रविवार, सितंबर 06, 2009

जिलों में आज रविवार को शिक्षक समस्या निवारण शिविरों का आयोजन

 

जिलों में आज रविवार को शिक्षक समस्या निवारण शिविरों का आयोजन

जिला, ब्लॉक स्तर की समस्याओं का निराकरण मौके पर होगा

Bhopal:Saturday, September 5, 2009:Updated 17:00IST

राज्य सरकार शिक्षकों/अध्यापकों की लंबित समस्याओं का निराकरण रविवार 6 सितम्बर को जिलोंे में मौके पर ही कराने जा रही है। प्रदेश के सभी पचास जिलों में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में शिक्षक समस्या निवारण शिविर लगाये जा रहे हैं।

जिला स्तरीय इन शिविरों में लोक शिक्षण व राज्य शिक्षा केन्द्र के आयुक्तद्वय द्वारा नामांकित अधिकारी उपस्थित रहेंगे, जो स्थल पर ही समस्याओं का निराकरण करायेंगे। शिविर में प्राप्त होने वाली जिन समस्याओं का संबंध संचालनालय अथवा राज्य शासन से है, उनकी नस्तियां तैयार करवाकर नामांकित अधिकारी उन्हें मुख्यालय लायेगें। जिनका निराकरण आगामी 15 दिन में किया जायेगा। शासन द्वारा शिक्षक समस्या निवारण शिविर की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया गया है। जिसके अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) शिविर के संयोजक बनाये गये है। ज्यादा से ज्यादा शिक्षकों को शिविर स्थल पर उपस्थित होने के लिए कहा गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने विकासखण्डवार समस्याओं के निराकरण हेतु विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को दायित्व सौपें है।

डीईओ, बीईओ कार्यालयों एवं शाला स्तर पर लंबित प्रकरणों को विकासखण्डवार सूचीबद्ध करने के निर्देश दिये गयें है। शिविर में प्रकरणवार की गई कार्रवाई तथा निराकरण की स्थिति अपने रिकार्ड में दर्ज कर उसे शिक्षकों के अवलोकन के लिए प्रदर्शित करने को भी कहा गया है। शिक्षकों/अध्यापकों द्वारा शिविर में ही प्रस्तुत समस्याओं व प्रकरणों को पंजीबद्ध कराने की व्यवस्था की गई है। साथ ही उनका मौके पर ही यथासंभव निराकरण कराने के निर्देश दिये गये है। शिविर में निपटाएं गये प्रकरणों की सूची सहित वस्तुस्थिति का प्रतिवेदन जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा नामांकित अधिकारी को प्रस्तुत किया जायेगा।

 

कौन अधिकारी कहां रहेगा

संभाग का नाम

स.क्रं.

जिले का नाम

अधिकारी का नाम

सागर संभाग

1

सागर

श्री पी.एल.अहिरवार, अपर संचालक, लोक शिक्षण

2

दमोह

श्री नितिन सक्सेना, सहायक संचालक, लोक शिक्षण

3

छतरपुर

डॉ. अवध किशोर मिश्रा, संचालक, लोक शिक्षण

4

पन्ना

श्री डेविड डेनियल, संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण

5

टीकमगढ़

श्री आलोक खरे, सहायक संचालक, लोक शिक्षण

जबलपुर संभाग

6

जबलपुर

श्री अतुल डनायक, प्राचार्य, उ.मा.वि, राज्य शिक्षा केन्द्र

7

कटनी

श्रीमती एस. बावरिया, संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण संभाग, जबलपुर

8

डिण्डोरी

श्रीमती विल्सन, सहायक संचालक, कार्या. संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण जबलपुर संभाग

9

छिंदवाड़ा

श्री बी.के. पटेल, विधि प्रकोष्ठ, संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण, जबलपुर संभाग

10

नरसिंहपुर

श्री अनन्त राम पाठक, संचालक, राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान, जबलपुर

11

सिवनी

श्री एस.एल. नायक, संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण

12

मण्डला

प्राचार्य, शिक्षा महाविद्यालय, जबलपुर

13

बालाघाट

श्री राजेन्द्र प्रसाद, उप संचालक, लोक शिक्षण

 

इंदौर संभाग

रीवा संभाग

ग्वालियर संभाग

उज्जैन संभाग

14

उज्जैन

श्री शेखर वर्मा, सहायक संचालक, लोक शिक्षण

15

शाजापुर

श्री बलवन्त शर्मा, उप संचालक, लोक शिक्षण

16

रतलाम

श्री ओ.पी. रघुवंशी, प्रभारी संयुक्त संचालक, विधि प्रकोष्ठ इन्दौर

17

मंदसौर

श्री ए.के. पारीक, प्राचार्य, उ.मा.वि. राज्य शिक्षा केन्द्र

18

नीमच

श्री संजय पटवा, प्राचार्य, उ.मा.वि. राज्य शिक्षा केन्द्र

19

देवास

डॉ. कौशल किशोर पाण्डेय, संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण

भोपाल संभाग

20

भोपाल

श्रीमती अनघा देव, सहायक संचालक, लोक शिक्षण

21

रायसेन

श्रीमती रागिनी उपलवार, प्राचार्य, उ.मा.वि, राज्य शिक्षा केन्द्र

22

सीहोर

डॉ. ओ.पी. शर्मा, संभागीय संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण, भोपाल संभाग

23

होशंगाबाद

श्री वी.एस. सक्सेना, संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण

24

बैतूल

श्री जी.आर. वाईकर, सहायक संचालक, लोक शिक्षण

25

हरदा

डॉ. महेश जैन, सहायक संचालक, लोक शिक्षण.

26

राजगढ़

श्री के.पी.एस.तोमर, सहायक संचालक, कार्या.संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण, भोपाल संभाग

27

विदिशा

श्रीमती कोकिला यादव, उप संचालक, लोक शिक्षण

28

इंदौर

श्री रमेश भण्डारी, अपर मिशन संचालक, राज्य शिक्षा केन्द्र

29

झाबुआ

डॉ. महेश व्यास, प्राचार्य, डाईट जिला धार

30

धार

श्री एस.बी.सिंह., संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण, इंन्दौर संभाग

31

अलीराजपुर

प्राचार्य, डाईट, अलीराजपुर

32

खंडवा

डॉ. रामधार मावलीय, सहायक संचालक, लोक शिक्षण, इंदौर संभाग

33

बुरहानपुर

डॉ. सुभाष पाचपौर, अपर संचालक, लोक शिक्षण

34

खरगौन

श्री पी.आर.तिवारी, सहायक संचालक, लोक शिक्षण

35

बड़वानी

प्राचार्य, डाईट खरगौन

36

रीवा

डॉ. रश्मि शुक्ला, प्राचार्य, शास. शिक्षा महाविद्यालय, रीवा

37

सीधी

श्री ब्रजेश मिश्रा, सहायक संचालक, कार्या. संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण रीवा संभाग

38

सतना

श्री एस.एस.एच.रिजवी, सहायक संचालक, लोक शिक्षण

39

उमरिया

श्री किशोर कुमार सोनी, ओ.एस.डी, लोक शिक्षण

40

शहडोल

श्री राजकुमार सक्सेना, ओ.एस.डी. लोक शिक्षण

41

अनूपपुर

श्री जी.एस.तोमर, ओ.एस.डी., लोक शिक्षण

42

सिंगरोली

श्री सी.डी.द्विवेदी, सहायक संचालक, कार्या.संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण, रीवा संभाग

43

ग्वालियर

श्री ए.के. दीक्षित, अपर संचालक, राज्य शिक्षा केन्द्र

44

भिण्ड

श्री धीर सिंह सिकरवार, संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण, ग्वालियर संभाग

45

मुरैना

श्रीमती ममता चतुर्वेदी, सहायक संचालक, कार्या. संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण, ग्वालियर

46

श्योपुर

श्री बी.पी.अहिरवार, संयुक्त संचालक, विधि प्रकोष्ठ, ग्वालियर

47

शिवपुरी

श्री दीपक पाण्डे, सहायक संचालक, कार्या. जिला शिक्षा अधिकारी, जिला शिवपुरी

48

दतिया

श्री डी.एस.कुशवाह, सहायक संचालक, लोक शिक्षण

49

अशोकनगर

श्री के.पी. चतुर्वेदी, सहायक संचालक, कार्या. संयुक्त संचालक, रीवा संभाग

50

गुना

श्री विकास जोशी, प्राचार्य, शास. महात्मा गाँधी, उ.मा.वि., भेल भोपाल

 

 

शनिवार, सितंबर 05, 2009

अचानक धोखे से सबस्‍क्रप्‍शन नही बदल सकेगीं मोबाइल फोन कम्‍पनियॉं: ट्राई ने 27 अप्रैल, 2009 को जारी अपने दिशा-निर्देशों में संशोधन किया

अचानक धोखे से सबस्‍क्रप्‍शन नही बदल सकेगीं मोबाइल फोन कम्‍पनियॉं: ट्राई ने 27 अप्रैल, 2009 को जारी अपने दिशा-निर्देशों में संशोधन किया

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने बीएसएनएल तथा एमटीएनएल सहित सभी सुविधा सेवाएं मुहैया कराने वालाें को एक निर्देश जारी किया है जिसमें 27 अप्रैल, 2009 को उसके द्वारा जारी दिशा-निर्देंशों में वैल्यू एडिड सर्विसेज़ के प्रावधानों में किये गये सशोधनों की जानकारी दी गई है। यह संशोधन  अचानक घटनावश वैल्यू एडिड सर्विसेज सबस्क्रिप्शन से बचाने के संदर्भ में उद्योग की चिंताओं तथा उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करते हैं।

ये संशोधन सेवाएं मुहैया कराने वालों के लिए यह अनिवार्य करते हैं कि वे सबस्क्राइबर्स को उनके सबस्क्रिप्शन के नवीकरण की तारीख से कम से कम तीन दिन पहले सूचित करें और जो सबस्क्राइबर नहीं हैं उन्हें नवीकरण की तारीख, नवीकरण के लिए शुल्क तथा टोल फ्री टेलीफोन  0 की जानकारी दें।

 

हरियाणा में चुनाव पूर्व धराशायी होते गठबंधन

हरियाणा में चुनाव पूर्व धराशायी होते गठबंधन

निर्मल रानी

       आगामी 13 अक्तूबर को हरियाणा में होने जा रहे विधानसभा चुनावों को लेकर राज्य में राजनैतिक घमासान तेंज हो गया है। अत्याधिक आत्मविश्वास से भरपूर दिखाई दे रहे राज्य के निवर्तमान मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा जहां एक बार पुन: कांग्रेस पार्टी की राज्य में सत्ता वापसी को लेकर आश्वस्त नंजर आ रहे हैं, वहीं हरियाणा के सभी विपक्षी दलों तथा उनके गठबंधन सहयोगियों के मध्य सगाई व तलांक का सिलसिला अभी से शुरु हो गया है। अभी मात्र एक पखवाड़ा पूर्व ही राज्य की एक मंजबूत कही जा सकने वाली विपक्षी पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल तथा भारतीय जनता पार्टी के बीच हुआ चुनावी गठबंधन राज्य में चुनाव की घोषणा से पूर्व ही दम तोड़ गया। दरअसल इनेलो तथा भाजपा दोनों ही संभवत: चुनाव नतीजों के रूप में होने वाली अपनी-अपनी छीछालेदर से भली भांति परिचित थे। इसीलिए इन दोनों ही दलों ने सीटों के बंटवारे का बहाना लेकर गठबंधन रिश्ता तोड़ डाला।

              हरियाणा की राजनीति में एक और नए गठबंधन का उदय गत् 16 जून को लखनऊ में एक समझौते के तहत हुआ था। बहुजन समाज पार्टी तथा हरियाणा जनहित कांग्रेस के मध्य हुए इस समझौते पर उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भजन लाल तथा हजकां प्रमुख कुलदीप बिश्ोई व अन्य कई प्रमुख नेताओं के हस्ताक्षर हुए थे। लगभग 75 दिन के इस गठबंधन पर भी संकट के बादल उस समय मंडराने शुरु हो गए थे जबकि गत् दिनों हरियाणा में हजकां व बसपा की एक संयुक्त रैली के दौरान विधानसभा की एक सीट की दावेदारी को लेकर इन दोनों गठबंधन दलों के कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए जिसमें मारपीट, हंगामे तथा लाठी डंडे चलने तक ही नौबत आ गई। बसपा एवं हजकां के मध्य सीट की दावेदारी को लेकर होने वाले इस संघर्ष ने उसी समय यह संकेत दे दिया था कि इस गठबंधन का भविष्य आंखिरकार उावल नहीं जान पड़ता। और वैसा ही हुआ। बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मान सिंह मनहेड़ा ने गत् दिनों रोहतक में एक संवाददाता सम्मेलन कर यह घोषणा कर ही डाली कि हजकां के साथ 75 दिन पूर्व हुई बी एस पी की सगाई भी टूट चुकी है। बी एस पी नेताओं का आरोप है कि कुलदीप बिश्ोई गठबंधन की रैलियों व सभाओं में सक्रिय होने तथा इनके आयोजन में दिलचस्पी लेने के बजाए गुप्त रूप से भारतीय जनता पार्टी के साथ अपनी पींगें बढ़ाने में व्यस्त थे जोकि बी एस पी को रास नहीं आया।

              प्रश् यह है कि कहां तो हजकां व बसपा ने न केवल पचास व चालीस के अनुपात से सीटों का बंटवारा कर लिया था। बल्कि इन दोनों दलों के मध्य इस बात का भी ंकरार हो गया था कि इस गठबंधन के सत्ता में आने पर हरियाणा जनहित कांग्रेस को मुख्यमंत्री का पद दिया जाएगा जबकि उपमुख्यमंत्री का पद बहुजन समाज पार्टी के लिए निर्धारित किया गया था। फिर आंखिर ऐसी कौन सी वजह हो सकती है जिसकी बिना पर राज्य का यह नया गठबंधन समय पूर्व ही दम तोड़ गया। कहीं ऐसा तो नहीं कि भारतीय जनता पार्टी व इनेलो गठबंधन टूटने के बाद हरियाणा जनहित कांग्रेस वास्तव में भाजपा की ओर सीटों के गठबंधन के लिए पींगें बढ़ा रही हो? और यदि आने वाले कुछ दिनों में राज्य में इस प्रकार के किसी नए गठबंधन के समाचार मिलते भी हैं तो हरियाणा के मतदाताओं के समक्ष उस संभावित गठबंधन की विश्वसनीयता कितनी और क्या होगी, यह भी नंजरअंदांज नहीं किया जा सकता। विश्वसनीयता का प्रश् इसलिए खड़ा होगा क्योंकि राज्य के मतदाता हजकां व भाजपा दोनों ही दलों के सगाई व तलांक के पूर्व राजनैतिक घटनाक्रम बंखूबी देख चुके हैं। अत: मतदाताओं के समक्ष यह प्रश् ंजरूर खड़ा होगा कि राज्य की सत्तारूढ़ रही कांग्रेस पार्टी के समक्ष विकल्प के रूप में जो दल चुनाव पूर्व ही अपने राजनैतिक रिश्ते बना व बिगाड़ रहे हैं, आंखिर सत्ता में आने के बाद उनकी खींचातानी का क्या आलम होगा? हरियाणा की कईं सरकारें पहले भी राज्य में गठबंधन का दौर तथा उसमें होने वाली उठापटक यहां तक कि गठबंधन असफल होने पर राज्य में हुए मध्यावधि चुनाव तक का पूरा घटनाक्रम ंकरीब से देख चुकी है। ऐसे में यह सवाल स्वाभाविक है कि राज्य की जनता किसी एक मंजबूत राजनैतिक दल की स्थिर सरकार का चुनाव करने के बजाए किसी ऐसी गठबंधन सरकार की संभावनाओं की तलाश क्यों करे जिसका भविष्य ही दांव पर लगा हो।

              वैसे भी चुनाव पूर्व दोनों विपक्षी गठबंधनों के धराशायी होने के बाद अब तक राज्य की जनता के लिए स्पष्ट रूप से यह संदेश जा चुका है कि हो न हो, गठबंधन दलों के रिश्ते टूटने का अर्थ यही है कि किसी भी विपक्षी दल में इतना साहस नंजर नहीं आता जो अकेले या गठबंधन के रूप में मिलकर भूपेन्द्र सिंह हुड््डा के पूर्व शासन को चुनौती देते हुए अपने आपको इनके मंजबूत विकल्प के रूप में पेश कर सके। ंजाहिर है इन सभी विपक्षी पार्टियों की खींचतान का सीधा लाभ कांग्रेस पार्टी को मिलने की पूरी उम्मीद दिखाई दे रही है।

              राज्य के मतदाता राज्य के विकास के मद्देनंजर इस बात से भी भली भांति परिचित हैं कि हरियाणा के विकास के लिए राज्य सरकार का केंद्र सरकार के साथ तालमेल होना अत्यन्त आवश्यक है। लिहांजा राज्य की जनता की यह सोच भी कांग्रेस पार्टी के पक्ष में जाती है। दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के पास न केवल सांफ सुथरी एवं ईमानदार छवि के रूप में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का नेतृत्व एक आदर्श प्रस्तुत कर रहा है बल्कि राज्य के निवर्तमान मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी अपने साढ़े चार वर्ष के शासनकाल में अपनी ईमानदार छवि अर्जित की है। हुड्डा सरकार द्वारा गत् साढ़े चार वर्षों में प्रदेश के विकास के लिए किए गए कार्यों तथा जनहित के लिए शुरु किए गए अनेक कार्यक्रमों की भी एक लंबी सूची है, जिसे लेकर कांग्रेस पार्टी मतदाताओं के समक्ष जा रही है। उपरोक्त सभी परिस्थितियां ऐसी हैं जिनसे हरियाणा के चुनाव परिणामों का अंदांजा आसानी से लगाया जा सकता है।

              राज्य के चुनावी वातावरण में अभी कुछ और मामूली सा उबाल आना शेष है। अभी आगामी 20 सितंबर को जींद में प्रस्तावित बहुजन समाज पार्टी की वह रैली देखने योग्य होगी जिसे उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री तथा बसपा प्रमुख मायावती का संबोधित करना प्रस्तावित है। ऐसी संभावना है कि जींद रैली में ही बी एस पी अपने सभी 90 उम्मीदवारों की भी घोषणा करेगी। बी एस पी के प्रत्याशियों की घोषणा के बाद चुनावी हलचल में कुछ तेंजी आने की संभावना है। उधर यदि हजकां व भाजपा के मध्य कोई आधिकारिक गठबंधन हो जाता है तो उसके बाद सीटों के बंटवारे से लेकर प्रत्याशियों की घोषणा तक राज्य के राजनैतिक परिदृश्य में कुछ मामूली सा उथल पुथल देखा जा सकता है। परन्तु इसके बावजूद जहां तक भाजपा, इनेलो तथा हजकां की राजनैतिक स्थिति का प्रश् है तो यह तो सभी देख रहे हैं कि किस प्रकार लगभग इन सभी दलों में आयाराम गयाराम की लीला चल रही है। किस प्रकार इन दलों के सत्ता के चाहवान नेता अपने अंधकारमय भविष्य से चिंतित होकर उसे उावल बनाने की तलाश में इधर उधर भटक रहे हैं। इनमें अधिकांश को तो कांग्रेस पार्टी में ही शरण मिल रही है।

              उपरोक्त सभी राजनैतिक परिस्थितियों के अतिरिक्त आम जनता क्षेत्रीय दलों के भविष्य को लेकर नकारात्मक मूड में दिखाई दे रही है। लोकसभा के चुनाव परिणाम तो कम से कम ऐसा ही आभास करा रहे हैं। ंजाहिर है यदि विगत् लोकसभा चुनावों जैसी मतदाताओं की सोच हरियाणा के विधानसभा चुनावों में भी दोहराई गई तो इसका भी सीधा लाभ कांग्रेस पार्टी को ही मिलता दिखाई दे रहा है। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि हरियाणा में कांग्रेस के समक्ष न केवल विकल्प का अभाव है बल्कि विपक्ष भी लगभग नदारद एवं असंगठित नंजर आ रहा है।

शुक्रवार, सितंबर 04, 2009

Greetings from Management Development Institute, Gurgaon!

Greetings from Management Development Institute, Gurgaon!

 

Management Development Institute (MDI), Gurgaon, a top business school in India, recently announced a Center for Sustainable Development to provide a multi stakeholder platform foster development in a truly sustainable manner, benefiting both community as well as the world. As a part of this initiative,  MDI has collaborated with ACCESS Development Services, a not-for-profit company that offers specialized technical assistance under two verticals - microfinance and livelihoods, to provide a business perspective to ACCESS’s livelihoods activities and help the poor in the country attain sustainable livelihoods solutions.

 

The ‘Sitaram Rao Livelihoods India Case Study Competition’ is being launched with attractive prize money of Rs 75,000/-, 50,000/- and 30,000/- for the top three entries. The case study competition would be part of the Microfinance India Summit organized by ACCESS every year.

 

The competition aims to document and disseminate motivating case studies in an attempt to increase awareness and knowledge on the livelihoods sector and making markets work for the poor. These case studies will provide insights to practitioners and will help them improve models of livelihood interventions. .The participants will be required to write a case study of approximately 5000 words on ‘Making Markets Work for the Poor’, with a focus on public-private- community partnership. The competition will welcome entries from national as well as foreign nationals, and is targeted at management professionals, practitioners, academicians, researchers and B- school students

 

Deep Joshi (Magsaysay award winner 2009), Padmashree Prof Pritam Singh (Professor of Eminence, MDI, Gurgaon) Biswajit Sen (Rural Development Specialist, Agriculture and Rural Development Unit, South Asia Region, World Bank), Dr. NCB Nath (Chairman, PIC and FAIR)and Bindu Ananth (President, IFMR Trust), have agreed to be a part of the esteemed Jury. The other expected jurists are, Mr. Shiv Kumar (CEO, NOKIA) and Dr. Rita Sharma (Secretary, Rural Development).

 

We will be very glad if you could spread the news about this competition in your institution and help us make this initiative a coveted and credible competition which brings out the best practices of the sector. The details of the announcement on Sitaram Rao Livelihoods India Case Study Competition can be found at http://accessdev.org/case-study-competition.php. Please direct your queries to casecomp@accessdev.org.

 

Important Dates

·         September 10, 2009 – Submission of registration form

·         September 30, 2009 – Submission of final case studies

·         October 28, 2009 – Awards Distribution at the Livelihoods Day of the Microfinance India Summit 2009

 

We look forward to receiving entries from your institution.

 

Thanks and Regards,

 

Neelu Bhullar

Chairperson- Student Affairs

MDI, Gurgaon

 

गुरुवार, सितंबर 03, 2009

अपराधियों की डायरेक्ट्री तैयार की जावेगी- पुलिस महानिरीक्षक चम्बल श्री झा

अपराधियों की डायरेक्ट्री तैयार की जावेगी- पुलिस महानिरीक्षक चम्बल श्री झा

ग्वालियर 2 सितम्बर 09। अपराध एंव अपराधियों पर नियंत्रण रखने के उद्देश्य से फरार अपराधियों की डायरेक्ट्री तैयार की जावेगी। यह डायरेक्ट्री रेंज के आई जी. से लेकर कांस्टेबल तक के पास उपलब्ध रहेगी। जिससे अपराधियों के विषय में त्वरित जानकारी प्राप्त हो सकेगी। यह जानकारी पुलिस महानिरीक्षक चम्बल रेज श्री एस के. झा ने गोहद उपचुनाव के संबंध में विकास भवन मालनुपर में आयोजित बोर्डर मीटिंग में दी। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर रेंज श्री अरविंद कुमार, उप महानिरीक्षक चंबल रेंज श्री  बी शर्मा, ग्वालियर रेंज श्री एस एम. अफजल, उप महानिरीक्षक झाँसी रेंज श्री आदित्य मिश्रा, एस पी. भिण्ड डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, मुरैना श्री संतोष सिंह, दतिया श्री मनोहर सिंह, अतिरिक्त पुंलिस अधीक्षक इटावा श्री सोनकर सहित पुलिस प्रशासन के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

      पुलिस महानिरीक्षक श्री झा ने कहा कि गत वर्षों में अपराध के तरीकों में अंतर आया है, एक राज्य का अपराधी दूसरे राज्य में अपराध करते हैं या अपराध करने के बाद भाग जाते हैं। एसी परिस्थिति में सभी सीमावर्ती राज्यों के बीच समन्वय होना आवश्यक है। इसके साथ ही सभी बड़े तथा फरार अपराधियों के विषय में सामान्य जानकारी पुलिस महकमे के सभी छोटे-बड़े अधिकारियों को होना चाहिये। इसी उद्देश्य से ग्वालियर और चंबल रेंज के फरार अपराधियों की एक डायरेक्ट्री तैयार की जा रही है। जिसमें फरार व इनामी अपराधी का नाम, पता, पंजीबध्द अपराध घोषित ईनाम की राशि, फरारी का दिनांक, उसके आश्रय लेने के क्षेत्र का उल्लेख किया जायेगा। यह जानकारी सीमावर्ती राज्यों के जिलों को भी उपब्लध कराई जावेगी। श्री झा ने कहा कि पिछले कुछ समय से पुलिस बल में भी अन्तर्राज्यीय समन्वय बड़ा है। उन्होंनें भिण्ड जिले की गत दो वारदातों में इटावा और आगरा पुलिस बल द्वारा दिये गये सहयोग का विशेष उल्लेख किया तथा आशा व्यक्त की भविष्यमें भी दोनों राज्यों का समन्वय बना रहेगा। श्री झा ने कहा कि वॉर्डर मीटिंग की प्रक्रिया के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ थाना स्तर पर भी आयोजित करने के प्रयास किये जायेंगे।

      डी आईजी. श्री शर्मा ने कहा कि गोहद उप चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश के अपराधी तत्वों के भिण्ड जिले में प्रवेश को सख्ती से रोका जावे। उसके 7 सितम्बर से सभी पहुँच मार्गों पर एक साथ चेकिंग अभियान प्रारंभ करने के निर्देश दिये। यह चेकिंग मतदान दिवस 10 सितम्बर के सांयकाल 5 बजे तक जारी रखा जायेगा।

      इसके साथ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय भी बैठक में लिया गया।

 

मंगलवार, सितंबर 01, 2009

जप्त शक्कर का डिस्पोज़ल कलेक्टर करेंगे , बाज़ार में जल्द वापस आएगी, राज्य सरकार ने दिए सुझाव

जप्त शक्कर का डिस्पोज़ल कलेक्टर करेंगे , बाज़ार में जल्द वापस आएगी, राज्य सरकार ने दिए सुझाव

Bhopal:Monday, August 31, 2009:Updated 19:18IST


 

राज्य सरकार प्रदेश में छापों के तहत जप्त की गई शक्कर का हल निकालने के लिए विभिन्न स्तरों पर लगातार कोशिश करती रही है। फिलहाल, इस मामले का हल कलेक्टरों के जरिए करने का रास्ता निकाला गया है। सरकार खुद इस जप्त शक्कर के व्यापार के मकसद से बाज़ार में इसकी जल्द वापसी के पक्ष में है। उसका मानना है कि विशेषकर हाल ही के दिनों और आने वाले कुछ महीनों में त्यौहारों के मौके पर बाज़ार में शक्कर की कमी न हो। कलेक्टरों को इस बारे में आज मार्गदर्शी सुझाव दिए गए हैं।

राज्य सरकार इस तात्कालिक कार्रवाई के साथ ही बाज़ार में शक्कर का कृत्रिम अभाव दिखाकर मौकापरस्त ज़माखोरों के प्रति भी सचेत है। उसका स्पष्ट मत है शक्कर की मौजूदा स्थिति में इसके व्यापार से शुगर कंट्रोल आदेश के तहत जुड़े व्यापारियों को बेवजह किसी प्रशासनिक कार्रवाई का शिकार न बनना पड़े। दूसरी ओर कोई यदि कानून-कायदों का उल्लंघन कर शक्कर की ज़माखोरी और इसके जरिए मुनाफाखोरी के फेर में पड़ जाए तो उसे बख्शना भी नहीं है।

कलेक्टरों को सुझाव

राज्य सरकार की ओर से प्रमुख सचिव खाद्य आपूर्ति श्री अशोक दास ने आज कलेक्टरों को जप्तशुदा शक्कर के डिस्पोज़ल के लिए मार्गदर्शी सुझाव का पत्र जारी किया। इसके मुताबिक शक्कर जप्ती के जो प्रकरण तैयार हुए हैं उनका यथासंभव 15 दिनों में निराकरण करने को कहा गया है। यह भी साफ किया गया है कि इन प्रकरणों के अंतिम निराकरण के पूर्व भी शक्कर व्यवसायी या अनावेदक को साल्वेंट सिक्यूरिटी के आधार यह शक्कर सुपुर्द की जा सकेगी। कलेक्टर इस डिस्पोजल की कार्रवाई को संशोधित शुगर कंट्रोल आर्डर के इस बारे में संबंधित प्रावधान के तहत करेंगे। इस सिलसिले में कुछ शर्तें तय की गई हैं। इसके मुताबिक एक लिखित आदेश (सुपुर्दनामे) के तहत संबंधित व्यापारी जिससे यह शक्कर जप्त की गई है उसे सौंपी जा सकेगी।

सुपुर्दनामे में यह प्रावधान होगा कि उस व्यापारी को यह शक्कर किसी दूसरे व्यापारी को न बेचते हुए इसे ऐसे फुटकर व्यापारियों को ही बेचना है जो 20 क्विंटल से कम शक्कर का भण्डारण करते हैं। यह शक्कर संशोधित अधिसूचित आदेश में उल्लेखित दाम पर बेची जा सकेगी। उसे जप्त शक्कर के मूल्य के बराबर उचित सिक्यूरिटी भी देनी होगी। इसी तरह व्यापारी को शक्कर की इस सुपुर्दगी के विक्रय का हिसाब-किताब कलेक्टर को उनके द्वारा तय की जाने वाली तारीख पर देना होगा। इस व्यापारी को कलेक्टर के न्यायालय में यह सहमति भी देनी होगी कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत राजसात इस शक्कर के विक्रय से प्राप्त पूरी कीमत वह कलेक्टर के पास जमा करेगा। इस व्यापारी को शक्कर का यह विक्रय सुपुर्दगीनामा दिए जाने से 15 दिन के भीतर करना होगा।

 

सोमवार, अगस्त 31, 2009

छतों पर लगे मोबाइल फोन टॉवर हटाये जायें – मानव अधिकार आयोग

रिहायशी कॉलोनियों के पास सेल फोन टॉवर स्थापित करने की अनुमति न देने की अनुशंसा:

छतों पर लगे मोबाइल फोन टॉवर हटाये जायें मानव अधिकार आयोग

Bhopal:Sunday, August 30, 2009

म.प्र. मानव अधिकार आयोग ने नगरीय क्षेत्रों में सेल फोन टॉवर स्थापित करने के लिये कम से कम ऐसे भूखंडों का चयन करने को प्राथमिकता देने की अनुशंसा की है जिनका आकार ढाई सौ फुट× ढाई सौ फुट हो। इन भूखंडों पर सेल फोन टॉवर के लिये स्थापित की जाने वाली मशीनों और जनरेटर से 100 फुट की त्रिज्या में कोई भी रिहायशी आवास न हो। टॉवर स्थापित करने के लिये जनरेटर की चिमनी की ऊँचाई न्यूनतम 30 फुट अथवा पास की ऊँचे आवासीय भवन से 20 फुट अधिक होना चाहिये।

आयोग ने सिफारिश की है कि ढाई हजार वर्ग फुट तक के आवासीय भूखंडों पर स्थापित टॉवर तत्काल हटाये जाने चाहिये। रिहायशी कॉलोनियों में मकानों की छत पर स्थापित टॉवरों से लोगों की जान और माल की क्षति का खतरा बना रहता है। वैसे भी ये भवन डायनामिक इम्पेक्ट फोर्स से डिजायन नहीं होते हैं इसलिये छतों पर स्थापित टॉवरों को भी हटा देना चाहिये। आयोग ने कहा है कि राज्य का अधिकांश भू-भाग भूकंप संभावित क्षेत्र है, इसलिये टॉवरों की ऊँचाई इतनी हो कि उनके गिरने से कोई जनहानि न हो। आयोग ने कहा है कि भारतीय टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग संस्थान दिल्ली द्वारा जारी मार्गदर्शी सिद्धांतों व निर्देर्शों का टॉवर की स्थापना में पालन कराया जाये। आयोग ने ये अनुशंसाएं खण्डवा के एक स्ट्रक्चरल इंजीनियर श्री राजेन्द्र तिवारी की शिकायत पर विभिन्न संबंधित संस्थाओं से जानकारियां लेने और विचार-विमर्श करने के बाद की हैं।

आयोग ने यह भी सिफारिश की है कि सेल फोन टॉवर्स का निर्माण एवं स्थापना घनी आबादी वाली बस्तियों के निकट न किया जाये। टॉवर स्थापित किये जाने वाले स्थान को वायर फेंसिंग और चारीदीवारी बनाकर सुरक्षित रखा जाना चाहिये ताकि उन तक किसी व्यक्ति की पहुंच न हो सके। आयोग ने यह भी कहा है कि विद्युत या डीजल जनरेटर से संचालित होने वाले टॉवरों में ध्वनि प्रदूषण न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाना चाहिये। म.प्र. मानव अधिकार आयोग ने यह शिकायत प्राप्त होने के बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से टॉवर स्थापना की अनुमति देने के संबंध में शासन की नीति की जानकारी प्राप्त की। नीति से यह स्पष्ट हुआ कि सेल फोन टॉवर स्थापना की अनुमति देने की शर्तों में जन-सुरक्षा और स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव न पड़े इस संबंध में कोई खास शर्तें नहीं रखी गई हैं। आयोग की पहल पर शासन ने सेल फोन टॉवर से निकलने वाली विद्युत चुम्बकीय विकिरणों के दुष्प्रभावों का अध्ययन करने के लिये सात सदस्यीय एक विशेषज्ञ समिति गठित की। समिति में गाँधी मेडिकल कॉलेज भोपाल के एटामिक मेडिसिन्स विभाग के डॉ. करण पीपरे, सूचना एवं प्रौद्योगिकी के ओ.एस.डी. डॉ. अनुराग श्रीवास्तव, बी.एस.एन.एल. के श्री मनोज कुमार, नगरीय प्रशासन के अधीक्षण यंत्री श्री के.के. श्रीवास्तव, रिलायंस और एयरटेल कम्पनियों के एक-एक प्रतिनिधि को सम्मिलित किया गया।

समिति की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि ये विद्युत चुम्बकीय विकिरणें गर्भवती माताओं, गर्भस्थ शिशुओं और बालकों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डाल सकती हैं। समिति ने यह भी सुझाव दिया है कि सेल फोन टॉवरों का निर्माण करने की अनुमति केवल खुले सार्वजनिक स्थानों पर ही दी जानी चाहिये। निर्मित भवनों की छतों पर टॉवर स्थापित करने से कभी भी दुर्घटनाएं घटित हो सकती हैं। विभिन्न कम्पनियों को सेल फोन टॉवरों के साझा उपयोग पर सहमति बनाने के प्रयत्न होने चाहिये। भविष्य में बनने वाली रिहायशी कॉलोनियों में सेल फोन टॉवर स्थापित करने के लिये स्थान आरक्षित कराये जाने चाहिये।

शिकायतकर्ता श्री राजेन्द्र तिवारी, स्वयं स्ट्रक्चरल इंजीनियर हैं। उन्होंने भी सेल फोन टॉवर्स के बारे में जो अध्ययन किये हैं उनके संदर्भ प्रस्तुत करते हुए आयोग को काफी जानकारियां दी हैं। श्री तिवारी ने फ्रांस के एक शोध पत्र का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि सेल फोन टॉवर के पास रहने वाले लोगों को खून की कमी, दृष्टिदोष, सिरदर्द तथा अनिद्रा जैसे संत्रास हो सकते हैं। इसलिये सेल फोन के बेस स्टेशन को मानव बसाहट से कम से कम 300 मीटर दूर रखना उचित होगा। आस्ट्रिया के वियना विश्वविद्यालय के पर्यावरण स्वास्थ्य चिकित्सा संस्थान के एक शोधपत्र जो इंटरनेट पर उपलब्ध है में स्पष्ट किया गया है कि विद्युत चुम्बकीय विकिरणों का मानव स्वास्थ्य पर तात्कालिक प्रभाव भले ही न दिखे लेकिन लम्बे समय तक विकिरणों के प्रभाव से मानव शरीर पर दुष्परिणाम के उदाहरण मिले हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका में किये गये एक अध्ययन में भी बताया गया है कि सेल फोन टॉवर और सेल फोन दोनों को एक सुरक्षित दूरी पर रखना आवश्यक है। अन्य स्थिति में इनके अहितकारी परिणाम बूढ़ों, बच्चों, गर्भवती माताओं और कमजोर लोगों पर प्रकट होते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी सेल फोन टॉवर स्थापित करने के संबंध में पूर्ण सावधानी और सतर्कता के सिद्धांतों का पालन करने की सलाह दी है।

 

शनिवार, अगस्त 29, 2009

ग्वालियर चम्‍बल से आगरा तक स्‍वाइन फ्लू की दहशत, अजीबोगरीब बीमारी की चपेट में हैं लोग

ग्वालियर चम्‍बल से आगरा तक स्‍वाइन फ्लू की दहशत, अजीबोगरीब बीमारी की चपेट में हैं लोग

नरेन्‍द्र सिंह तोमर ''आनन्‍द''

शरीर के जोड़ों में दर्द, पूरे शरीर में ऐंठन, बैचैनी और एकदम भारी दर्द व अचानक तेज बुखार की चपेट में आजकल हजारों लोग ग्‍वालियर चम्‍बल से लेकर धौलपुर आगरा तक हर गॉव शहर मे हैं । मुझे चन्‍द रोज में इन क्षेत्रों में जाने और घूमने का मौका मिला और मैने स्‍वयं देखा कि सभी लोग तकरीबन एक ही प्रकार के कष्‍ट से पीडि़त हैं सब ओर यही हाल है, उधर कुछ क्षेत्रों में सूअरों के लगातार मरने की खबर से भी लोग भयभीत हैं ।

हालांकि लोग इसे अजीब गरीब बीमारी या चिकनगुनिया या मंकी गुनिया, सूअरगुनिया जैसा बुखार या पीड़ा मान कर कई नीम हकीमों और तांत्रिकों तथा झाड़ फूंक वालों के यहॉं हजारों की संख्‍या में रोज इलाज करा रहे हैं । लेकिन कोई फर्क उनकी हालत में नहीं हो रहे हैं ।  

ईश्‍वर करे कोई छोटी मोटी बीमारी ही हो और जल्‍द ही लोगों को राहत भी मिल जाये ।

हालांकि मुझे नहीं पता कि स्‍वाइन फ्लू की बीमारी के लक्षण क्‍या है और आम शहरी और ग्रामीणों को भी इसकी ज्‍यादा जानकारी नहीं है ।

लेकिन अगर यह बीमारी स्‍वाइन फ्लू या उसके जरा सी भी नजदीक है, तो सरकार को तुरन्‍त ऐहतियात बरत कर अपनी कार्यवाही प्रारंभ कर देना चाहिये । मैंने स्‍वयं देखा है कि लोगों की हालत काफी पीड़ादायक हो रही है और ग्‍वालियर से चम्‍बल, धौलपुर आगरा तक भौगोलिक क्षेत्र भी कोई कम छोटा नहीं है , पता लगा कर ऐहतियात के तौर पर दर्द व बुखार ग्रस्‍त लोगों में कुछ को सेम्‍पल के तौर पर जॉच करवा ली जाये तो बेहतर है वरना लोग कुछ का कुछ समझकर इधर उधर इलाज या झाड़फूंक में फंसे लाइलाज तक स्‍टेज तक पहुँच जायेंगें ।    

 

शुक्रवार, अगस्त 28, 2009

6 आदतन अपराधियों पर ईनाम घोषित

6 आदतन अपराधियों पर ईनाम घोषित

भिण्ड 22 अगस्त 2009

       पुलिस अधीक्षक डा राजेन्द्र प्रसाद द्वारा जिले के 6 आदतन अपराधियों पर ईनाम घोषित कर दी गई है।

       डा प्रसाद से प्राप्त जानकारी के अनुसार म.प्र. पुलिस रेगुलेशन के में प्रदत्त शक्तियों के अनुसार अपराधियों को बंदी बनाने या बंदी करवाने या उनके द्वारा बंदीकरण का विरोध किये जाने पर विधि संगत आवश्यक शक्तियों का प्रयोग कर जो उन्हें बंदी बनवायेगा या बंदी करवाने के लिये सही सूचना देगा उसे पुरूष्कृत किया जावेगा। श्री नीरज पुत्र अशोक चौधरी निवासी श्यामपुरा थाना लहार जिला भिण्ड ईनाम दो हजार, अशोक पुत्र मुक्ता प्रसाद चौधरी निवासी सदर लोकल दो हजार रूपये, धीरज पुत्र अशोक चौधरी निवासी सदर लोकल दो हजार, सूरजभान सिंह पुत्र भारत सिंह गुर्जर उम्र 25 वर्ष निवासी चौधरी पुरा ग्राम खरौआ थाना गोहद जिला भिण्ड दो हजार रूपये, भगवती पुत्र ओमप्रसाद निशाद मल्लाह उम्र 28 वर्ष नगलापुरा थाना बसई मोहम्मदपुर जिला फिरोजाबाद 5 हजार रूपये, गिरधारी पुत्र जोमसिंह निशाद मल्ला उम्र उम्र 28 वर्ष निवासी बसई मोहम्मदपुर हाल छार बाग थाना लाईन वार जिला फिरोजाबाद पॉच हजार रूपये का ईनाम घोषित किया गया है।

 

रोजगार सिलाई प्रशिक्षण 25 अगस्त को मेहगांव एवं 27 अगस्त को गोहद शुभारंभ

रोजगार सिलाई प्रशिक्षण 25 अगस्त को मेहगांव एवं 27 अगस्त को गोहद शुभारंभ

भिण्ड 22 अगस्त 2009

       खेल  एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित किए जाने वाले रोजगार प्रशिक्षण संबंधी जानकारी युवा सन्वयक संजीव भदौरिया मेहगांव एवं दीपक सोलंकी द्वारा सयुक्त रूप से जानकारी दी गई है जिसमें 25 अगस्त से मेहगांव में तथा 27 अगस्त से गोहद में प्रारंभ किया जावेगा। प्रशिक्षण का स्थान पब्लिक पब्लिक डब्लबमेंट सेंटर पुराने थाने के पीछे गायत्री नगर मेहगांव एवं वार्ड क्रमांक 13 श्रीमती शकुन्तला शर्मा गोहद में प्रारंभ किया जावेगा।

       प्रशिक्षण शिविर की अवधि प्रतिदिन 6 घण्टे रहेगी, यह प्रशिक्षण शिविर 15 दिवसीय है, प्रशिक्षण शिविर का शासन द्वारा निर्धारित रजिस्ट्रेशन शुल्क 30 रूपये है एवं प्रशिक्षण शिविर में रजिस्ट्रेशन शुल्क के आलवा कोई फीस नही लगेगी एवं प्रशिक्षण शिविर के 15 दिवस के उपरांत सफल प्रशिक्षणार्थियों को खेल एवं युवा कल्याण विभाग टीटी नगर भोपाल द्वारा जारी प्रमाण पत्र वितरित किये जायेगें प्रशिक्षणार्थियों की उक्त 14 से 35 वर्ष की बालिका/ महिला प्रशिक्षणार्थी ही होगी। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली बालिका/ महिला पब्लिक हाईस्कूल पुराने थोन के पीछे मेहगांव में सम्पर्क कर फार्म 30 रूपये देकर प्राप्त किया जा सकता है फार्म जमा करने एवं प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि 25 अगस्त की जाकर प्रशिक्षण शिविर में पंजीयन कराना अनिवार्य है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा महिला प्रशिक्षणार्थियों को शिविर में प्रशिक्षण के लिए सिलाई मशीन एवं रा मटेरियल निशुल्क उपलब्ध कराई जावेगी। सफल प्रतिभागियों को ही 15 दिवस उपरांत प्रमाण पत्र दिये जावेगें। सभी प्रशिक्षणार्थियों से आग्रह है कि शासन की मंशानुरूप कार्यक्रम में भाग लेकर लाभान्वित होवे।

 

बालाजी गैस एजेंसी पर छापा सिलेण्डरों में मिली कम गैस 360 सिलेण्डर जप्त

बालाजी गैस एजेंसी पर छापा सिलेण्डरों में मिली कम गैस 360 सिलेण्डर जप्त

भिण्ड 22 अगस्त 2009

       रसोई गैस सिलेण्डर में कम मात्रा में गैस वितरित करने वालों के खिलाफ जॉच पडताल अभियान कलेक्टर श्री के.सी.जैन के निर्देश पर चलाया जा रहा है। जिसके तहत आज भिण्ड शहर स्थित बालाजी गैस एजेन्सी की आकस्मिक जॉच नायब तहसीलदार नवनीत भसीन के नेतृत्व में टीम द्वारा की गई। जॉच के दौरान 32 सिलेण्डरों में निर्धारित माप से कम गैस पाये जाने पर वॉट और माप मानक अधिनियम 1985 के तहत सिलेण्डर जप्त किये गये है तथा स्टाक में गड़बडी के कारण आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत 360 सिलेण्डर जप्त किये गये है।

       कलेक्टर श्री जैन ने कहा कि उपभोक्ताओं को कम मात्रा में सामग्री, गैस वितरित करने तथा मिलावटी व घटिया उत्पाद बेचने, वालों के विरूद्व जिला प्रशासन द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में राजस्व, खाद्य विभाग सहकारिता विभाग व नापतोल विभाग की संयुक्त टीम गठित कर कार्रवाई की जा रही है।

       नायब तहसीलदार श्री भसीन ने बताया कि इण्डेन गैस की सप्लार्स बालाजी गैस एजेन्सी की आकस्मिक जॉच की गई। जॉच के दौरान गैस एजेन्सी के 32 सिलेण्डर में ओसतन 415 ग्राम गैस कम पाई गई है। जिसके परिणाम स्वरूप म.प्र. शासन के वाट और माप मानक अधिनियम 1985 की धारा 39/2 के तहत सिलेण्डर जप्त कर कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। इसीप्रकार गैस एजेन्सी के गोदाम पंजी में गड़बड़ी पाये जाने पर गौदाम में उपलब्ध 360 सिलेण्डर म.प्र. आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत प्रकरण पंजीबध्द किया गया है। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में इण्डेन गैस कम्पनी, बालाजी गैस एजेन्सी, बाटलिंग प्लांट इटावा तथा बालाजी गैस एजेन्सी के स्टोर कीपर के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।

       आकस्मिक जॉच हेतु गठित टीम में ए.एफ.ओ श्री आरके श्रीवास्तव, नापतोल निरीक्षक श्री एसके शर्मा, सहकारिता निरीक्षक श्री ए.के.जैन सम्मिलित थे।

 

आज भी कोई नामांकन दाखिल नही

आज भी कोई नामांकन दाखिल नही

भिण्ड 22 अगस्त 2009

       विधानसभा उप निर्वाचन 2009 के अन्तर्गत 13 गोहद विधानसभा क्षैत्र के नाम निर्देशन पत्र जमा करने के आज कोई भी नामांकन पत्र दाखिल नही किया गया।

 

सामाजिक सुरक्षा पेंशन भोगियों के खाते खोलने हेतु विशेष शिविर स्थगित

सामाजिक सुरक्षा पेंशन भोगियों के खाते खोलने हेतु विशेष शिविर स्थगित

भिण्ड 22 अगस्त 2009

       सामाजिक सुरक्षा पेंशन भोगियों के बैंक खाते खोलने हेतु कलेक्टर श्री के.सी. जैन की पहल पर 23 अगस्त को प्रात: 9 बजे से स्थानीय एमजेएस महाविद्यालय परिसर में आयोजित किया जाने वाला शिविर अपरिहार्य कारणो से स्थगित कर दिया गया है। जिसमें भिण्ड शहर के लगभग साढे तीन हजार सामाजिक सुरक्षा पेंशन भोगियों के बैंक खाते राष्ट्रीय कृत बैंकों में खाते खोले जाना थे।  शिविर की नवीन तिथि की घोषणा पृथक से दी जावेगी।

 

शक्कर संग्रहण कत्ताओं को नोटिस

शक्कर संग्रहण कत्ताओं को नोटिस

भिण्ड 22 अगस्त 2009

       कलेक्टर श्री केसी जैन ने शक्कर का अवैध संग्रहणर् कत्ताओं को कारण बताओं सूचना पत्र जारी कर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का समय दिया है।

       कलेक्टर श्री जैन ने केडवरीज इंडिया लिमी के निर्देशक जोन स्ट्रायडन को जारी कारण बाताओं सूचना पत्र में कहा गया है कि कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी गोहद द्वारा विनायक कोल्ड स्टोरेज मालनपुर की आकस्मिक जांच की गई जांच में कोल्ड स्टोर में संग्रहित 13228 क्विंटल शक्कर आपकी कम्पनी के लॉजस्टिक मैनेजर श्री अनिन्दा घोष द्वारा अपने कथनों में कम्पनी की होना स्वीकार किया। आपके द्वारा शक्कर के बडी मात्रा में संग्रहण के लए नियमानुसार कोई अनुज्ञप्ति/ अनुमति समक्ष प्राधिकारी से प्राप्त नही की, इस कारण आपके द्वारा म.प्र. शक्कर व्यापारी (अनुज्ञापन तथा नियंत्रण) आदेश 2009 की शर्तो का उल्लघंन किया गया है। आपके द्वारा उक्त शक्कर का भण्डारण कम्पनी के गोडाउन/ परिसर में न कर विनायक कोल्ड स्टोरेज में अवैध रूप से किया गया, जिसकी सूचना भी समक्ष प्राधिकारी को नही दी। उक्त कारणों से उक्त शक्कर 13228 क्विंटल अवैध रूप से संग्रहरण की श्रेणी में आता है अत: उक्त कृत्य हेतु क्यो न आपके विरूद्व निम्न कार्यवाही की जावे। अभियोजन की कार्यवाही की जावे, संपूर्ण शक्कर राजसात की जावे, फैक्ट्री की अनुज्ञप्ति निरस्त किये जाने हेतु कार्यवाही प्रस्तावित की जावे, आप अपना पक्ष दिनांक 24 अगस्त 09 को प्रात:11 मेरे समक्ष उपस्थित होकर प्रस्तुत करे। अन्यथा आपके विरूद्व एक पक्षीय कार्यवाही की जावेगी।

       इसीक्रम में भिण्ड शहर के शक्कर विक्रेता प्रो. महेन्द्र कुमार जैन 796 क्विंटल तथा सुरेश कुमार जैन को 290 क्विंटल का भण्डार पाये जाने पर एक सप्ताह में अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।

 

सोमवार, अगस्त 24, 2009

राजस्व अधिकारी राजस्व प्रकरणों का निराकरण तत्पर्ता से करें-कलेक्टर श्री जैन

राजस्व अधिकारी राजस्व प्रकरणों का निराकरण तत्पर्ता से करें-कलेक्टर श्री जैन

भिण्ड 21 अगस्त 2009

       कलेक्टर श्री के.सी. जैन ने कहा कि राजस्व प्रकरणों का निराकरण तत्परता के साथ किया जावे तथा 3 वर्ष या उससे अधिक के लंबित प्रकरणों के निराकरण हेतु विशेष अभियान चलाया जावे। उन्होंने यह निर्देश राजस्व प्रकरणों की समीक्षा बैठक में सभी राजस्व अधिकारियों को दिए। पटवारियों को सर्किल के बाहर का प्रभार न सौपने के स्पष्ट निर्देश भी बैठक में दिए है। बैठक में एडीएम छोटेसिंह सहित सभी एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर तहसीलदार व नायब तहसीलदार उपस्थित थे।

       कलेक्टर श्री जैन ने कहा कि राजस्व न्यायालयों में राजस्व प्रकरणों का लंबित न रखा जावे  सभी प्रकरण सिटीजन चार्टर की सीमानुरूप निराकृत किये जावे। उन्होंने कहा कि जिले में 23 वर्ष की अधिक के लंबित प्रकरणों के लिए राजस्व अधिकारी विशेष अभियान चलावे तथा सप्ताह में कम से कम 2 बार सुनवाई कर 30 सितम्बर तक निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जो राजस्व अधिकारी लक्ष्य के अनुरूप कार्य नही करेगें। उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु प्रस्ताव आयुक्त चम्बल को भेजे जावेगें। उन्होंने कहा कि रिकार्ड रूम से रिकार्ड प्राप्त करने हेतु 23 अगस्त को वृहद कार्रवाई सुनिश्चित की जावे। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को भू राजस्व संहिता के उपबन्धों का गहराई से अध्यनन कर प्रकरणों के निराकरण की सलाह दी।

       श्री जैन ने कहा कि जिले में पटवारियों और राजस्व निरीक्षको के रिक्त पदों पर युक्तियुक्तकरण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सभी एसडीएम को स्पष्ट निर्देश दिए कि पटवारियों को उनके सर्किल के बाहर के हल्के का प्रभार सौपा जावे। श्री जैन ने सरकारी राशि का दुरूपयोग करने वाले सरपंचों के खिलाफ धारा 40 के तहत कार्रवाई शीघ्रता से करें।

कलेक्टर ने नायब तहसीलदार पटेल की तारीफ की

       कलेक्टर श्री जैन ने कहा कि अटेर तहसील के सुरपुरा टप्पा के नायब तहसीलदार श्री पटेल द्वारा गरीबों का एक छीनने वाले गरीबी रेखा की सूची से अपात्र व्यक्तियों के नाम काटने हेतु विशेष अभियान चलाया गया है और 2 ग्राम जनोरा व किशूपुरा के 43 अपात्रों के नाम काटकर महत्वपूर्ण कार्य किया है। जिसके लिए बधाई के पात्र है तथा शेष राजस्व अधिकारियों से श्री पटेल से प्रेरणा लेने के निर्देश भी दिए।