंदिर भी मुझे देखने को मिले ! तब मैं उनके महत्व से अपरिचित था और उनकी मूल्यवत्ता से अनभिज्ञ था ! आज आभास होता है कि कई बेशकीमती ऐतिहासिक और प्राकृतिक खजाने वहाँ थे ! अब जब यह सब समझ आया तो वहाँ जाना ही नसीब नहीं हो पाया ! अब तो सुना है कि वह क्षेत्र डकैतों की शरण स्थली बन गया है, खैर डकैत वहाँ तब भी थे लेकिन छोटे मोटे और बीड़ी बण्डल छीनने वाले भैंस चोर ही थे ! और कई बार तो हम सब गाय भैंस चराने वालों ने उनकी जमकर लठठों से धुनाई भी की थी, दरअसल वे लोग नदी से मछली पकड़ते मारते थे, और हम सब इसे पाप मानते थे सो सारे बालक मिलकर उनकी जमकर कुटाई कर देते थे, कई बार पीलू के पेड़ों में बॉध कर डलवा देते थे तथा सेहियां (सेही एक बड़े काँटो वाला जानवर होता है) छोड़ कर उन्हें तंग करते थे ! सेही अगर चिपक जाये तो खून पी जाती है यह बाद में पता चला, लेकिन लाठी से सेही जमीन पर गिरा ली जाती है अगर आप तेज लाठी चलाना जानते हों ! सेही का तंत्र मंत्र भी काफी इस्तेमाल होता है, सेही का कांटा अगर आप किसी घर में गाड़ दे ंतो वहाँ कभी शान्ति नहीं रहेगी, घरवाले आपस में ही लड़ते रहेंगे, ऐसी ंकिंवदन्ती है ! और सेही का कॉटा यदि दही की नाँद के नीचे गाड़ दें या चक्की यानि चकिया के नीचे गाड़ दें घर में दूध दही घी और आटे की कमी नहीं रहती , ऐसी किंवदन्ती भी है ! किसी जमाने में सेही के कॉटों और सेहीयों के बीच रह कर आज कल एक कॉटा भी सेही का नहीं मिल पा रहा वरना सब भ्रष्टों के घर एक एक गाड़ देते ! मिलेगा तो गाड़ेंगे जरूर, देखते हैं क्या होता है !

कई साधुओं से जंगल डॉग में भेंट हुयी , बाल स्वाभाविक कौतूहलता वश हरेक से पूछा - काये बाबा भगवान के दरसन कराय दोगे का - लेकिन हर बाबा ने हर बार यही कहा कि अरे बच्चा भगवान का ऐसे ही मिलते हैं का, बाकें लें भजन करों बिनकी माला फेरो तब जायकें दस बीस जनम में भगवान मिलेंगे ! सो भईया जिस बाबा से जब भी मिले, दे दे भगवान के नाम पर कहने वाले मिले भगवान के दरसन कराने वाला कोई नहीं मिला ! कई गुरू ऐसे मिले जो हवा में हाथ उठा देते और जो भी चीज उनसे माँगो वही हवा में से प्रकट कर देते ! मैंने आजमाइश के तौर पर कुछ विचित्र चीजों के नाम लिये उनने वे भी मंगा दीं, पर बाद में जब इस लाइन में आगे बढ़ा तो पता चला कि जिन्नात की सिध्दि कर लेने से ऐसा हो जाता है ! मेरा मामला वहाँ भी नहीं जमा, कुछ मुसलमानी, कुछ बौध्द तो कुछ जैन साधकों को भी मैंने गुरू बनाया लेकिन बात वही रही सब पर थोड़ा थोड़ा था, पूर्ण कोई नहीं था ! मैंने ज्योतिष में कई लोग तलाशे लेकिन कोई भी ज्योतिष में मेरे सवालों के उत्तर नहीं दे पाया ! एक गुरू ऐसे मिले जो रोज एक ऍग्रेजी व्हिस्की मंगाते हलांकि उन पर बहुत कुछ देने को था लेकिन वे किसी को कुछ देते नहीं थे, थोड़ा बहुत वहाँ से बटोरने की कोशिश की ! जादू टोना टोटका, तंत्र मंत्र यंत्र ज्योतिष सबके गुरू तलाशे लेकिन पक्का काम किसी के पास नहीं था ! दक्षिण मार्गी वाम मार्गी हर विद्या में कहीं कोई कच्चा पड़ता तो कोई कहीं ! खैर मुझे अभी भी गुरूओं की तलाश है, कोई मिलेगा तो जरूर बनाऊंगा, फिलहाल मेरा कोई एकमात्र शरीरधारी गुरू नहीं है !      

खैर बहुत लम्बी तलाश के बाद आखिर सच्चा गुरू मिला और तमाशा यह कि वह कोई शारीरिक व्यक्ति नहीं बल्कि आध्यात्मिक व्यक्ति था ! मेरी खोज कुछ यूं पूरी हुयी कि जब मुझे एक गुरू नहीं मिला और मेरे मानदण्डों पर खरा नहीं उतरा तो मैंने जहाँ से भी जो भी सीखा उसे ही अपना गुरू मानना शुरू कर दिया, सो भई मेंरे पास मेंरे गुरूओं की लम्बी चौड़ी फौज बनना शुरू हो गयी, लेकिन अक्सर ये हुया कि किसी से चन्द बातें सींखीं तो किसी से चन्द सूत्र टिकाऊ गुरू तो चन्द ही हुये ! आज इस आलेख के जरिये अपने गुरूओं का स्मरण कर उन्हें सादर प्रणाम एवं नमन करता हूँ !

असल गुरू कौन कौन - गुरू पर्व मानने वालों को निम्न असल गुरूओं को कभी विस्मृत नहीं करना चाहिये (यह लोग मेरे गुरू हैं)

 

माता (जन्मदात्री और पालनहारिणी)

 

पिता (जन्मदाता और पालनहार)

 

गुरू - बुध्दि, ज्ञान, चेतना, विवके प्रदाता और अहंकार सहित पंचमकार नाशक, लोभहीन, निर्विकार, योगी, समदृष्टा, सुपथदर्शी, सदा रक्षक

 

श्री कृष्ण -अपरिमित, अपरिभाषित, योगेश्वर, अखिलेश्वर, सच्चिदानंदघन, सर्व समाधान कारक, सर्व पथ प्रदर्शक

 

श्री गणेश- बुध्दि, ज्ञान, विवेक, शुभ लाभ प्रदाता, विघ्न कारक, विघ्न हारक, शत्रु, ऋण, रोग, दारिद्रय संहारक

 

भगवान शंकर- कालकूट हलाहल नाशक, मान अपमान पर विजय प्रदाता, परम योगी, तमोगुण हारक, सर्व कल्याण प्रदाता, अवगुण एवं दोष नाशक

 

स्वामी विवेकानन्द- सदगुरू- सर्वपथ प्रदर्शक, विवेक प्रदाता

 

जेम्स एलन श्रेष्ठ मार्गदर्शक, तमोगुण नाशक सतोपथ दर्शक, विजय प्रदाता

 

दस महाविद्या- सर्व रक्षक

 

         

अधिकतर लोग गुरू पूर्णिमा पर गोवर्धन गिरिराज जी पूजन और परिक्रमा के लिये जाते हैं, कुछ लोग दतिया पीताम्बरा पीठ पर स्वामी जी के विग्रह पर चरण वन्दन के लिये जाते हैं मुझे लगता है यह ठीक है एवं सर्वोत्तम है ! मैं अपने प्रिय गुरूजन प्रभु श्रीकृष्ण एवं पीताम्बरापीठ के अतुलनीय शक्तियों के स्वामी जी महाराज के चरणों में गुरू पर्व पर अपना सादर चरण वन्दन करता हूँ !

पीताम्बरापीठ के स्वामी जी महाराज के लिये कहा गया है -

करारविन्देन परामृषण्तं, पदमाक्षमालां शिवरूपिणतं !

पीताम्बरा ध्यान निमग्नचित्तं, श्री स्वामिनं राष्ट्रगुरूं स्मरामि !!

अर्जुन ने श्रीमदभगवद गीता में भगवान श्रीकृष्ण को गुरूओं का गुरू सबसे बड़ा गुरू कह कर प्रभु श्रीकृष्ण की गुरू स्वरूप में महत्ता प्रतिपादित की है -

पितासि लोकस्य चराचरस्य त्वमस्य पूज्यश्च गुरूर्गरीयान !

न त्वत्समोत्स्त्यभ्यधिक: कुतोऽन्योलोकत्रये प्यप्रमिप्रभाव !!

यत्र योगेश्वर: कृष्णो, यत्र पार्थो धनुर्धर: !

तत्र श्रीर्विजयो भूतिर्धु्रवा नीतिर्मतिर्मम !!

अनन्याश्चिन्तयतों मां ये जना: पर्युपासते !

तेषां नित्याभुक्तांनां योगक्षेमं वहाम्यहम् !!

गुरूर्ब्रह्मा गुरूर्विष्‍णु गुरूर्देवो महेश्‍वर: ।

गुरूर्साक्ष्‍परब्रह्म तस्‍मैश्री गुरूवै नम: