मंगलवार, जुलाई 28, 2009

जनपद पंचायत गोहद में संविदा शाला वर्ग 3 व प्रयोग शाला सहायक की सूची जारी

जनपद पंचायत गोहद में संविदा शाला वर्ग 3 व प्रयोग शाला सहायक की सूची जारी

भिण्ड 28 जुलाई 2009

       जनपद पंचायत गोहद द्वारा संविदा शाला शिक्षक वर्ग 3 तथा प्रयोग शाला सहायक के पदों की भर्ती हेतु अनन्तिम सूची तथा प्रतीक्षा सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। उम्मीदवार जनपद पंचायत गोहद में उपस्थित होकर सूची का अवलोकन कर सकते है। इस सूची के संबंध में दावे आपत्तियां सूची प्रकाशन के 10 दिवस के अन्दर प्रस्तुत किये जा सकते है।

       जनपद पंचायत गोहद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रमेश सिंह भदौरिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत गोहद में संविदा शाला शिक्षक श्रेणी 3 के 84 पद तथा प्रयोग शाला सहायक के 8 पदो के लिये क्रमश:8529 व 262 कुल 8791 आवेदन प्राप्त हुये थे। प्राप्त आवेदनों के संलग्न सबिदा शाला शिक्षक पात्रता परीक्षा (व्यापम) में कुल प्राप्तांकों का 40 प्रतिशत तथा नियम 6(9) ग उल्लेखित प्रशिक्षण के 20 अंक जोडकर घटते क्रम में मैरिट सूची तैयार की गई जिसमे वर्ग वार चयन सूची व एक पद के विरूद्व पॉच पदों की प्रतीक्षा सूची का अनंन्तिम प्रकाशन किया गया। सूची आवेदन पत्रों के संलग्न दस्तावेजों के आधार पर तैयार की गई है। प्रकाशित की गई चयन सूची में अनारक्षित अन्य प्राप्तांक 93.42 से 84.35 व महिला 91.74 से 76.87, अस्थि वांधित 89.30 से 84.39, दृष्टि वांधित 85.65, तथा भूतपूर्व सैनिक 42.79 से 33.2 तक रहे। इसीप्रकार प्रवर्ग अजा में अन्य 76.92 से 71.92 तथा महिला 73.54 से 59.30, विकलांग 58.52 रहे। अजजा में 46.92 प्रवर्ग पिछडा वर्ग में अन्य 85.15 से 83.44 तथा महिला 74.42 से 67.69, दृष्टि वांधित 66.92 तक चयन किया गया है।

       प्रयोग शाला सहायक अनारक्षित अन्य 90.10 से 77.69, महिला 76.87 से 70.92, अजा अन्य 74.44 एवं महिला 60.31 तथा पिछडा वर्ग 80.95 तक रहे। प्रतीक्षा सूची अनारक्षित अन्य 84.31 से 74.46 तक तथा अनारक्षित महिला 76.84 से 64.49 तक, अस्तवाधित 82.69 से 76.38 तक, दृष्टिबाधित 77.64 से 36.21 तथा भूतपूर्व सैनिक 32.19 तक रहे। प्रवर्ग अजा में अन्य 71.89 से 65.17 तक तथा महिलाएं 63.69 से 48.57 तक, अस्तवाधित 56.90 से 51.16 तक। प्रवर्ग अजजा में 45.32 से 30.31 तक प्रवर्ग पिछडा वर्ग अन्य में 82.67 से 76.09 तक महिला 66.04 से 56.94 तक व दृष्टिवाधित 49.44 से 37.09 तक रहे। प्रयोग शाला सहायक- अनारक्षित अन्य 84.31 से 73.61, महिला 76.09 से 56.07, अबा 67.74 से 43.74 प्रवर्ग अजा अन्य 65.32 से 56.87 तथा महिला 60.29 से 44.46 प्रवर्ग पिछडा वर्ग अन्य 70.24 से 61.85 तक उपरोक्त अनंतिम सूची के प्रकाशन दिनांक से 10 दिवस की अवधि में दावे आपत्तियां आमंत्रित की गई है इस हेतु अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गोहद को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। संबंधित आवेदक अपनी आपत्तियां लिखित रूप से कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गोहद में दर्ज करा सकते है साथ ही चयन समिति द्वारा सभी दस्तावेजों की पृथक से जांच कराई जा रही है। जांच में कूट रचित या फर्जी दस्तावेज पाये जाने पर संबंधित का नाम सूची से हटाकर आवेदक के विरूद्व दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी।

 

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष आज आएगी

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष आज आएगी

भिण्ड 28 जुलाई 2009

       म.प्र. राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कृष्णकांता तोमर 29 जुलाई 09 को  9.30 बजे भिण्ड आएगी। श्रीमती तोमर 30 जुलाई को प्रात:9 बजे दस्यु पीड़ित महिलाओं के तीन प्रकरणों की जांच करेगी। श्रीमती तोमर दिनांक 31 जुलाई को प्रात:11 बजे जिला पंचायत सभागार में शिविर का आयोजन में भाग लेगी।

 

योजनाओं का क्रियान्यन प्रभावी ढंग से करे- श्री कुशवाह

योजनाओं का क्रियान्यन प्रभावी  ढंग से करे- श्री कुशवाह

भिण्ड 28 जुलाई 2009

       शासकीय अधिकारी योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से करें। योजनाओं के क्रियान्वयन में नीबू न बने। यह बात म.प्र. राज्य पिछडा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री बाबूलाल कुशवाह भानपुरा ने योजनाओं की समीक्षा बैठक में कही । बैठक में कलेक्टर श्री के.सी.जैन, एडीएम श्री छोटेसिंह सहित सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

       अध्यक्ष श्री कुशवाह ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पिछड़ा वर्ग क्षैत्र के व्यक्तियों के कल्याण हेतु विभिन्न योजनाऐ संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का व्यापक प्रचार प्रसार किया जावे।  इस कार्य हेतु आंगनबाडी कार्यकर्ता, ग्राम कोटवार, पटवारी, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सेवायें भी ली जावे। वह ग्रामीण क्षैत्रों में भ्रमण के दौरान हितग्राहियों को योजनाओं की जानकारी देवें।

       पिछडा वर्ग आयोग अध्यक्ष श्री कुशवाह ने पिछडा वर्ग कल्याण हेतु संचालित योजनाओं की विभागवार विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों से योजनाओं का लाभ जरूरत मंदों तक पहुंचाने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि पिछडा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए प्री मेट्रिक, पोस्ट मेट्रिक और प्रावीण्य छात्रावृत्ति योजना संचालित की जा रही है। पोस्ट मेट्रिक कक्षाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए आवास सुविधा उपलब्ध कराने के लिये छात्रगृह योजना भी चलाई जा रही है तथा विदेशों में अध्ययन हेतु छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाती है। सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त करने पर संघ लोक सेवा आयोग के प्रतिभागियों को एक लाख रूपये और राज्य लोक सेवा आयोग के प्रतिभागियों को 50 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि दिए जाने का प्रावधान है। हितग्राहियों को स्वरोजगार की स्थापना के लिए पांच लाख रूपये के ऋण 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर प्रदाय किये जाते है। 

       कलेक्टर श्री जैन ने बताया कि भिण्ड जिले में इस वर्ष मात्र 113.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई जो कि जनवरी पिछले वर्ष इस अवधि में 651 मी.मी वर्षा दर्ज की गई थी। उन्होंने कहा कि कृषकों को कम वर्षा में पैदा की जाने वाली फसलों की सलाह दी जा रही है। जिले में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अन्तर्गत 406 कन्याओं का विवाह कराया जा चुका है जिन्हें 26 लाख 32 हजार की राशि प्रदान की गई है जननी सुरक्षा योजना के तहत 4 हजार 204 माताओं को 73 लाख 48 हजार रूपये की राशि प्रोत्साहन राशि के रूप में दी जा चुकी है। दीनदयाल उपचार योजना के अन्तर्गत 521 मरीजों को 34 हजार 737 रूपये, लाड़ली लक्ष्मी योजना के अन्तर्गत 876 बालिकाओं के 2 करोड़ रूपये की राशि आवंटित की गई है।

 

जन सुनवाई : शासकीय जमीन बेचने वालों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश, ग्राम रिदोली का पटवारी निलंबित

जन सुनवाई : शासकीय जमीन बेचने वालों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश, ग्राम रिदोली का पटवारी निलंबित

भिण्ड 28 जुलाई 2009

       जन सुनवाई के अन्तर्गत जमीनी से सम्बन्धित प्रकरणों की सुनवाई प्रारंभ करने के परिणाम सामने आने लगे है। इसी कड़ी में आज कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर श्री के.सी. जैन के समक्ष लहार तहसील के ग्राम ररी की शासकीय पाठशाला की भूमि के अवैध विक्रय की शिकायत प्रकाश में आई। कलेक्टर श्री जैन ने एसडीएम लहार को प्रकरण के संबंध में तुरंत जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दूरभाष पर दिये गये। एसडीएम द्वारा प्रकरण की हेराफेरी की शिकायत सही पाये जाने पर कलेक्टर द्वारा सम्बन्धित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने तथा शासकीय भूमि की रजिस्ट्री  विना जांच के करने वाले उप पंजीयक के खिलाफ विभागीय जांच स्थापित कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अटेर विकास खण्ड के ग्राम रिदोली के पटवारी की ग्रामीणों द्वारा सामूहिक शिकायत करने पर पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है तथा पति द्वारा परेशान करने की शिकायत पर पति के खिलाफ डीएफआर दर्ज कराने हेतु प्रकरण तैयार करने के निर्देश जिला कार्यक्रम अधिकारी को दिए है। जन सुनवाई के दौरान प्रदेश के पिछडा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री बाबूलाल कुशवाह भानपुरा भी उपस्थित थे। जन सुनवाई के दौरान विभिन्न मॉग और समस्याओं से सम्बन्धित 537 आवेदन पत्र प्राप्त हुये।

       कलेक्टर श्री जैन ने कहा कि सभी जिलाधिकारी जन सुनवाई के प्रकरणों को निराकरण गंभीरता से करें तथा पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। उन्होंने भिण्ड नगरीय क्षेत्र में नवीन राशन कार्डो पर राशन वितरण न करने की शिकायतों पर सहायक खाद्य अधिकारी से प्रकरणों की वास्तविकता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर श्री जैन ने निर्देश दिए कि जिले को आवंटित कोटे के आधार पर सामग्री का युक्तिकरण करें जिससे सभी राशन कार्ड धारकों को खाद्यान्न प्राप्त हो सकें। सहकारी समिति लावन द्वारा अप्रेल माह से मिट्टी के तेल का वितरण न करने की शिकायत पर खाद्य अधिकारी को तुरंत जांच के निर्देश भी दिए।

       जन सुनवाई के इसी क्रम में कलेक्टर श्री जैन ने तहसील लहार के ग्राम ररी की शासकीय पाठ शाला की भूमि का सर्वे नम्बर 961 रकवा 02 की फर्जी तरीके से ग्राम के 2 व्यक्तियों द्वारा मार्च 09 में एक लाख चार हजार रूपये में विक्रय कर देने की शिकायत प्राप्त हुई श्री जैन ने एसडीएम लहार से दूरभाष पर ही प्रकरण के वास्तविक तथ्यों के विषय में जानकारी प्राप्त की गई। एसडीएम द्वारा राजस्व निरीक्षक व पटवारी की रिपोर्ट के बाद संबंधित व्यक्तियों के विरूद्व अपराधिक प्रकरण दर्ज कराने तथा कूट रचकर शासकीय भूमि की रजिस्ट्री करने वाले उप पंजीयक मिहोना के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर विभागीय जांच स्थापित करने के निर्देश भी दिए है।

       श्री जैन के बिना तलाक लिए दूसरी शादी करने वाले पत्नि को परेशान करने वाले रविन्द्र कुमार पुत्र राजकुमार श्रीवास्तव ग्राम पंचायत पचोखरा के खिलाफ डीआईआर प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश भी दिए है।

 

छात्रों के जाति प्रमाण पत्र स्कूल में ही बनाये जायें, स्थाई जाति प्रमाण पत्र आवेदन पत्र के साथ संलग्न न करे

छात्रों के जाति प्रमाण पत्र स्कूल में ही बनाये जायें, स्थाई जाति प्रमाण पत्र आवेदन पत्र के साथ संलग्न न करे

भिण्ड 28 जुलाई 2009

       अनुसूचित जाति, जनजाति व पिछड़ा वर्ग के छात्रों को जाति प्रमाण पत्र हेतु एसडीएम कोर्ट में चक्कर लगाने से निजात मिलेगी, इस आशय के आदेश कलेक्टर श्री के.सी.जैन द्वारा जारी कर दिए है। उन्होंने कहा कि जाति प्रमाण संबंधित शैक्षणिक संस्था के माध्यम से बनाये जावेगें, संस्था में ही प्रमाण पत्रों का वितरण सुनिश्चित किया जावेगा। जिन शैक्षणिक संस्थाओं द्वारा छात्रों के जाति प्रमाण पत्र तैयार करने में कोताही बरती जावेगी, उनके शाला प्रमुखों के खिलाफ कार्रवाई की जावेगी।

       कलेक्टर श्री जैन ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को प्रदाय किये जाने वाले जाति प्रमाण पत्रों की प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है। जिसके तहत आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा जाति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया के संबंध में कलेक्टर की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया जिसमें जाति प्रमाण पत्र के संबंध में 11 जुलाई 2005 में जारी शासन के निर्देशों के अनुसार जाति प्रमाण पत्र के आवेदन फार्म विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से शासकीय अशासकीय शालाओं में वितरित किये जाये तथा स्कूलों में संपूर्ण प्रविष्टि एवं सत्यापन उपरांत आवेदन फार्म शाला में जमा कर शालाओं के माध्यम से विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में जमा किये जाये। विकास  खण्ड  शिक्षा  अधिकारी  समस्त फार्म एवं रजिस्टर स्कूलों के अनुसार तहसील कार्यालय में जमा करेगें। तहसील में जांच उपरांत तीन माह में स्थाई जाति प्रमाण पत्र अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा जारी किये जायेगें। जांच एवं वितरण हेतु कैम्प लगाये जायेगें जाति  प्रमाण  पत्र  प्राप्त करने हेतु भू अभिलेख रिकार्ड प्रस्तुत करने की अनिवार्यता नही होगी। जाति प्रमाण एक बार जारी होने के बाद शिक्षण संस्थाओं द्वारा छायाप्रति ही जमा की जायेगी। मूल जाति प्रमाण पत्र जमा नही करेगें स्थाई प्रमाण पत्र एक ही बार जारी किया जायेगा तथा लेमीनेशन उपरांत प्रदान किया जायेगा। इसके अतिरिक्त बैठक में स्थल निरीक्षण एवं जाति प्रमाण पत्र सत्यापन हेतु अनुसूचित जाति अत्याचार अधिनियम 1995 के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण हेतु अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिया गया।

 

आत्मनिर्भरता ने आखिर बना ही दिया निर्धन महिलाओं को अपने परिवार का सहारा

आत्मनिर्भरता ने आखिर बना ही दिया निर्धन महिलाओं को अपने परिवार का सहारा

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शहडोल 27 जुलाई 2009. उन महिलाओं की पृष्ठभूमि मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में झगरहा गांव और उनके शुरूआती तंगहाल जीवन को देख कोई नहीं कह सकता था कि वे कभी सफल होंगी । आर्थिक अभावों और बिरादरी की आलोचना झेलने के बावजूद अपना मुकाम हासिल करने के लिए अपना जुनून बरकरार रखते हुए ये महिलाएं इनदिनों केंचुआ खाद से अपने सुनहरे भविष्य का तानाबाना बुनने में जुटी हैं ।

       पहले झगरहा के बेहद गरीब परिवारों से ताल्लुक रखने वाली इन दस महिलाओं का चेहरा घूंघट में और कदम घर की चौखट के अन्दर रहा करते थे । लेकिन इन महिलाओं को रोजगार से जोड़ने और कृषि क्षेत्र में कम लागत में भरपूर उत्पादन लेने के मकसद से कृषि विभाग ने 2004 में इन दस सदस्यीय महिलाओं का कृष्णा स्वसहायता समूह बनवाया । समूह के जरिए इस तरह काम करना शुरू-शुरू में तो इनके पतियों को नहीं भाया और उन्होंने इनका विरोध किया । गांववालों को भी उनका घूंघट से चेहरा बाहर निकालकर यों आत्मनिर्भर होना रास नहीं आया । लेकिन महिलाओं के आगे उनकी एक नहीं चली और महिलाओं ने घर की चौखट के बाहर कदम रख ही दिए और घूंघट से चेहरा बाहर निकाल लिया ।

       कृषि विभाग ने उन्हें केंचुआ खाद उत्पादन तथा मौसमी फसलें लेने का प्रशिक्षण दिलाया और उनके घरों में वर्मी टांके बनवाए तथा उन्हें केंचुआ उपलब्ध कराए । महिलाओं के दिन तब पलटे, जब उन्हें केंचुआ खाद से आमदनी होने लगी । जो पति कभी उनका विरोघ किया करते थे, फिर वही उनके सहयोगी बन गए और उनके काम में हाथ बंटाने लगे । वे दिन भी थे, जब उनके पतियों को परिवार की जरूरतों की पूर्ति के लिए साहूकारों की डयोढ़ी पर कर्ज लेने जाना पड़ता था और उन्हें कर्ज के भंवर में निरंतर गोते लगाते रहना पड़ता था ।

       लेकिन अब उन्हें साहूकारों की जरूरत नहीं रही । अब वे महिलाएं अपने स्वसहायता समूह से ही कर्ज ले लेती हैं । उनकी गांठ में चार पैसे हो जाने से अब उनका परिवार अच्छी तरह खा-पी और पहन -ओढ़ रहा है । उन्होंने अपने मकान के पिछबाड़े के हिस्से को केंचुआ खाद इकाई में तब्दील कर दिया है । सरकारी मदद से शुरू हुआ उनका यह उपक्रम पारिवारिक कारोबार में तब्दील हो गया और वे हर माह तीन-चार क्विंटल केंचुआ खाद का उत्पादन कर लेती हैं । वे केंचुआ खाद बेचने के साथ-साथ अपने पुरखों की खेती की थोड़ी-बहुत जमीन पर भी बचे खाद का इस्तेमाल कर लेती हैं । कृषि विभाग से  सीखी उन्नत तकनीक से वे खेती भी कर रही हैं ।

       कइयों के लिए उनकी सफलता चकरानेवाली हैं, क्योंकि समूह प्रति वर्ष केंचुआ खाद और केंचुओं की बिक्री से डेढ़-डेढ़ लाख रूपये कमा लेता हैं । समूह की हर माह नियमित बैठक होती है । गांववाले समूह की महिलाओं को केंचुआवाली बड़ी नेता कहकर संबोधित करने लगे हैं । ये महिलाएं समाज में बदलते  मूल्यों और लोगों की संकुचित सोच के बावजूद अपनी मंजिल तलाशकर समाज को नई दिशा दे रही हैं । पारिवारिक या सामाजिक सरोकार निभाने में लिंग भेद आड़े नहीं आता । इस बात को इन महिलाओं ने सच कर दिखाया है । वे न केवल अपने परिवार की आमदनी बढ़ाने में योगदान दे रही हैं, बल्कि समाज की भलाई के बारे में भी सोच रही हैं । स्वरोजगार से आत्मनिर्भर होकर ये महिलाएं हर माह अच्छा खासा कमा लेती हैं । उनका केंचुआ खाद छत्तीसगढ़ तक जा रहा है । कुल मिलाकर उनका खाद और केंचुआ कई शहरों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है । वे खाद की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देती हैं तथा उसकी कीमत भी कम रखी गई है। समूह की अध्यक्ष श्रीमती राधा विश्वकर्मा अपने मोबाइल 9630892207 पर  खाद का आर्डर बुक करती हैं ।

       समूह की अध्यक्ष श्रीमती राधा विश्वकर्मा कहती हैं कि सरकार ने तो हमारी बुध्दि खोल दी, जो आज हम अपने पैरों पर खड़े हैं और बड़े-बड़े अधिकारियों से बातें कर लेते हैं । समूह की कोषाध्यक्ष श्रीमती रूकमणी बताती हैं कि समूह से हमारी जिन्दगी बदल गई । समूह की सचिव सुमन केवट पिछली परिस्थितियों को याद करके बताती हैं,'' पहले हमारे सामने बहुत मुसीबतें थी । अब जिन्दगी अच्छी तरह चल रही है ।''

       कृषि विभाग के उप संचालक श्री के. एस. टेकाम कहते हैं कि समूह से जुड़ी महिलाओं को गांव में ही रोजगार मुहैया कराने के मकसद से पहल की गई है । विभाग ने इस गांव को गोद लिया था, जिससे उन्हें कम लागत में कृषि उत्पादन लेने का तकनीकी ज्ञान दिया जा सके । अपने मकसद में यह योजना कामयाब रही है ।

       आज ये महिलाएं अपनी मेहनत के बलबूते रोजगार के लिए लालायित गांव की गरीब महिलाओं की प्रेरणास्त्रोत बनी हुई हैं । उनकी आमदनी से प्रेरित होकर गांव में महिलाओं के तीन स्वसहायता समूह और बन गए हैं । कृष्णा स्वसहायता समूह की महिलाएं अपने कारोबार को 10 लाख रूपये तक सालाना पहुंचाना चाहती हैं । सरकारी मदद से अपनी राह खुद बनाने वाली इन महिलाओं के लिए सफलता का मूलमंत्र संघर्ष है ।

 

सोमवार, जुलाई 27, 2009

लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा विश्वविद्यालय ग्‍वालियर

लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा विश्वविद्यालय

 

v                जयंत सिंह तोमर

 

 


v                  लेखक - लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा विश्वविद्यालय,ग्वालियर में व्याख्याता है ।

 

 

'बुंदेले हर बोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी

खूब लड़ी मर्दानी, वो तो झाँसी वाली रानी थी ।'

       प्रसिध्द कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता की ये पंक्तियां सभी के मन में सन् 1857 की अमर बलिदानी वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई का ओजपूर्ण चित्र खींचती है। ग्वालियर में अंग्रेज फौज से लड़ते हुये देश की स्वतंत्रता की खातिर झांसी की रानी ने अपने प्राण न्यौछावर कर दिये । सौ वर्ष बाद जब स्वाधीन भारत ने प्रथम स्वाधीनता संग्राम का शताब्दी वर्ष मनाया तो यह तय किया गया कि ग्वालियर में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की स्मृति में एक शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय स्थापित किया जायेगा ।

      ग्वालियर नगर के प्रथम महापौर पहाड़गढ़ के राजा पंचमसिंह की इस संस्था की स्थापना में बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका रही । वे स्वयं एक अच्छे निशानेबाज थे । रियासत के दौर में जहां घुड़दौड़ व पोलो का मैदान था, वहीं इस संस्था की शुरूआत हुई । भारत के श्रेष्ठ शारीरिक शिक्षाविद् प्रो. पी एम जोसेफ इस संस्था के पहले प्रिंसिपल नियुक्त किये गये । शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में केवल पी.एम.जोसेफ ही हैं, जिन्हें पद्मश्री अलंकरण से नवाजा गया। इस संस्थान का प्रारंभ विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से सम्बध्द महाविद्यालय के रूप में हुआ । ग्वालियर में जीवाजी विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद सन् 1964 में यह उसके अन्तर्गत आ गया । राष्ट्रीय महत्व को ध्यान में रखते हुये सन् 1973 में इसका नामकरण लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय (एलएनसीपीई) किया गया । सन् 1982 में ' स्वायत्तशासी ' संस्था का दर्जा  हासिल करने के बाद सितम्बर 1995 में इसे सम विश्वविद्यालय का दर्जा प्रदान किया गया । विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने 14 जनवरी 2009 को इसे पूर्ण विश्वविद्यालय का दर्जा प्रदान किया ।

      लक्ष्मीबाई रष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा विश्वविद्यालय में इस समय सात विभाग संचालित हैं। टीचर एज्यूकेशन विभाग में चार वर्षीय बैचलर आफ फिजीकल एज्यूकेशन (बीपीई) व दो वर्षीय पाठयक्रम मास्टर आफ फिजीकल एज्यूकेशन (एमपीई) संचालित है । रिसर्च डेवलपमेंट एंड एंडवांस्ड् स्ट्डीज डिपार्टमेंट में एम-फिल व पीएचडी की उपाधि प्रदान की जाती है । खेल प्रबंधन व खेल पत्रकारिता विभाग अपेक्षाकृत नया विभाग है । समाचार पत्र, रेडियो, टेलीविजन व वेब माध्यमों में खेल पत्रकारिता के विस्तृत होते क्षेत्र को ध्यान में रखते हुये प्रशिक्षित खेल पत्रकार तैयार करने के लिये यहां खेल पत्रकारिता में एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा पाठयक्रम चलाया जा रहा है । ऐसा ही एक पाठयक्रम खेल प्रबंधन के क्षेत्र में भी संचालित है।

      प्रशिक्षण एवं दक्षता विभाग (कोचिंग एंव फिटनेस) क्रीड़ा प्रशिक्षण में पीजी डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स संचालित करता है । युवा कार्यक्रम एवं खेल विभाग साहसिक खेल एवं पर्यटन प्रबंधन में  (एकवर्षीय) स्नातकोत्तर पत्रोपाधि प्रदान करता है ।  स्वास्थ्य विज्ञान एवं योग विभाग, वैकल्पिक चिकित्सा, योग व फिटनेस मैनेजमेंट आदि विषयों में विभिन्न पाठयक्रम संचालित करता है । कम्प्यूटर विज्ञान एवं अनुप्रायोगिक सांख्यिकी विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी  व सांख्यिकी के पाठयक्रम संचालित करता है ।

      वर्तमान में कुलपति मेजर जनरल एस.एन मुखर्जी के कार्यकाल में इस राष्ट्रीय महत्व की संस्था की छवि में बहुत निखार आया है । उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि है इस संस्थान का डीम्ड यूनीवर्सिटी से पूर्ण विश्वविद्यालय में तब्दील होना । इन्हीं के कार्यकाल में प्रथम प्रचार्य पीएम जोसेफ की स्मृति में एक खूबसूरत केन्द्रीय ग्रंथालय भी स्थापित हुआ है । शारीक्षिक शिक्षा व खेलकूद से संबंधित यह देश का एक मात्र ग्रंथालय है जिसे कम्प्यूटरीकृत कर अत्याधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है ।

      एलएनयूपीई में सेना द्वारा प्रायोजित खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिये विशेष पाठयक्रम आयोजित किये जाते हैं । बकौल मेजर जनरल एस एन मुखर्जीं एलएनयूपीई लंबे समय तक एशिया की सर्वश्रेष्ठ संस्थाओं में शुमार होती रही है । अब हम इसे विश्वस्तर की श्रेष्ठ संस्था बनाने के लिये युध्दस्तर पर प्रयासरत हैं । विस्तार देने के लिये हाल में गुवाहाटी व देहरादून में एलएनयूपीई के दो केन्द्र भी स्थापित किये गये हैं ।

      ' गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरित मानव में निरोगी काया को पहला सुख बताया है । कहा भी जाता है कि ' तंदुरूस्ती हजार नियामत' इसी आदर्श को धारण किये हुये एलएनयूपीई अब ' फिट पीपुल- फिट नेशन ' का मूलमंत्र देश के जनसाधारण के बीच ले जाने के लिये प्रयासरत है ।

 

एलएनयूपीई के सितारे

       लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा विश्वविद्यालय यों तो मूलरूप से खेल व शारीरिक शिक्षा के प्रशिक्षक तैयार करने का केन्द्र है, इसके बावजूद स्थापना के 52 वर्षों में यहां के कई शिक्षक व विद्यार्थियों ने खेल के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां, पुरस्कारों के रूप में हासिल की हैं । इनमें से कुछ महत्वपूर्ण नाम इस प्रकार हैं:-

नाम                 अवार्ड          क्षेत्र

1-डा.पी एम जोसफ      पद्मश्री          शारीरिक शिक्षण

2- डा. अजमेर सिंह      अर्जुन अवार्ड     ट्रैक एंड फील्ड

3- प्रो. करन सिंह       द्रोणाचार्य अवार्ड  ट्रैक एंड फील्ड

4- कल्पना देवनाथ      अर्जुन अवार्ड     जिम्नास्टिक

5- ब्रिगेडियर लाभ सिंह   अर्जुन अवार्ड     ट्रैक एंड फील्ड

6- विजय सिंह चौहान    अर्जुन अवार्ड     डेलाथेलान

 

रविवार, जुलाई 26, 2009

राजस्व प्रकरणों का निराकरण समय सीमा में करें- संभागायुक्त श्री अग्रवाल

राजस्व प्रकरणों का निराकरण समय सीमा में करें- संभागायुक्त श्री अग्रवाल

भिण्ड 25 जुलाई 2009

       संभागायुक्त श्री एस डी अग्रवाल ने कहा कि राजस्व प्रकरणों का निराकरण समय सीमा में किया जावे तथा लंबित प्रकरणों का निराकरण अभियान चलाकर किया जावे। उन्होंने यह निर्देश आज राजस्व प्रकरणों की समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में कलेक्टर श्री के.सी.जैन,पुलिस अधीक्षक डा राजेन्द्र प्रसाद, एडीएम श्री छोटेसिंह, सभी एसडीएम व अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित थे।

       संभागायुक्त श्री अग्रवाल ने कहा कि राजस्व प्रकरणों के अन्तर्गत सीमांकन, बटवारा, नामांतरण के ऐसे प्रकरण जो आविवादित प्रवृति के है उनका त्वरित निराकरण किया जावे तथा विवादित प्रकरणों का निराकण भी सिटीजन चार्टर की समय सीमा में किये जावे। उन्होंने कहा कि 6 माह से अधिक लंबित प्रकरणों के निराकरण हेतु विशेष अभियान चलाया जावे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राजस्व प्रकरणों के निराकरण हेतु विशेष राजस्व अभियान का संचालन भी किया गया है उसके बावजूद मैदानी स्तर पर लंबित प्रकरणों की जानकारी प्राप्त होती है। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि पटवारियों से समय सीमा के बाद का रिकार्ड, जमा कराया जावे।

       कलेक्टर श्री के.सी. जैन ने कहा कि राजस्व प्रकरणों का निराकरण गंभीरता के साथ किया जावे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा भी सीमांकन, नामांतरण, बटवारा प्रकरणों के लंबित रहने पर चिंता व्यक्त की गई है। उन्होंने कहा कि जिले में लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण हेतु कार्यक्रम तैयार किया जावेगा। उन्होंने जिले में बसूली की स्थिति पर असंतोष व्यक्त किया तथा गौण खनिज  व बैंक ऋण प्रकरणों की बसूली में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।

       श्री जैन ने कहा कि एसडीएम अपने अपने अनुभाग में सार्वजनिक वितरण प्रणाली, मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम, रोजगार गारंटी स्कीम के कार्यो की समीक्षा भी करें।

 

पटवारी परीक्षा में चयनित उम्मीदवार मूल प्रमाण पत्र 25 तक जमा करें

पटवारी परीक्षा में चयनित उम्मीदवार मूल प्रमाण पत्र 25 तक जमा करें

भिण्ड 25 जुलाई 2009

       कलेक्टर श्री के.सी.जैन से प्राप्त जानकारी के अनुसार पटवारी चयन परीक्षा 2008 में चयनित उम्मीदवार अपने मूल प्रमाण पत्र एवं दो-दो सेट छायाप्रति राजपत्रित अधिकारी द्वारा सत्यापित कराकर कार्यालयीन समय 10.30 बजे से 5.30 बजे तक कार्यालय भू अभिलेख शाखा भिण्ड में दिनांक 24 एवं 25 जुलाई 2009 तक जमा करा सकते है।

 

माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 2 मेहगांव के प्रधान अध्यापक निलंबित

माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 2 मेहगांव के प्रधान अध्यापक निलंबित

भिण्ड 25 जुलाई 2009

       कलेक्टर श्री के.सी.जैन द्वारा राशि उपलब्ध होने के बावजूद भवन निर्माण में रूचि न लेने वाले शासकीय माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 2 मेहगांव के प्रधान अध्यापक श्री मंगल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

       कलेक्टर श्री जैन के भ्रमण के दौरान नगर वासियों द्वारा माध्यमिक विद्यालय भवन के जीणशीर्ण हो चुकी छत के बारे में शिकायत की गई। कलेक्टर द्वारा स्थानीय नागरिकों की मांग पर विद्यालय परिसर का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में विद्यालय की हालात पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने विद्यालय के प्रधान अध्यापक से भवन के सुधार कार्य के बारे में जानकारी चाही गई। इसमें जो तथ्य प्रकाश में आये उसके अनुसार शिक्षक पालक संघ व प्रधान अध्यापक विवाद के कारण गत तीन वर्षो से राशि की उपलब्धता के बारे में भवन का सुधार कार्य नही हो पा रहा था। कलेक्टर द्वारा शिक्षक पालक संघ के अध्यक्ष को अपने समक्ष बुलवाया गया तथा प्रधान अध्यापक के रूचि न लेने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर तथा निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश जिला परियोजना समन्वयक को दिये।

 

योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वालों को चेतावनी

योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वालों को चेतावनी

भिण्ड 25 जुलाई 2009

       कलेक्टर श्री के.सी. जैन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनबाडी व सार्वजनिक वितरण प्रणाली का संचालन प्रभावी ढंग से किया जावे। इन सेवाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की गडबडी होने पर स्थानीय जनप्रतिनिधि या ग्रामीण जन पोस्टकार्ड भेजकर कलेक्टर कों वास्तविकता से अवगत करा सकते है। उन्होंने यह बात आज मेहगांव व गोहद विकास खण्ड में योजनाओं की समीक्षा बैठक में कही। बैठक में आंगनबाडी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव व नोडल अधिकारी उपस्थित थे। उन्होंने आंगनबाडी केन्द्रों का पर्यवेक्षण कार्य प्रभावी ढंग से न करने पर सभी 14 पर्यवेक्षकों तथा सी.डी.पी.ओं, टीकाकरण न करने वाले ए.एन.एम व एम.पी.डब्ल्यू को चेतावनी जारी करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। श्री जैन ने शासकीय भवन निर्माण कार्य की राशि आहरित करने के बाद निर्माण कार्य न करने वाले ग्राम पंचायत कनाथर, गढपारा, डिडोना व अमायन के सरपंच व सचिव के खिलाफ धारा 40 के तहत कार्यवाही कर आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने तथा सचिव के वित्तीय अधिकार समाप्त करने के निर्देश मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को दिये। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री छोटे सिंह, एसडीएम मेहगांव श्री जेपी सैयाम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा एन सी गुप्ता कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री डीके सिद्वार्थ उपस्थित थे।

       कलेक्टर श्री जैन ने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षैत्रों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का दायित्व राज्य सरकार का है। राज्य सरकार द्वारा अपने मैदानी अमले के माध्यम से योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाती है। इन कर्तव्यों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लेतलाली बरदास्त नही की जावेगी । श्री जैन ने कहा कि योजनाओं की पर्यवेक्षण का कार्य ईमानदारी से किया जावे। उन्होंने मेहगांव विकास खण्ड के 21 ग्रामों में टीकाकरण कार्य न होने तथा 8 ग्रामों के आंगनबाडी केन्द्र बंद पाये जाने की शिकायत पर सम्बन्धित कर्मचारियों को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने कुपोषित बच्चों की संख्या वृद्वि पर नाराजगी व्यक्त की तथा पोषण पुनर्वास केन्द्र का अधिकाधिक उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

       उन्होंने कहा कि योजनाएं लक्ष्यों को प्राप्त कर पा रही है या नही इसकी गहन समीक्षा जिले से लेकर राज्य स्तर तक की जाती है। उन्होंने कहा कि परख    कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री तथा मुख्य सचिव द्वारा भी योजनाओं की समीक्षा प्रत्येक माह के दूसरे गुरूवार को की जाती है। इस कार्यक्रम के अन्तर्गत विभिन्न विभागों के मैदानी अधिकारी प्रत्येक माह की 21 व 22 तारीख को ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण करते है तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी जिला प्रशासन को प्रस्तुत करते है। जिसके आधार पर योजनाओं की कमियों को चिन्हित किया जाता है। उन्होंने कहा कि भिण्ड जिले में टीकाकरण कार्य, आंगनबाडी की सेवाएं, निर्माण कार्यो की स्थिति संतोषजनक नही है।

       कलेक्टर श्री जैन ने कहा कि कोई भी जनप्रतिनिधि या ग्रामीणजन पोस्ट कार्ड के माध्यम से अपने क्षेत्र की समस्याओं से कलेक्टर को अवगत करा सकते है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास की सामूहिक जिम्मेदारी सभी वर्गो की है। सब लोग मिलकर योजनाओं का क्रियान्वयन सफलता के साथ करें उन्होंने रोजगार गारंटी योजना के कामों में  रूचि  लेने  की अपेक्षा सरपंचों से की तथा कहा कि इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में अधोसरंचना को मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने सर्वशिक्षा अभियान के अन्तर्गत किचिन सेट व अतिरिक्त कक्ष निर्माण में रूचि न लेने वाले सरपंच व सचिवों के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश दिये। ग्राम पंचायत अमायन, गढपारा, डिडोना, कनाथर के सरपंचों द्वारा राशि आहरित कर कार्य न कराये जाने पर उनके खिलाफ गबन का मामला दर्ज कराने के निर्देश दिए तथा कचनाव कला के ए.एन.एम ग्राम अकलोनी के एम.पी.डब्ल्यू की एक-एक वेतन वृद्वि भी रोकने के निर्देश भी दिए।

 

शनिवार, जुलाई 25, 2009

मुख्यमंत्री द्वारा कैंसर चिकित्सालय परिसर में साढ़े चार करोड़ की लागत का भवन लोकार्पित, मुख्यमंत्री ने रूद्राक्ष का पौधा रोपा

स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार हेतु सरकार कृतसंकल्पित - मुख्यमंत्री श्री चौहान

मुख्यमंत्री द्वारा कैंसर चिकित्सालय परिसर में साढ़े चार करोड़ की लागत का भवन लोकार्पित, मुख्यमंत्री ने रूद्राक्ष का पौधा रोपा

 

ग्वालियर 25 जुलाई 09 । मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कैंसर चिकित्सालय एवं शोध संस्थान में साढ़े चार करोड़ रूपये की लागत से नवनिर्मित कालेज आफ लाइफ सांइसेज व पी.जी. कालेज आफ नर्सिंग के संयुक्त भवन का लोकर्पण किया । श्री चौहान ने ग्वालियर में कैंसर शोघ संस्थान की स्थापना के लिये श्री शीतला सहाय जी के प्रयासों की विशेष सराहना की तथा कहा कि राज्य शासन प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी और विस्तार के लिये कृत संकल्पित है । सरकार कैंसर शोध संस्थान के विकास में हर संभव मदद करेगी । लोकार्पण कार्यक्रम की अध्यक्षता मुरैना के सांसद श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने की तथा कार्यक्रम में प्रदेश के लोक स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा तथा ऊर्जा मंत्री श्री अनूप मिश्रा, सांसद श्रीमती यशोधरा राजे, श्रीमती माया सिंह, श्री प्रभात झा, श्री अशोक अर्गल, महापौर श्री विवेक नारायण शेजवलकर मंचासीन थे।

      मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिये राज्य सरकार सतत प्रत्यनशील है । समाज के कमजोर व्यक्ति को भी भरपूर स्वास्थ्य सुविधायें मिल सकें इसके लिये राज्य सरकार द्वारा दीनदयाल अन्त्योदय उपचार योजना,जिला व रज्य बीमारी सहायता योजनाओं का संचालन किया जा रहा है । उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों को तुरंत सहायता मुहैया कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान निधि को 2 करोड़ से बढ़ाकर 20 करोड़ रूपये किया गया है । उन्होंने कहा कि प्रदेश में चिकित्सकों की कमी है, युवा चिकित्सक ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य करें इसके लिये शासन द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं । दुर्गम व पहुंच विहीन क्षेत्रों के लिये सर्वसुविधायुक्त चलित चिकित्सालय योजना भी प्रारंभ की गई है । गंभीर मरीजों को लाने ले जाने के लिये प्रमुख शहरों में सर्वसुविधायुक्त एक्बुलेंस योजना भी प्रारंभ की गई है। उन्होंने कहा यद्यपि सरकार अपने स्तर पर पूरी क्षमता से प्रयासरत है लेकिन जनसहयोग के बिना यह कार्य संभव नहीं है। इसके लिये समाज को भी आगे आना होगा।

      मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ग्वालियर में कैंसर चिकित्सालय एवं शोध संस्थान की गतिविधियों के संबंध में चर्चा करते हुये कहा कि समाज में सभी लोग अपने लिये जीते हैं किन्तु श्री शीतला सहाय जैसे बिरले ही होते हैं जो दूसरों के लिये अपना सर्वस्व लगा देते हें । उन्होंने कहा कि श्री सहाय ने अपना सम्पूर्ण जीवन इस पुनीत कार्य में लगा दिया है। उन्होंने आगे कहा इस संस्थान के विकास और विस्तार हेतु राज्य शासन की ओर से हर संभव मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया तथा राजनीति और समाज सेवा में लगे लोगों से श्री सहाय से प्रेरणा लेने का भी आग्रह किया ।

      संस्थान के संस्थापक न्यासी एवं म.प्र. राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री शीतला सहाय ने ग्वालियर में कैंसर चिकित्सालय एवं शोध संस्थान की स्थापना के संबंध में अपने खट्टे -मीठे अनुभवों को याद किया तथा जिन्होंने सहयोग दिया उनके प्रति मंच से आभार भी व्यक्त किया।

      संस्थान के संचालक डा. बी. आर श्रीवास्तव ने कैंसर संस्थान के 32 वर्ष की विकास यात्रा से सभी को अवगत कराया । उन्होंने बताया कि इस अवधि में एक लाख 75 हजार कैंसर के नवीन रोगियों तथा 17 लाख पुराने रोगियों का इलाज किया जा चुका है। संस्थान द्वारा नर्सिंग कालेज के साथ-साथ लाइफ सांइसेज व कैंसर पर रिसर्च वर्क भी कराया जा रहा है ।

      कार्यक्रम के प्रारंभ में वंदेमातरम् के गायन के बाद अतिथियों द्वारा व मां सरस्वती की प्रतिमा तथा स्व. राजीव सहाय के चित्र पर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम के अंत में डा. नीरज शर्मा ने आभार प्रदर्शन किया।

मुख्यमंत्री ने रूद्राक्ष का पौधा रोपा

       मुख्यमंत्री ने कैंसर चिकित्सालय परिसर में नवनिर्मित कालेज आफ लाइफ सांइसेज व पी.जी. कालेज आफ नर्सिंग के संयुक्त भवन के सामने रूद्राक्ष का पौधा भी रोपा। इस अवसर पर सांसद श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, लोक स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा तथा ऊर्जा मंत्री श्री अनूप मिश्रा, सांसद श्रीमती यशोधरा राजे, राज्य सभा सांसद श्रीमती माया सिंह व श्री प्रभात झा, सांसद श्री अशोक अर्गल व महौपार श्री विवेक नारायण शेजवलकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

क्रमांक/204/09

 

मुख्यमंत्री की अगवानी

ग्वालियर 25 जुलाई 09 । मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आज राजकीय विमान से प्रात: 10.25 बजे विजयाराजे सिंधिया विमान तल पर पधारे ।

      विमानतल पर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं ऊर्जा मंत्री श्री अनूप मिश्रा , गृह, परिवहन व जेल राज्य मंत्रीश्री नारायण सिंह कुशवाह, राज्य सभा सांसद श्री प्रभात झा, महापौर श्री विवेक नारायण शेजवलकर ने मुख्यमंत्री की अगवानी की ।

      इस अवसर पर साडा अध्यक्ष श्री जयसिंह कुशवाह , खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री कोकसिंह नरवरिया, जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री कौशल शर्मा, भाजपा अध्यक्ष श्री अभय चौधरी, श्री महेन्द्र सिंह यादव, श्री राज चङ्ढा, सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। वरिष्ठ अधिकारियों में संभागायुक्त डा. कोमल सिंह, पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर रेंज श्री अरविंद कुमार, पुलिस महानिरीक्षक चंबल रेंज श्री संजीव झा, पुलिस उपमहानिरीक्षक ग्वालियर श्री एस एम अफजल, पुलिस उपमहानिरीक्षक चंबल श्री आर बी शर्मा, कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक ए सांई मनोहर सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।