शनिवार, अप्रैल 24, 2010

आलेख- साधू-संतों के 'कारनामों' से शर्मसार हुआ महाकुंभ 2010 - निर्मल रानी

आलेख- साधू-संतों के 'कारनामों' से शर्मसार हुआ महाकुंभ 2010

निर्मल रानी

163011, महावीर नगर अम्बाला शहर,हरियाणा। फोन-0171- 2535628   

email:  nirmalrani@gmail.com

 

       हिंदू धर्म की मान्याताओं के अनुसार सहस्त्राब्दियों पूर्व देवताओं तथा असुरों के मध्य हुए सागर मंथन के परिणामस्वरूप अमृत की कुछ बूंदे जिन चार प्रमुख स्थलों पा ज गिरी थीं उनमें प्रयागराज(इलाहाबाद  )हरिद्वार, उौन तथा नासिक स्थान शामिल थे। इसी अवसर की स्मृति में प्रत्येक 12 वर्ष पर उक्त चारों तीर्थ स्थलों पर बारी-बारी से महाकुंभ का आयोजन किया जाता है। जबकि प्रत्येक तीन वर्ष पर क्रमबध्द रूप में इन्हीं स्थानों पर कुंभ मेला भी आयोजित होता है। वैसे तो कुंभ का आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर श्रध्दालुओं को आकर्षित करता है। परंतु महाकुंभ एक ऐसा आयोजन है जो केवल भारत वर्ष के हिंदु समाज को ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के सभी धर्मों और समुदायों के लोगों को तथा अंतर्राष्ट्रीय मीडिया को भी अपनी ओर खींचता है। नि:संदेह महाकुंभ में शिरकत करने वाली साधु-संतों की विशाल भीड़ तथा उनके  दर्शन को आए श्रध्दालुओं का असीमित हुजूम कुंभ के अतिरिक्त पूरी दुनिया में कहीं और देखने को नहीं मिलता। कहा जा सकता है कि धर्म,श्रध्दा,आस्था  तथा विश्वास का इतना बड़ा प्रदर्शन तथा आयोजन विश्व में अन्यत्र कहीं भी नहीं होता। इस वर्ष 2010 में हरिद्वार में आयोजित हुआ महाकुंभ भी श्रध्दा और विश्वास का एक ऐसा ही समागम था जो पिछले दिनों लगभग 4 महीने निरंतर चलने के बाद सम्पन्न हुआ।

            नि:संदेह धर्म नगरी हरिद्वार इस आयोजन के दौरान पूरी तरह धार्मिक आस्था एवं विश्वास में डूबी नार आई। हालांकि श्रध्दालुओं की संख्या का कोई सही अंदााा नहीं हैे फिर भी एक अनुमान के अनुसार मेले के दौरान लगभग 5 करोड़ लोगों ने इस पावन अवसर पर पवित्र गंगा नदी में श्रध्दा की डुबकियां लगाई तथा देश-विदेश से आए अनेक वरिष्ठ एव विशिष्ठ,त्यागी एवं महात्यागी तथा सिध्द एवं महासिध्द साधु-संतों के दर्शन किए। परंतु बड़े दुख की बात यह है कि इस वर्ष के महाकुंभ को अपने आयोजन के दौरान देश के कई कोनाें से 'साधु संतों' के संबंध में जो नकारात्मक समाचार प्राप्त हुए वह यंकीनन न केवल धर्म तथा मानवता को शर्मसार करने वाले थे बल्कि इन समाचारों ने उस पावन महाकुंभ को भी कलंकित व शर्मसार कर दिया जिसका भक्तगण 12 वर्षों तक बेसब्री से इंताार करते हें।

            अभी मेला शुरु भी नहीं हुआ था कि दिल्ली में शिवमूर्ति द्विवेदी उंर्फ संत स्वामी भीमानंद उंर्फ इच्छाधारी संत के नाम से एक ऐसा तथाकथित ढोंगी बाबा बेनंकाब हुआ जिसने लोगों के कान ही खड़े कर दिए। बताया जा रहा है कि अभी तक पुलिस की गिरंफ्त में रहने वाला उक्त इच्छाधारी बाबा देश ही नहीं बल्कि दुनिया का सबसे बडा सेक्स रैके ट संचालित करता था। अपनी इसी गंदी व काली कमाई के  पैसों से वह कहीं मंदिर बनवाता तो कहीं अस्पताल बनाने की कोशिश करता तो कहीं ब्याज पर इन्हीं पैसों को चलाया करता था। बताया जा रहा है कि इसके नेटवर्क में सैकड़ों लड़कियां शामिल थीं जो इसके सेक्स रैकेट में इसकी सहयोगी थीं। कुछ लड़कियों का अपहरण किए जाने का भी इसपर आरोप है। अभी इच्छाधारी संत से जुड़ी  ख़बरें सुंखर्ियों में ही चल रही थीं कि इसी बीच दक्षिण भारत के प्रसिध्द शहर बैंगलोर में अपना एक आश्रम चलाने वाले युवा 'संत' नित्यानंद के चरित्र पर से भी पर्दा हट गया। स्वयं को भगवान का अवतार बताने वाला तथा सिध्द पुरुष बताने वाला यह तथाकथित संत भी सेक्स स्कैंडल में जा फंसा। दक्षिण भारत के कुछ टी वी चैनल्स द्वारा नित्यानंद की वह ंफिल्में प्रसारित कर दी गर्इं जो उसकी रति लीला के दौरान गुप्त रूप से बनाई गई थी। इस दुराचारी तथा कथित संत को गुजरात के 'दूरदर्शी' मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने तो भावी शंकराचार्य तथा शंकराचार्य की परंपरा का संत होने तक का प्रमाण पत्र जारी कर दिया था। परंतु दक्षिण भारत की एक अभिनेत्री तथा नित्यानंद की कुछ अन्य महिला मित्रों के साथ मनाई जा रही रासलीला की वीडियो ने उस ढोंगी संत की वास्तविकता उजागर कर दी। लगभग एक माह से भी अधिक समय तक पुलिस से लुक्का छिप्पी करने के बाद उसे आख़िरकार हिमाचल प्रदेश के सोलन ािले से एक गुप्त ठिकाने पर छिपे हुए गिरंफ्तार कर लिया गया। उधर जो श्रध्दालु इस पाखंडी व दुराचारी संत को आस्था स्वरूप अपना गुरु अथवा आदर्श पुरुष मानते थे उन्हीं लोगों के द्वारा उसके  बैंगलोर स्थिम आश्रम को तहस-नहस कर दिया गया। गोया महाकुंभ पर लगने वाले काले धब्बे का एक और भागीदार बना तथाकथित व्याभिचारी संत नित्यानंद।

            इसी महाकुंभ के दौरान एक और दिल दहला देने वाली घटना प्रसिध्द 'संत' कृपालू जी महाराज के प्रतापगढ़ स्थित आश्रम में घटित हुई। कृपालू जी महाराज की धर्मपत्नी की बरसी के अवसर पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। बताया जाता है कि इस भंडारे हेतु यह मनादी की गई थी कि इस अवसर पर भोजन के अतिरिक्त बर्तन तथा पैसा भी वितरित किया जाएगा। ंगरीब तबक़े के लोग लालचवश बड़ी संख्या में उनके आश्रम में जा पहुंचे। अपेक्षा से कहीं अधिक आई भीड़ को नियंत्रित करने हेतु आश्रम कर्मियों के पास कोई उपयुक्त व्यवस्था नहीं थी। परिणामस्वरूप वहां भगदड़ मच गई। इसी भगदड़ में 63 लोग अपनी जानों से हाथ धो बैठे जबकि लगभग 250 लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद कृपालू जी पर भी उंगलियां उठनी शुरु हुई। दुर्भाग्यवश चूंकि यह हादसा भी महाकुंभ मेले के दौरान ही हुआ इसलिए उसकी काली छाया ने भी निश्चित रूप से महाकुंभ को दांगदार किया। प्रत्येक कुंभ एवं महाकुंभ जैसे अवसरों पर अपने प्रवचनों व सद्वचनों से भक्तजनों को सराबोर करने वाले संत आसाराम बापू भी कांफी लंबे समय से संदेह के घेरे में चल रहे हैं। ामीनों पर अवैध ंकबा,आश्रम में काला जादू करना तथा उन्हीं के आश्रम में रहने वाले कई बच्चों की संदिग्ध अवस्था में होने वाली मृत्यु तथा अब उन्हीं के आश्रम से मानव शरीर के अस्थिपिंजर मिलने के समाचार ने बापू आसाराम जैसी सम्मानित समझी जाने वाली 'संत' रूपी एक महान हस्ती को भी संदिग्ध कर दिया है। इस महाकुंभ के दौरान बापू आसाराम को भी भक्तजनों ने एक शुध्द एवं सिध्द संत के बजाए संदेहपूर्ण संत के रूप में देखा व सुना। निश्चित रूप से यह भी महाकुंभ के लिए एक गहरा आघात तथा श्रध्दालुओं के लिए एक बड़ा झटका था। इसके अतिरिक्त भी धर्मनगरी हरिद्वार से इस बार कई ऐसे समाचार मिले जो धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ तथा भक्तजनों व श्रध्दालुओं के लिए धोखा साबित हो रहे थे। एक समाचार के अनुसार हरिद्वार में एक तथाकथित संत मेले से पूर्व विदेश यात्रा पर गया था। वहां से जब वह वापस लौटा तो अपने साथ एड्स जैसी बीमारी भी साथ लाया। यह बीमारी स्वयं उस तथाकथित संत के चरित्र का चित्रण करती है। इसी प्रकार एक समाचार के अनुसार एक एक वृध्द व बीमार व्यक्ति को मरणोंपरांत तपती धूप में आश्रम से बाहर उठाकर फेंक दिया गया। बताया जाता है कि मृतक व्यक्ति गत् दो दशकों से इसी आश्रम का भक्त तथ सेवादार था। आश्रम के विभिन्न आयोजनों में आश्रम संचालकों की मांग पर समय-समय पर वह हाारों रुपये भी दानस्वरूप देता रहता था। यही भक्त मेले के दौरान इसी आश्रम में चल बसा। मृतक की पत्नी ने आश्रम संचालकों से विनती की कि उसके परिजनों के यहां आने तक शव को आश्रम में ही रहने दें। परंतु उसके निवेदन को ठुकराते हुए वृध्द की लाश आश्रम संचालकों द्वारा सड़क पर फेंक दी गई। इस शव का बाद में आश्रम के समीप रहने वाले स्थानीय लोगों व राहगीरों ने अंतिम संस्कार किया तथा संस्कार से पूर्व उसके लिए तंबू तथा बर्फ़ का समुचित प्रबंध किया। आश्रम संचालकों द्वारा किया गया इस प्रकार का अधर्म भी महाकुंभ जैसे आस्थापूर्ण महापर्व पर कलंक ही माना जाएगा।

            और रही सही कसर 14अपैल को आयोजित हुए चौथे व अंतिम शाही स्नान के दौरान उस समय पूरी हो गई जबकि शाही स्नान के लिए जा रहे साधु-संतों के क़ाफ़िले में शामिल गाड़ी के नीचे आ जाने से तथा इस घटना के बाद मची भगदड़ के परिणामस्वरूप सात श्रध्दालु मारे गए। यह कैसी विडंबना है कि जिन साधु-संतों के दर्शन मात्र करने हेतु देश के कोने-कोने से बच्चे-बड़े, बूढ़े तथा औरतें ऐसे आयोजनों में पूरी भक्ति व श्रध्दा के साथ शिरकत करते हैं तथा तपती धूप व रेत में दिनभर खड़े होकर शाही स्नान में शिरकत करने जा रहे इन 'वैभवशाली' बाबाओं की एक झलक पाने को बेताब रहते हैं, उन्हीं संतों को गाड़ी श्रध्दालुओं की छाती पर चढ़कर आगे बढ़ेगी यह तो किसी भक्त ने सोचा भी नहीं होगा। अंतत: इस घटना के बाद श्रध्दालुओं का रोष फूट पड़ा तथा वहां मेले के अंतिम स्नान के अवसर पर अंफरा-तंफरी फैल गई। परिणामस्वरूप भगदड़ में 7 श्रध्दालू मारे गए।

            हां सुरक्षा तथा किसी प्रकार की आतंकी घटना को रोक पाने में अवश्य मेला प्रशासन सफल रहा। सुरक्षा एवं यातायात के जो उच्चस्तरीय प्रबंध किए गए थे, उनके परिणामस्वरूप मेला कुल मिलाकर प्रशासनिक दृष्टिकोण से शांतिपूर्ण रहा। इसे सुव्यवस्थित रखने का श्रेय निश्चित रूप से उत्तराखंड सरकार लेना चाहेगी। सुरक्षा व्यवस्था के तमाम दावों के बावजूद सैकड़ों श्रध्दालू ऐसे भी मिले जिन्होंने मेले के दौरान कई बार हरिद्वार की यात्रा विभिन्न वाहनों से की परंतु उनकी कहीं भी किसी भी सुरक्षा एजेंसी द्वारा कोई तलाशी नहीं ली गई। बहरहाल प्रशासन की चौकसी व श्रध्दालुओं व भक्तजनों के सहयोग व सहनशक्ति ने तो अवश्य इस महाकुंभ 2010 को सफलता की मंािल तक पहुंचा दिया। परंतु इस मेले से पूर्व तथा मेले के दौरान तथाकथित साधु-संतों के जो कारनामे उजागर हुए, उससे निश्चित रूप से महाकुंभ 2010 बेहद शर्मसार हुआ तथा भक्तजनों की आस्था व श्रध्दा बुरी तरह आहत हुई।                                                       निर्मल रानी

 

 

 

 

        

 

 

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में 6 बैवाहिक सम्मेलनों का आयोजन

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में 6 बैवाहिक सम्मेलनों का आयोजन

साढे 6 हजार की गृहस्थी की सामग्री मिलेगी

भिण्ड 23 अप्रैल 2010

       मुख्यमंत्री कन्यादान योजना अन्तर्गत भिण्ड जिले में गरीब एवं निराश्रित परिवार की वयस्क कन्याओं के विवाह के लिए मई से जुलाई मासांत में 6 बैवाहिक सम्मेलन आयोजित किये जाएगे उप संचालक सामाजिक न्याय पंचायत द्वारा बताया गया कि मई माह में 16 एवं 28 को जून में 11 एवं 20 को तथा जुलाई माह में 3 एवं 16 जुलाई को सामूहिक बैवाहिक सम्मेलन आयोजित किये गये है। इन सम्मेलनो में प्रत्येक शादी करने वाली कन्याओं को साढे 6 हजार रूपये की घर गृहस्थी की सामग्री दी जाएगी। इसके अलावा बैवाहिक आयोजन पर खर्च के लिए एक हजार रूपया दिया जाएगा। जिले के सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिकारियों को निर्धारित किये गये विवाहिक सम्मेलनों में वयस्क कन्याओं के शादी की जानकारी 15 दिवस पूर्व उपलब्ध कराने की सलाह दी गई है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में कम से कम 5 निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह हो सकेगा।  इच्छुक व्यक्ति ग्रामीण क्षेत्र में जनपद पंचायत और नगरीय क्षेत्र में नगर पालिका अधिकारी को अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकेगें।

 

प्रतापपुरा एवं ऊमरी में गरीब सम्मेलन आज

प्रतापपुरा एवं ऊमरी में गरीब सम्मेलन आज

भिण्ड 23 अप्रैल 2010

       कलेक्टर भिण्ड की पहल पर आओं बनाए अपना मध्यप्रदेश अभियान के तहत विकास खण्ड अटेर की ग्राम पंचायत प्रतापपुरा एवं विकास खण्ड भिण्ड की ग्राम पंचायत ऊमरी में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के हितग्राही परिवारों का गरीब सम्मेलन 24 अप्रैल को आयोजित किया गया है। सम्मेलन के जरिए उपस्थित परिवारों के सदस्यों से मनरेगा योजना में जारी श्रमिक मूलक कार्यो में कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके अलावा अजा एवं अजजा परिवारों को उनके खेत की मेढों पर मेढ बंधान कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

 

जनपद स्तरीय परख कार्यक्रम भिण्ड की समीक्षा 26 को करेगें कलेक्टर

जनपद स्तरीय परख कार्यक्रम भिण्ड की  समीक्षा 26 को करेगें कलेक्टर

भिण्ड 23 अप्रैल 2010

       कलेक्टर भिण्ड द्वारा परख कार्यक्रम की जनपद स्तरीय समीक्षा के क्रम में 26 अप्रैल को जनपद पंचायत कार्यालय भिण्ड के सभाकक्ष में समीक्षा की जाएगी। प्रात:11 बजे से आयोजित समीक्षा में जनपद पंचायत कार्यालय के समस्त संबंधित कार्यालय प्रमुख एवं नोडल अधिकारी तथा अनुविभागीय राजस्व अधिकारी उपस्थित रहेगें। सभी संबंधित नोडल अधिकारियों से प्रपत्र एक एवं दो साथ लेकर उपस्थित होने के निर्देश दिये गये है।

 

मेडीकल इक्यूपमेंट बैंक का शुभारंभ आज, नाम मात्र शुल्क पर मिलेगें उपकरण

मेडीकल इक्यूपमेंट बैंक का शुभारंभ आज, नाम मात्र शुल्क पर मिलेगें उपकरण

भिण्ड 23 अप्रैल 2010

       भारतीय रेडक्रास सोसायटी शाखा भिण्ड और श्रीशांताकमल भण्डारी चेरीटेवल इन्दौर के तत्वाधान में जिला चिकित्सालय भिण्ड के न्यू ओपीडी सेमिनार कक्ष में 24 अप्रैल को शाम 4.30 बजे महावीर मेडीकल इक्यूपमेंट बैंक का शुभारंभ होगा। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति माननीय श्री अखिलेश श्रीवास्तव म.प्र. उच्च न्यायालय प्रशासनिक न्यायाधिपति खण्ड पीठ ग्वालियर होगें। जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता न्यायमूर्ति माननीय श्री ईश्वरसहाय श्रीवास्तव म.प्र.उच्च न्यायालय खण्ड पीठ इन्दौर करेगें।   

       मेडीकल इक्यूपमेंट बैंक की स्थापना होने से जरूरत मंद रोगियों को घर पर इलाज के दौरान लगने वाले आवश्यक उपकरण जिसमें मेडीकल बैंड, व्हील चैयर, आक्सीजन सिलेण्डर, बाटर वेग, ट्रेक्सन सामग्री, सक्शन मशीन, नेबोलायजर, बेशाखी, वाकर एवं अन्य उपकरण नाम मात्र के शुल्क पर लोटाये जाने की शर्त पर उपलब्ध कराये जाएगें।

 

शुक्रवार, अप्रैल 23, 2010

स्वतंत्रता संग्राम सैनिक की चिकित्सा सहायता अनुदान में संशोधन

स्वतंत्रता संग्राम सैनिक की चिकित्सा सहायता अनुदान में संशोधन

50 हजार रूपये तक स्वीकृत हो सकेगी अनुदान राशि

भिण्ड 22 अप्रैल 2010

       राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के स्वतंत्रता संग्राम सैनिक की चिकित्सा सहायता अनुदान नियम-1986 में किये गये संशोधन अनुसार अब 50 हजार रूपये की अनुदान राशि स्वीकृत की जा सकेगी।  जिनमें से 20 हजार रूपये तक की चिकित्सा सहायता अनुदान राशि स्वीकृत करने के लिए संबंधित जिला कलेक्टर अधिकृत होगें और 20 हजार रूपये से अधिक राशि के  चिकित्सा सहायता अनुदान के प्रकरण संबंधित जिला कलेक्टर द्वारा अनुशंसा सहित स्वीकृति के लिए राज्य शासन को अग्रेसित किया जाएगा। उक्त संशोधन 21 जनवरी 2010 से प्रभावशील हुआ है।

 

ग्राम सभाओं में जनगणना कार्य की जानकारी प्रचारित हो

ग्राम सभाओं में जनगणना कार्य की जानकारी प्रचारित हो

भिण्ड 22 अप्रैल 2010

       कलेक्टर भिण्ड ने जिले के सभी ग्रामों में जनगणना कार्य की जानकारी प्रचारित करने के निर्देश दिये है। इस संबंध में जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, राजस्व निरीक्षकोंट, पटवारियों तथा ग्राम पंचायत के सचिवों को निर्देश दिये गये है कि राष्ट्र व्यापी अभियान के तहत जारी अप्रैल माह से शुरू हुए जनगणना कार्य की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाई जाए। जनगणना कार्य सितम्बर मासांन्त तक जारी रहेगा।

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर तैयार करने के लिए अपेक्षित व्यौरा इस चरण में दर्ज किया जाएगा। जनगणना संबंधी कार्यो का दूसरा चरण 9 फरवरी से 5 मार्च 2011 तक संचालित होगा।  जनगणना अधिनियम 1948 के तहत जनता द्वारा किसी प्रकार की भूल करने पर दण्ड लगाने के लिए अधिनिमय की धारा 11 में प्रावधान किये गये है। जनगणना अधिकारी स्थानीय क्षेत्र की सीमा में सभी व्यक्तियों से ऐसे सभी प्रश्न पूछ सकेगा। जिन्हें पूछने के लिए उसी केन्द्र सरकार द्वारा इस निमित्त जारी और राजपत्र में प्रकाशित किये गये अनुदेशों द्वारा निर्दिष्ट किया गया है। जनगणना अधिनियम 1948 की धारा एक के तहत अपनी सर्वोत्तम जानकारी या विश्वास के अनुसार बैध रूप से उत्तर देने के लिए बाध्य होगा। कोई ऐसा व्यक्ति जो जनगणना कार्यालय में अतिचार करेगा उस पर 1 हजार रूपये का जुर्माना और 3 वर्ष तक कारावास हो सकेगा। कोई भी व्यक्ति परिवार के स्त्री सदस्य का नाम बताने के लिए बाध्य नही होगा। इसीतरह कोई भी स्त्री अपने पति या मृत पति या किसी अन्य व्यक्ति का नाम बताने के लिए बाध्य नही होगा। जिसका नाम बताने के लिए उसे रिवाज द्वारा प्रतिबंधित किया गया हो।

किसी गृह, आहते या अन्य स्थान का उपभोग करने वाला व्यक्ति जनगणना अधिकारियों को प्रवेश करने की आज्ञा देग। जनगणना अधिकारी स्थानीय क्षेत्र में जिसके लिये उसकी नियुक्ति की गई है किसी निवास वाणिज्य संस्थान जनगणना करते समय नियोजित व्यक्तियों के बारे में ऐसे गृह उसके विनिर्दिष्ट भाग के उपभोगी द्वारा उसके ऐसी विशिष्टियाँ जैसी जनगणना आयुक्त निर्दिष्ट करें भरने के प्रयोजन के लिए रख सकेगा या रखवा सकेगा। जब ऐसी अनुसूची रख दी जाएगी तब यथा स्थिति व्यक्ति या संस्थान के सदस्य अपनी सर्वोत्तम जानकारी या विश्वास के अनुसार उसे भरेगें और हस्ताक्षर भी करेगें।

 

खण्ड स्तरीय गरीब सम्मेलन आज गोरमी एवं बगुलरी में

खण्ड स्तरीय गरीब सम्मेलन आज गोरमी एवं बगुलरी में

भिण्ड 22 अप्रैल 2010

       गरीबी रेखा के जीवन यापन करने वाले अनुसूचित जाति एवं जनजाति तथा मनरेगा के जाब कार्ड धारी ऐसे व्यक्ति जो रोजगार मूलक कार्य करना चाहते है उनका खण्ड स्तरीय सम्मेलन 23 अप्रैल को मेहगांव विकास खण्ड के नगर पंचायत गोरमी तथा गोहद जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत के खुर्द के ग्राम बगुलरी में आयोजित किया  गया है।

मेहगांव जनपद पंचायत की नगर पंचायत गोरमी में प्रात:10 बजे से आयोजित गरीब सम्मेलन में कलेक्टर भिण्ड भी उपस्थित रहेगें। गरीब सम्मेलन में बीपीएल परिवार के अजा एवं अजजा वर्ग के कृषकों को उनके खेतों पर मेढ बंधान के लिए प्रेरित किया जाएगा। जबकि मनरेगा के जाब कार्ड धारी परिवारों के सदस्यों को ग्राम पंचायत में संचालित हो रहे श्रमिक मूलक रोजगार कार्यो की जानकारी दी जाकर उन्हें निर्माण कार्य में मजदूरी करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। गरीब सम्मेलन में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से उपस्थित होने की अपील की गई है। चम्बल संभागायुक्त के निर्देशन में निर्माण कार्यो में कार्य करने के लिए मजदूरों को प्रेरित करने के लिए होने वाले इन सम्मेलनों के तहत गोहद विकास खण्ड के ग्राम पंचायत खुर्द के ग्राम बगुलरी में भी गरीब सम्मेलन आयोजित किया गया है।   24 अप्रैल को अटेर ब्लॉक के प्रतापपुरा और भिण्ड ब्लॉक के ग्राम ऊमरी तथा 26 अप्रैल को रौन ब्लॉक के ग्राम बिरखडी एवं लहार ब्लॉक के ग्राम दबोह में गरीब सम्मेलन आयोजित किये गये है।

 

बाल विवाह की रोकथाम कडाई से हो-कलेक्टर

बाल विवाह की रोकथाम कडाई से हो-कलेक्टर

ग्रामों में मुनादी कर प्रचार के निर्देश

भिण्ड 22 अप्रैल 2010

       कलेक्टर भिण्ड ने अक्षय तृतीया 16 मई पर बाल विवाह की रोकथाम कडाई से करने के निर्देश दिए है। इस संबंध में मैदानी राजस्व अमले, पुलिस अधिकारियों, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं सामाज कल्याण विभाग को बाल विवाह की रोकथाम के लिए हर संभव कार्यावाही करने पर जोर दिया गया है। बाल विवाह की रोकथाम के लिए ग्रामों में पटवारी एवं कोटवार के माध्यम से मुनादी कराने, आंगनबाडी कार्यकर्ताओं एवं सुरपरवाईजर को उनके कार्य क्षेत्र में लागू किये गये प्रावधानों का प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिये गये है। जिले के सभी थाने को 16 मई अक्षय तृतीया पर होने वाले संभावित बाल विवाह की रोकथाम के लिए सघन कार्यवाही करने के लिए कहा गया है। कलेक्टर ने जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास को निर्देश दिये है कि प्रत्येक कार्यकर्ता उनके क्षेत्र में होने वाली संभावित शादियों के संबंध में जिला स्तर पर दे। यदि बाल विवाह होने की जानकारी मिलती है तो तत्परता से बाल विवाह को रोके जाने की कार्यवाही की जाए।

बाल विवाह की गोपनीय सूचना दे

       कलेक्टर भिण्ड ने जिले के सभी नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों से अपेक्षा की है कि वे बाल विवाह की रोकथाम के लिए आगे आए। जिले के किसी भी अंचलों में यदि बाल विवाह होना पाया जाता है तो उसकी गोपनीय सूचना जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष 07535-2300223 और 230032 क्रमांक पर देने की सलाह दी गई है।

 

संबिदा शिक्षक के अब में 10 पद रिक्त काउसलिंग का आज अंतिम दिन

संबिदा शिक्षक के अब में 10 पद रिक्त काउसलिंग का आज अंतिम दिन

भिण्ड 22 अप्रैल 2010

       जिला पंचायत भिण्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा बताया गया कि संविदा शाला शिक्षक वर्ग 3 के पदो की पूर्ति के लिए 3 अप्रैल से शुरू की गई काउसलिंग के तहत 21 अप्रैल तक की गई काउसलिंग के बाद केवल 10  पद  तीन जनपद पंचायतों में रिक्त है। काउसलिंग की अंतिम तिथि 23 अप्रैल है। जनपद पंचायत भिण्ड में संबिदा शाला शिक्षक वर्ग 3 के 3, अटेर में 1, मेहगांव में 06 रिक्त है।

 

योजना समिति के ग्रामीण सदस्यों का निर्वाचन आज

योजना समिति के ग्रामीण सदस्यों का निर्वाचन आज

11 सदस्यों के निर्वाचन की कार्यवाही होगी

भिण्ड 22 अप्रैल  2010

       पीठासीन अधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत भिण्ड छोटे सिंह ने बतायाकि जिला पंचायत सभाकक्ष भिण्ड में जिला योजना समिति के 11 सदस्यों के निर्वाचन का सम्मेलन 23 अप्रैल को प्रात:11 बजे से आयोजित किया गया है। 11.15 से 11.45 तक नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत होगें। 11.45 से 12 तक नाम निर्देशन पत्रों की जांच होगी।  12 से 12.30 तक नाम वापसी हो सकेगी।  12.30 से 12.45 तक मतपत्र एवं मत पेटी तैयार की जाएगी। जरूरी होने पर 12.45 से 1.45 तक मतदान प्रक्रिया होगी। मतदान के तत्काल बाद मत गणना एवं परिणाम की घोषणा होगी।

 

7 शस्त्र लायसेंस निलंबित

7 शस्त्र लायसेंस निलंबित

भिण्ड 22 अप्रैल 2010

       जिला दण्डाधिकारी भिण्ड ने पुलिस अधीक्षक से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर जिले के 7 लोगों के शस्त्र लायसेंस को निरस्त किया है। अधिकृत जानकारी में बताया गया कि सतेन्द्र सिंह पुत्र सुरेश सिंह भदौरिया निवासी बिरगंवा थाना मेहगांव, राजवीर सिंह पुत्र बाबूसिंह भदौरिया निवासी बिरगंवा थाना मेहगांव, इन्द्रपाल सिंह पुत्र रन सिंह भदौरिया निवासी अंगदपुरा, प्रेमनारायण पुत्र ब्रजमोहन शर्मा निवासी ग्राम बरहद थाना मेहगांव, दिलीप सिंह उर्फ गोले पुत्र जयकरण सिंह राजावत निवासी असनेट थाना मिहोना, रामआसरे पुत्र सेवाराम शर्मा निवासी बरहद थाना मेहगांव और श्रीमती सुनीता पत्नी ओमप्रकाश शर्मा निवासी सुच्चापुरा के शस्त्र लायसेंस निलंबित किये गये है। निलंबन काल में शस्त्र लायसेंस,शस्त्र एवं एम्यूनेशन जमा रखे जाएगें।

 

वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण की जिला स्तरीय समिति गठित

वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण की जिला स्तरीय समिति गठित

भिण्ड 21 अप्रैल 2010

       कलेक्टर भिण्ड द्वारा माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण तथा कल्याण अधिनियम 2007 के तहत जिला स्तरीय समिति के गठन के आदेश जारी किये गये है। समिति के अध्यक्ष कलेक्टर भिण्ड होगें उप संचालक सामाजिक न्याय सचिव होगें। पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, डा गुलाब सिंह किरार, अध्यक्ष रोटरी क्लब अटल बिहारी टाक,  सचिव रेडक्रास भिण्ड केएल महेश्वरी, गुणाकेश पारासर, बलवीर सिंह शर्मा, मुकेश जैन तथा श्रीमती सीमा शर्मा सदस्य बनाई गई है। उक्त समिति म.प्र.माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों से भरण पोषण तथा कल्याण नियम 2009 के दायित्वों के निर्वहन हेतु अधिसूचित की गई है।

 

संक्रामक रोग से बचाव कम्बेट दल गठित , समस्या मूलक ग्राम चिन्हित करें

संक्रामक रोग से बचाव कम्बेट दल गठित , समस्या मूलक ग्राम चिन्हित करें

भिण्ड 21 अप्रैल 2010

       मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा राकेश शर्मा ने बताया कि ग्रीष्म ऋतु में विभिन्न संक्रामक रोग (आंत्रशोध, पेचिश, दस्त, कॉलरा, पीलिया, मस्तिक ज्वर) तथा महामारियों के फैलने की आशंका रहती है। स्वच्छ जल के अभाव में अधिक सावधानी अपनाने की आवश्यकता होती है। जिसके बचाव हेतु जिले व ब्लॉक स्तर पर काम्बेट टीम का गठन कर सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने अपने क्षेत्र के समस्या मूलक ग्रामों को चिन्हित कर उन पर निगरानी रखे। क्षेत्र में किसी भी प्रकार की बीमारी फैलने पर दूरभाष नम्बर 07534-234074 पर सूचित करें। समस्त मैदानी अमले को निर्देशित किया गया है कि वे अपने अपने क्षेत्र की जनता को शुद्व पेयजल के सेवन हेतु स्वास्थ्य शिक्षा दे, एवं जिन गॉवों में पीने हेतु कुएं के पानी का इस्तेमाल किया जाता है उनमें किलोरीफिकेशन करे एवं ब्लीचिंग पाउडर डलवाए तथा प्रत्येक डिपो होल्डर पर दवाईयॉ सुनिश्चित करे, खासतौर पर डिपो हौल्डर के पास पेरासिटामोल, क्लोरीन गोलियॉ, ब्लीचिंग पाउडर, ओ.आर.एस, क्लोरोक्वीन, एलेवेन्डाजोल इत्यादि दवाईयॉ आवश्यक रूप से उपलब्ध है।

सावधानी बरतकर लू से बचे

       मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा राकेश शर्मा ने आम लोगों से अपील की है कि वे तापमान में हो रही निरंतर वृद्वि के चलते घर से बाहर निकलने से पहले गर्दन के पिछले भाग, कान व सिर को गमछे या तौलिया से ढककर धूप में निकले। रंगीन चश्में का इस्तेमाल करें। ग्रीष्मकाल में सफेद एवं हल्के रंग के एवं ढीले कपडे पहने। अधिक मात्रा में पानी पिये, तथा पेय पदार्थो का अधिक सेवन करे।

लू से पीडित होने पर निम्न उपाय करे

       यदि कोई व्यक्ति लू से पीडित है तो तत्काल प्राथमिक उपचार करे। घर के व्यक्ति रोगी को तुरंत छायादार जगह पर लेटा दे,उसके कपडे ढीले कर  पंखे से हवा करे। यदि व्यक्त्ति लू लगने से बेहोश है तो उसके होश में आने पर उसे ठण्डे पेय पदार्थ, जीवन रक्षक घोल, कच्चा आम का पना पिलाए तथा प्याज का रस या जौ के आटे को ताप नियंत्रण के लिए हल्के हल्के हाथ से मले।

सड़े-गले एवं कटे फल नही खरीदे

       मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा शर्मा ने लोगो को सलाह दी है कि सडे एंव गले तथा कटे हुये फल नही खरीदे। ऐसे फलों में उनमें धूल के साथ बीमारी फैलाने वाले कीटाणुओं के प्रवेश करने का खतरा रहता है। यह कीटाणु बच्चों एवं परिवार के सदस्यों में बीमारी फैलाते है।

       उप संचालक खाद्य एवं औषधिक प्रशासन डा शर्मा ने भिण्ड जिले के खाद्य निरीक्षकों को निर्देशित किया है कि वे दूध एवं दूध से बने खाद्य पदार्थो की सैम्पिलंग करे जिससे मिलावटी बस्तुओं के विक्रय पर अकुश लगाया जा सके।  

 

कृषि स्थाई समिति की बैठक 26 को

कृषि स्थाई समिति की बैठक 26 को

भिण्ड 21 अप्रैल 2010

       जिला पंचायत भिण्ड की कृषि स्थाई समिति की बैठक 26 अप्रैल को जिला पंचायत के सभाकक्ष में दोपहर 2 बजे से आयोजित की गई है। बैठक में वर्ष 2009-10 में कृषि विभाग द्वारा संचालित योजना अन्तर्गत प्राप्त आवंटन एवं व्यय भूमि संरक्षण विभाग द्वारा गत वित्तीय वर्ष में कराये गये निर्माण कार्य की विकास खण्ड के ग्राम वार कृषक सूची की जानकारी सदस्यों को दी जाएगी। बैठक राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अन्तर्गत उद्यान विभाग को वर्ष 2009-10 में प्राप्त आवंटन एवं व्यय तथा लाभान्वित कृषक की जानकारी पर चर्चा होगी।