मंगलवार, अप्रैल 13, 2010

भारत सरकार द्वारा ज्योतिषीय चिन्हों पर कल 12 विशेष डाक टिकट जारी किये जाएंगे

भारत सरकार द्वारा ज्योतिषीय चिन्हों पर कल 12 विशेष डाक टिकट जारी किये जाएंगे

डाक विभाग कल ज्योतिषीस राशिचक्र पर विशेष डाक टिकट जारी कर रहे हैं। डाक विभाग राशिचक्र संकेतों पर टिकटों के सेट के साथ-साथ जो डिजाइनें शामिल किया  है, उनकी अवधारणाएं भारतीय लोक कलाओं से ली गई हैं। इसमें 4 प्रतुख रंगों में 12 राशियों के संकेत दिए गए हैं। ये चार रंग पृथ्वी, वायु, अग्नि तथा जल के प्रतीक हैं।

       ये डाक टिकट 15 अप्रैल, 2010 से समूचे देश में डाक टिकट ब्यूरो प्राप्त किए जा सकेंगे। डाक विभाग भारत की समृध्द सांस्कृतिक धरोहर की झांकी प्रस्तुत करने के लिए समय-समय पर ऐसे विशेष डाक टिकटों को जारी करता रहता है।

 

सोमवार, अप्रैल 12, 2010

शिक्षा के अधिकार अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन हो कलेक्टर ने जारी किये निर्देश

शिक्षा के अधिकार अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन हो कलेक्टर ने जारी किये निर्देश

अनुपस्थित शिक्षक की सूचना कन्ट्रोल रूम पर दे

भिण्ड 11 अप्रैल 2010

       कलेक्टर रघुराज राजेन्द्रन ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम का जिले में प्रभावी क्रियान्वयन कराने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित  किया है। प्रेषित पत्र में निर्देश दिये गये है कि शाला में अनुपस्थित शिक्षक की जानकारी उपस्थिति पंजी में अनिवार्य रूप से अंकित कराए और अनुपस्थित पाए गये शिक्षक की जानकारी उपस्थित पंजी (हस्ताक्षर पंजी) में अंकित नही पाने पर शिक्षक की एक वेतनवृद्वि रोके साथ ही यदि कोई शिक्षक आकस्मिक कारण से शाला में उपस्थित नही होता है तो तदाशय के पर्याप्त आधार के साथ उसकी जानकारी जिला स्तरीय कन्ट्रोल रूम के दूरभाष क्रमांक 07534-230023 नम्बर पर दी जाए।

निजी शालाओं में गरीब बच्चों के प्रवेश का अधिकार

       शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत जिले की किसी भी निजी एवं अनुदान प्राप्त शालाओं में 25 प्रतिशत गरीब बच्चें के कक्षा  एक एवं नर्सरी में प्रवेश लेने के हकदार है। किसी शिक्षण संस्था द्वारा गरीब बच्चों को प्रवेश देने में आनाकानी की जाती है या शिथिलिता बरती जाती है तो उनके माता पिता एवं अभिभावक इस आशय की सूचना 230023 नम्बर पर दे सकते है। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी को भी क्रमांक 245630 जानकारी दी जा सकेगी। कलेक्टर ने शिक्षकों के बैकलाग पदों की पूर्ति के संदर्भ में जिला शिक्षा अधिकारी को बैकलाग पदों की पूर्ति नही होने पर नियमानुसार तत्काल भर्ती प्रक्रिया पॉच दिवस में पूर्ण करने के निर्देश दिये है। यदि कोई शिक्षक वर्तमान मे किसी कार्यालय में अनुलग्न (अटैच) है तो तत्काल अटैचमेट समाप्त कर प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें।

 

टयूबवैल, कुओं में बच्चों के गिरने की घटनाओं को प्राथमिकता से रोके कलेक्टर ने जारी किये निर्देश

टयूबवैल, कुओं में बच्चों के गिरने की घटनाओं को प्राथमिकता से रोके कलेक्टर ने जारी किये निर्देश

 

भिण्ड 11 अप्रैल 2010

कलेक्टर रघुराज राजेन्द्रन ने टयूबवैल, बौरवेल एवं कुओं में छोटे बच्चों के गिरने की जान लेवा घटनाओं को प्राथमिकता से रोकने और इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित किये गये आदेश पर प्राथमिकता से अमल करने के निर्देश प्रसारित किये है। जारी आदेश में भिण्ड जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय एवं अशासकीय अनुपयोगी कुओं बौरवेल एवं टयूबवैल में छोटे बच्चों के गिरने की घटनाओं को प्रभावी रूप से रोकने के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत भिण्ड, कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं जल संसाधन तथा परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण को प्रेषित किये गये पत्र में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्देश का पालन करने पर जोर दिया गया है।

ड्रीलिंग एजेन्सी को जानकारी रजिस्टर्ड हो

टयूबवैल में बच्चों के गिरने की घटनाओं की रोकथाम के लिए भिण्ड जिले की सभी ग्राम पंचायत, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों, एसडीएम तथा सीईओं जनपद पंचायत को देने के निर्देश दिये गये है। कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ यांत्रिकी को समस्त ड्रीलिंग एजेंन्सी की जानकारी पंजीबद्व करना अनिवार्य होगा। ड्रीलिंग एजेन्सी को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा टयूबवैल में गिरने की जानलेवा घटनाओं की रोकथाम के लिए पारित किये गये आदेश पर तत्परता से अमल करने के निर्देश दिये गये है। ग्रामीण क्षेत्र के लिए ग्राम पंचायत एवं नगरीय क्षेत्र के लिए नगरीय निकायों को रोकथाम के उपाय की जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे हैण्डम्प जो असफल रहे है खुले पडे है उसकी जानकारी ड्रिलिंग एजेन्सी से लेकर नक्शे में अंकित की जाए और उसकी जानकारी स्थानीय निकाय को 14 अप्रैल तक दी जाए। ड्रीलिंग एजेन्सी खुले पडे ऐसे असफल बोरवैल एवं टयूबवैल की सुरक्षा की सभी जिम्मेदारी पूरी करनी होगी।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेश पर प्राथमिकता से अमल हो

       कलेक्टर रघुराज राजेन्द्रन ने सर्वोच्च न्यायलय द्वारा पारित आदेश पर प्राथमिकता से करने के निर्देश दिये है कि पारित आदेश में कहा गया है कि छोटे बच्चों की घटनाओं की पुनर्रावृत्ति को रोकने के लिए कहा गया है कि किसी भी बौरवैल एवं टयूबवैल के खनन के पहले भूमि परिसर के मालिक को लिखित रूप में कलेक्टर, क्षेत्रीय एसडीएम, स्थानीय निकाय, पीएचई, एवं भूजल विभाग को 15 दिवस पूर्व खनन करने के बारे में सूचना देनी होगी। जिला स्तर पर सरकारी अर्द्वसरकारी एवं निजी खनन एजेन्सियों का पंजीयन अनिवार्य होगा। निर्माणाधीन कुओं के पास कुए एवं वौरवेल का निर्माण करते वक्त खनन एजेन्सी का पूर्ण पता, उपयोग करने वाली एजेन्सी एवं मालिक का पूर्ण पता एवं दूरभाष की जानकारी कुएें के पास सूचना पटल पर अंकित करना अनिवार्य होगी निर्माण के दौरान कुए एवं बौरवेल के चारों और कांटेदार तार की बाड या अन्य किसी उचित अवरोध का निर्माण कराया जाए। कुए के चारों और भूतल से 0.30 मीटर ऊपर सीमेंन्ट एवं क्रांकीट के प्लेट फार्म का निर्माण कराया जाए। निर्माणाधीन कुऐ को वैल्ंडिग स्टील प्लेट के द्वारा मजबूत ढक्कन के नटबोल्ट के द्वारा केसिंग पाईप से फ्क्सि किया जाए। पंम्प सुधार कार्य होने पर भी टयूबवैल खुला नही छोडे।नाला एवं नाली निर्माण कार्य होने पर गड्डे को तत्काल भरे अनुपयोगी बौरवैल को रेत, बोल्डर कंकड एवं मिट्टी से तली से लेकर भूतल  तक भरा जाए। खनन कार्य पूर्ण होने पर धरातल एवं जगह की स्थिति को कार्य प्रारंभ होने की स्थिति में लाया जाए। जिला स्तर पर जनपद एवं ग्राम वार खनिज किये गये बौरवेल एवं टयूबवैल की संख्या अनुपयोगी कुओं की संख्या खुले पाए गये अनुपयोगी बौरवैल टयूबवैल की संख्या भूतल तक ठीक प्रकार से भरे गये अनुपयोगी बौरवैल एवं टयूबवैल की संख्या तथा शेष बौरवेल एवं टयूबवैल की संख्या की स्थिति संधारित की जाए। ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत के सरपंच तथा कृषि विभाग के माध्यम से निगरानी कराई जाए। किसी बौरवैल एवं टयूबवैल के अनुपयोगी होने पर संबंधित से प्रमाण पत्र लेकर अनुपयोगी टयूबवैल एवं बौरवेल को उचित रूप से भूतल तक भरा जाए। अनुपयोगी कुओं का आकस्मिक निरीक्षण कराया जाकर ब्लॉक एवं जिला स्तर पर उनके रिकार्ड संधारित किये जाए।

 

रविवार, अप्रैल 11, 2010

डिप्टी कलेक्टर के बीच नवीन कार्य विभाजन माथुर भिण्ड एसडीएम बने

डिप्टी कलेक्टर के बीच नवीन कार्य विभाजन माथुर भिण्ड एसडीएम बने

भिण्ड 10 अप्रैल 2010

       कलेक्टर रघुराज राजेन्द्रन द्वारा शुक्रवार को जिले में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर के बीच आंशिक रूप से नवीन कार्यविभाजन के आदेश जारी किये गये है। जारी आदेशानुसार एमके माथुर एसडीएम गोहद को भिण्ड अनुविभाग का एसडीएम बनाया गया है। लहार एसडीएम एस.के. दुबे को गोहद अनुविभाग का और डिप्टी कलेक्टर रिंकेश बैश्य को लहार अनुविभाग का एसडीएम बनाया गया है।

 

उपार्जन केन्द्रों पर उत्तर प्रदेश के गेहूं की विक्री न हो, कलेक्टर ने दिए निर्देश

उपार्जन केन्द्रों पर उत्तर प्रदेश के गेहूं की विक्री न हो, कलेक्टर ने दिए निर्देश 

विक्री हेतु लाये गये गेहूं का सत्यापन करेगे पटवारी

कृषक को खसरा, ऋण पुस्तिका, खतोनी, क्रेडिट कार्ड के प्रमाणित दस्तावेज देने होगें

भिण्ड 10 अप्रैल 2010

       कलेक्टर रघुराज राजेन्द्रन ने समर्थन मूल्य केन्द्रों पर जिले के बाहर के गेहूं की विक्री प्रतिबंधित करने के लिए पूर्व मे लिए गये निर्णय का कडाई से पालन करने पर जोर दिया है। भिण्ड जिले के  उपार्जन केन्द्रों पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से जिले में स्थापित उपार्जन केन्द्रों पर लाये जाने वाले गेहूं की विक्री प्रतिबंधित करने के लिए जिले के सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को प्रसारित निर्देश में पटवारियों से लाये गये गेहूं का सत्यापन कराने के निर्देश दिये गये है।

कलेक्टर ने निर्देश दिये  है कि उपार्जन केन्द्रों पर जो कृषक विक्री के लिए गेहूं ला रहे है उनसे खसरा, खतोनी, ऋण एवं भू अधिकार पुस्तिका तथा क्रेडिट कार्ड के स्वप्रमाणित दस्तावेज की छायाप्रतियाँ ली जाए।  इसके अलावा कृषक से  उसकी पहचान सिद्व करने के लिए जिले एवं प्रदेश का निवासी होने से संबंधित दस्तावेज भी लिए जाकर  दस्तावेज की जांच की जाऐ। इसके अलावा पटवारियों से कृषक के खेत में सरसों या गेहूं की फसल की बुवाई की गई थी का सत्यापन भी कराया जाऐ। ऐसे कृषक जो उपार्जन केन्द्रों पर गेहूं लेकर विक्री के लिए आए है उन्हें स्वयं के द्वारा अभिप्रमाणित एवं सत्यापित लिखित दस्तावेज देना अनिवार्य होगा।

सिद्व होने पर गेहूं एवं लोडिंग साधन राजसात होगे

       कलेक्टर रघुराज राजेन्द्रन ने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है कि उपार्जन केन्द्रों पर लाया गया गेहूं उत्तरप्रदेश के जिलों से लाया गया है तो ऐसे गेहूं को मय ट्रेक्टर ट्राली ट्रक एवं अन्य लोडिंग साधन के साथ राजसात करें। सत्यापन में यदि जिले के बाहरी कृषकों द्वारा गेहूं की विक्री करने की स्थिति पाई जाती है तो संबंधित व्यक्ति को जेल भेजा जाकर उसके गेहूं को राजसात भी कराया जाएगा तथा और टेक्टर ट्राली एवं लोडिंग अन्य वाहनों को भी राजसात किया जाएगा।     

वाहरी प्रान्त के लाए गये गेहूं की सूचना दे

       कलेक्टर रघुराज राजेन्द्रन ने उपार्जन केन्द्रों पर उत्तर प्रदेश से लाये जाने वाले गेहूं की रोकथाम के लिए जिले के आम नागरिकों का आव्हान करते हुये कहा कि बाहरी प्रान्त से विक्री के लिए लाये गये गेहूं की जानकारी टोल फ्री नम्बर 07534-230023 या 230032 नम्बर पर जिससे जिले के कृषकों को मिलने वाले लाभ को अनाधिकृत रूप से अन्य जिले के लोग नही ले पाए और ऐसे असामाजिक तत्वों पर जिला प्रशासन द्वारा वैधानिक कार्यवाही की जा सके। 

 

कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम हेतु गोहद ब्लॉक में जनजाग्रति अभियान शुरू

कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम हेतु गोहद ब्लॉक में जनजाग्रति अभियान शुरू

चिन्हित ग्रामों में डीएफपी की विशेष प्रचार इकाई द्वारा गतिविधियॉ जारी

भिण्ड 10 अप्रैल 2010

       क्षेत्रीय प्रचार निर्देशालय भारत सरकार म.प्र. द्वारा भिण्ड जिले के गोहद विकास खण्ड के चिन्हित ग्रामों में 12 दिवसीय विशेष प्रचार अभियान 8 अप्रैल से शुरू किया गया है जो 20 अप्रैल तक जारी रहेगा। इस अभियान में जिला प्रशासन भिण्ड के साथ मिलकर कन्या भ्रूण हत्या, समग्र स्चछता अभियान, एकीकृत बाल विकास कार्यक्रम, जल संवर्धन एवं सरक्षण के लिए संचालित गतिविधियों से लोगों को जागरूक बनाया जा रहा है। चिन्हित 24 ग्रामों में प्रचार प्रसार के जरिए ग्रामीण जनों को क्षेत्रीय प्रचार निदेशालय म.प्र. ग्वालियर एवं मदसोर की इकाईयों द्वारा ग्रामों में जनजाग्रति अभियान के जरिए जागरूक बनाया जा रहा है। क्षेत्रीय प्रचार निदेशालय द्वारा ग्राम एण्डोरी, ऐनो, बनीपुरा, हबीपुरा, सर्वा, तुकेडा, सिरसौंदा, टुडीला, रायपुरा, फतेहपुर, अतरसोहा, इटाइली, मौ, खितौली, शेरपुर, चंदहरा, लहचूरा, खडेर, इकहरा, बाराहेट, राय की पाली, नेनोली, देहगांव, गढरौली, छरेटा, ऐना, चितौरा और झांकरी ग्रामों में कन्या भ्रूण हत्या, समग्र स्वच्छता अभियान, जननी सुरक्षा योजना, एकीकृत बाल विकास योजना, मध्यान्ह भोजन योजना और सर्वशिक्षा अभियान की जानकारियाँ दी जाकर लोगों में जागृति लाई जा जाएगी।

       इस अभियान में जिला प्रशासन भिण्ड के समग्र स्चच्छता अभियान, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा विभागीय कार्यक्रमों एव विभागीय गतिविधियों की जानकारियॉ ग्रामीणों को दी जा रही है। अभियान में क्षेत्रीय प्रचार निदेशालय भोपाल द्वारा फिल्म शो, प्रश्नमंच, सामूहिक चर्चा, पोस्टर प्रदर्शनी आदि के माध्यम से लोगों को जानकारियॉ दी जा रही है।

 

शनिवार, अप्रैल 10, 2010

राज्य महिला आयोग का तीन दिवसीय भ्रमण 11 से

राज्य महिला आयोग का तीन दिवसीय भ्रमण 11 से

भिण्ड 9 अप्रैल 2010

       म.प्र. राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कृष्णकांता तोमर का तीन दिवसीय भ्रमण 11 से शुरू होगा। निर्धारित कार्यक्रम अनुसार श्रीमती तोमर 11 अप्रैल को  गोहद में गायत्री महासभा आयोजित द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित रहेगी। वे 12 एवं 13 अप्रैल को भिण्ड में प्रात:11 बजे से आयोजित स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेगी।

 

जलाभिषेक अभियान की गतिविधियों की प्रगति संक्षेपिका वांक्षित

जलाभिषेक अभियान की गतिविधियों की प्रगति संक्षेपिका वांक्षित

भिण्ड 9 अप्रैल 2010

       जलाभिषेक अभियान में वातावरण निर्माण के साथ साथ सामाजिक जुडाव की विभिन्न विभागीय गतिविधियों की जिले से संबंधित अधतन प्रगति संक्षेपिका जिला पंचायत भिण्ड के कार्यालय में भेजने के निर्देश दिये गये है। अपर कलेक्टर एवं प्रभारी सीईओ जिला पंचायत छोटे सिंह ने वनमण्डलाधिकारी उप संचालक कृषि, जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण, कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा आई.डब्ल्यू.डी.पी.योजना के परियोजना अधिकारियों को प्रेषित पत्र में चिन्हित किये गये भागीरथ कृषकों उनके द्वारा निजी खेत में स्वयं के संसाधन से जल संरक्षण के संदर्भ में कार्यान्वित की गई गतिविधियाँ, शासकीय योजना अन्तर्गत जन सहभागिता के आधार पर जल संरक्षण के सन्दर्भ में होने वाले नवीन कार्य, जिले में पूर्व से उपलब्ध जल संग्रहण सरंचनाओं की मरम्मत, नवीनीकरण चयनित की गई ग्राम वार सूची जल संरक्षण के लिए नवनियुक्त पंचायत प्रतिनिधियों को दिये गये प्रशिक्षण, जारी जलाभिषेक सम्मेलन एवं यात्राओं के लिए तैयार की गई विभागीय रूप रेखा तथा इनमें से सूखी नदियों एवं जल स्रोतों पर कितनी जल यात्राएं केन्द्रित रहेगी की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये है।

 

भिण्ड जिले में ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई हेतु हलधर योजना शुरू पात्र कृषकों को मिलेगा 50प्रतिशत अनुदान

भिण्ड जिले में ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई हेतु हलधर योजना शुरू पात्र कृषकों को मिलेगा 50प्रतिशत अनुदान

हलधर योजना में 1650 हेक्टेयर जुताई का लक्ष्य

भिण्ड 9 अप्रैल 2010

        छोटे एवं कमजोर कृषकों की उत्पादकता बढाने एवं जल संग्रहण के मद्देनजर कृषि विभाग भिण्ड द्वारा ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई के लिए हलधर योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना के लिये अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति तथा सामान्य वर्ग के लघु एवं सीमांत कृषक पात्र होगें। पात्र कृषकों को गहरी जुताई का 50 प्रतिशत या अधिकतम रूपया 1000 प्रति हैक्टर जो भी कम हो अनुदान के रूप में देय होगा। अनुदान की अधिकतम सीमा एक हैक्टर प्रति कृषक होगी।

       उक्त जानकारी उप संचालक कृषि मनोज कश्यप ने देते हुये योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु कृषकों से अपना आवेदन प्रपत्र-1 में भरकर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को प्रस्तुत करने की सलाह दी है। इस योजना का लाभ कृषकों को पहले आओं पहले पाओं के आधार पर दिया जायेगा। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी प्राप्त आवेदनों का अनुमोदन ग्राम पंचायत के माध्यम से कराकर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी को प्रेषित करेगें। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी आवेदनों का अनुमोदन जनपद पंचायत से कराकर उप संचालक कृषि को प्रेषित करेगें। उप संचालक कृषि जिला पंचायत की कृषि स्थायी समिति से हितग्राहियों की सूची का अनुमोदन करायेगें।

       गहरी जुताई का कार्य कृषक अपनी इच्छा अनुसार मोल्ड बोर्ड एमबी प्लाऊ डिस्क प्लाऊ, विर्सिबल प्लाऊ, द्वारा कराये 6 इंच से से अधिक जुताई के गहरी होनी चाहिए अन्य यंत्रों द्वारा की गई जुताई मान्य नही होगी। शासन द्वारा भिण्ड जिले के लिए 1650 हैक्टर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सभी 6 विकास खण्डों को 275-275 हैक्टर में लक्ष्य को विभाजित कर दिया गया है।

 

अनुदान प्राप्त एवं निजि शाला में कमजोर वर्ग के बच्चों को मिलेगी मुफ्त शिक्षा

अनुदान प्राप्त एवं निजि शाला में कमजोर वर्ग के बच्चों को मिलेगी मुफ्त शिक्षा

शिक्षा के अधिकार अधिनियम में हुई व्यवस्था

भिण्ड 9 अप्रैल 2010

       कलेक्टर रघुराज राजेन्द्रन ने बताया कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम में कमजोर वर्ग के बच्चों को अनुदान प्राप्त तथा निजि शालाओं में नि:शुल्क शिक्षा प्रदान करने की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। अनुदान प्राप्त शालाओं में शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 12 एक बी के अनुसार अनुदान प्राप्त शालाओं को प्राप्त होने वाले अनुदान के प्रतिशत के अनुपात में जो किसी भी स्थिति में न्यूनतम 25 प्रतिशत से कम नही होगा। बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान कराना आवश्यक होगा। 

       इसी तरह निजी शालाओं में शिक्षा का अधिकार अधिनिमय की धारा 12 एक सी के अनुसार प्रत्येक निजी विद्यालय को 25 प्रतिशत  वंचित वर्ग के एवं आर्थिक स्थित कमजोर वर्ग के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देना अनिवार्य होगा। यह प्रवेश कक्षा एक में देना होगा। ऐसी शाला जहां स्कूल एजूकेशन है वहां यह एडमिशन नर्सरी कक्षा में देना अनिवार्य होगा।

वंचित एवं कमजोर परिवारों का निर्धारण

       अनुदान प्राप्त एवं निजि शालाओं में वंचित एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का निर्धारण शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 2 डी और 2 सी के अनुसार होगा। सबसें पहले अनुसूचित जन जाति वर्ग (एसटी)के बच्चों को अनुसूचित जाति तत्पश्चात ओबीसी वर्ग के बीपीएल परिवार को तथा चतुर्थ क्रम में अन्य बीपीएल परिवार को प्राथमिकता मिलेगी।

8 किमी दायरे के होगें बच्चें पात्र

       अनुदान प्राप्त निजी शाला के 8 किमी तक के परिधि में उक्त वर्ग के बच्चें शाला में दर्ज किये जाने हेतु प्रथमत: पात्र माने जाएगे। यदि उपरोक्त वर्णित क्षेत्र में कमजोर वर्ग के प्राथमिकता क्रम में 25प्रतिशत से अधिक बच्चें आते है तो प्रवेश दिये जाने वाले बच्चों का चयन वरीयता क्रम से प्रारंभ कर अंतिम वरीयता तक लाटरी के आधार पर होगा। जरूरत होने पर लाटरी निकालने की कार्यवाही 25 अप्रैल को की जाएगी। लाटरी निकालने एवं एक्ट के अनुसार वंचित वर्ग के बच्चों के भौतिक सत्यापन की कार्यवाही अनुदान प्राप्त एवं निजि संस्थाओं के सबसे नजदीक संकुल केन्द्र प्रभारी एंव प्राचार्य द्वारा खण्ड शिक्षा अधिकारी के निर्देशन में की जाएगी। खण्ड शिक्षा अधिकारी भिण्ड, अटेर, गोहद, मेहगांव, रौन एवं लहार को निर्देशित किया गया है कि वे संकुल केन्द्रों के माध्यम से उक्त निर्देशों के पालन कराए तथा 20 तारीख को अपने क्षेत्र की समस्त शालावार दर्ज वंचित एवं कमजोर बच्चों की सूची डीईओ कार्यालय में प्रस्तुत करें।

 

शुक्रवार, अप्रैल 09, 2010

पंचायतों के रिक्त पदों के उप चुनाव मई-जून में निर्वाचन आयोग ने लिया निर्णय

पंचायतों के रिक्त पदों के उप चुनाव मई-जून में निर्वाचन आयोग ने लिया निर्णय

मतदाता सूची तैयार करने कार्यक्रम घोषित

भिण्ड 8 अप्रैल 2010

       मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 31 मार्च 2010 की स्थिति में त्रिस्तरीय पंचायतों के रिक्त रहे स्थानों के लिए मई-जून माह में उप चुनाव कराने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा ऐसी ग्राम पंचायतों में भी आम निर्वाचन प्रक्रिया सम्पन्न होगी जो नवगठित है या जिनका निर्वाचन वर्ष 2005 पूर्वाद्व में कराया गया था और जिनका 5 वर्ष कार्यकाल माह मई-जून 2010 में समाप्त हो रहा है वहॉ भी चुनाव होगें।

       म.प्र. पंचायत निर्वाचन नियम 1995 के नियम 14 के अनुसार किसी पंचायत में रिक्त स्थानों को भरने के लिए उप निर्वाचन के पूर्व मतदाता सूची उस वर्ष के जनवरी माह के प्रथम दिवस के आधार पर पुनरीक्षित की जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची तैयार करने का कार्यक्रम घोषित किया गया है। जिसके अनुसार 12 अप्रैल को प्रारंभिक मतदाता सूची तैयार होगी। मतदाता सूची का मुद्रण 21 अप्रैल को होगा।  अप्रैल 22 को प्रारंभिक मतदाता सूची के प्रकाशन की कार्यवाही होगी तथा आम लोगों के निरीक्षण के लिए प्रारंभिक मतदाता सूची उपलब्ध कराई जाएगी। अप्रैल 26 को प्रांरभिक मतदाता सूची के प्रकाशन के संबंध में दावे एवं आपत्तियाँ आमंत्रित करने की सूचना जारी होगी। इसी दिन से दावे एवं आपत्ति प्राप्त करने की कार्यवाही शुरू होगी। मई 3 प्रांरभिक मतदाता सूची के संबंध में दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तारीख तय की गई है। दावे एवं आपत्तियों का निपटारा 7 मई को किया जाएगा। ग्राम पंचायत वार 11 मई को अनुपूरक सूची तैयार होगी। मई 14 को अनुपूरक सूची के कंकण एवं मुद्रण के साथ साथ अनुपूरक सूची मूल सूची के साथ जोडे जाने की कार्यवाही होगी। उप जिला निर्वाचन अधिकारी (जिला रजिस्ट्रीकरण) अधिकारी को 18 मई को मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। इसीदिन से अंतिम मतदाता सूची विक्रय के लिए उपलब्ध रहेगी।

 

शस्त्र पर लगे प्रतिबंध की जानकारी मुनादी कराकर दे कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को दिए निर्देश

शस्त्र पर लगे  प्रतिबंध की जानकारी मुनादी कराकर दे कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को दिए निर्देश

भिण्ड 8 अप्रैल 2010

       कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी भिण्ड रघुराज राजेन्द्रन ने भिण्ड जिले के सार्वजनिक स्थानों के आवागमन वाले क्षेत्रों में शस्त्र लेकर घूमने पर लगाए गये प्रतिबंध की जानकारी ग्रामों में कोटवार के जरिए मुनादी कराकर प्रसारित कराने के निर्देश दिए है। इस संबंध में जिले के अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे उनके प्रभार क्षेत्रों के समस्त ग्रामों में कोटवार के जरिए मुनादी कराकर आर्म्स अधिनियम 1962 के तहत सार्वजनिक स्थलों पर शस्त्र लेकर घूमने पर लगाए गये प्रतिबंध की जानकारी आम लोगों को दिलाए। इस संबंध में पंचायत सचिवों के जरिए भी ग्राम पंचायतों में आर्म्स शस्त्र पर लगाए गये प्रतिबंध की जानकारी प्रसारित करने पर जोर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि जिला दण्डाधिकारी द्वारा जिन सार्वजनिक स्थानों पर जहां आम लोगों का आवागमन बना रहता है। वंहां पर शस्त्र ले जाने के लिए केवल शासकीय आर्म्स शस्त्रों को अधिकृत किया गया है। इसके अलावा कोई भी ऐसा व्यक्ति जिसे कलेक्टर कार्यालय से अधिकृत नही किया गया है ऐसे व्यक्ति को सार्वजनिक स्थलों पर शस्त्र लेकर घूमने की पात्रता नही होगी। ऐसे व्यक्तियों को आर्म्स शस्त्र अधिनियम 1962 के उल्लघंन का दोषी माना जाकर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। यदि किसी विशेष प्रयोजन से किसी व्यक्ति को शस्त्र लेकर जाना जरूरी है तो ऐसे व्यक्ति अपने शस्त्र को कपडे में लपेटकर लेकर जा सकेगें परंतु उनका सार्वजनिक प्रदर्शन नही कर सकेगें। कोई भी व्यक्ति जिसके पास सरकारी शस्त्र नही है और जो प्रतिबंधात्मक क्षेत्र में शस्त्र प्रदर्शन करते हुये पाया जाएगा ऐसे व्यक्तियों पर आर्म्स शस्त्र अधिनियम 1962 के तहत कार्यवाही होगी। आयुध 1962 की कण्डिका के अनुसार अनुज्ञप्ति धारी या इस अनुज्ञप्ति के अधीन कार्य करने वाला कोई प्रतिधारक किन्ही ऐसे आयुधों को जो अनुज्ञप्ति के अन्तर्गत आते है जिला मजिस्ट्रेट द्वारा इस निमित विशेष रूप से प्राधिकृत किया गया है वहां के सिवाए ऐसे किन्ही आयुधों को किसी मेले, धार्मिक जुलूस या अन्य सार्वजनिक मजमे या शैक्षणिक संस्था की प्रासीमाओं के भीतर नही ले जा सकेगा।